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Hapur News: मोहर्रम के साथ ही इस्लामिक नववर्ष की शुरुआत
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हापुड़। मोहर्रम का चांद दिखने के बाद बुधवार से इस्लामिक नववर्ष की शुरूआत हो चुकी है। इसके साथ ही शहर के इमामबाड़े में मजलिस का दौर शुरू हो गया है। मजलिस में कर्बला में हुए जुल्म की दास्तां बयां की गई, जिससे लोगों की आंखें नम हो गईं। शिया समुदाय में अगले दस दिनों तक मजलिस और मातम का दौर जारी रहेगा।
किला कोना स्थित इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस में मोलाना अली रिजवी ने कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों पर हुए जुल्म दास्तां बयां की गई, जिसे सुनकर तमाम लोगों की आंखें नम हो गई। शिया मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद राशिद हुसैन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष हजरत मोहम्मद साहब के शहीद नवासे हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद में पारंपरिक तरीके से मोहर्रम मनाया जाता है।
मोहर्रम के दिन शिया समुदाय के लिए गम व शोक के दिन होते हैं। हजरत इमाम हुसैन की शहादत व कुर्बानी की याद में गम मनाया जाता है और अन्याय, जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती है।
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26 जून तक इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया जाएगा, जिसके हजरत इमाम हुसैन के जिंदगी पर रोशनी डाली जाएगी। 20 जून से 27 जून के बीच अलग अलग तिथियों में अलम जुलजना, ताजिये का जुलूस भी निकाला जाएगा। इसमें सोगवार सीना जनी कर हजरत इमाम हुसैन को खिराज ए अकीदत पेश करेंगे। इसके लिए भी तैयारी शुरू हो चुकी है।
इस मौके पर फैजल हुसैन, बादशाह आलम, जरगाम हैदर, हाजी मोहम्मद अली, वसीम हैदर, अबरार हुसैन आदि मौजूद रहे।
किला कोना स्थित इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस में मोलाना अली रिजवी ने कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों पर हुए जुल्म दास्तां बयां की गई, जिसे सुनकर तमाम लोगों की आंखें नम हो गई। शिया मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद राशिद हुसैन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष हजरत मोहम्मद साहब के शहीद नवासे हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद में पारंपरिक तरीके से मोहर्रम मनाया जाता है।
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मोहर्रम के दिन शिया समुदाय के लिए गम व शोक के दिन होते हैं। हजरत इमाम हुसैन की शहादत व कुर्बानी की याद में गम मनाया जाता है और अन्याय, जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती है।
26 जून तक इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया जाएगा, जिसके हजरत इमाम हुसैन के जिंदगी पर रोशनी डाली जाएगी। 20 जून से 27 जून के बीच अलग अलग तिथियों में अलम जुलजना, ताजिये का जुलूस भी निकाला जाएगा। इसमें सोगवार सीना जनी कर हजरत इमाम हुसैन को खिराज ए अकीदत पेश करेंगे। इसके लिए भी तैयारी शुरू हो चुकी है।
इस मौके पर फैजल हुसैन, बादशाह आलम, जरगाम हैदर, हाजी मोहम्मद अली, वसीम हैदर, अबरार हुसैन आदि मौजूद रहे।