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Hapur News: जिलेभर में एक साथ 22 और 23 जून को होगी सारस गणना
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हापुड़। जिले में सारस गणना 22 और 23 जून को एक साथ कराई जाएगी। इसमें वन विभाग के कर्मचारियों के अलावा स्वयंसेवी संस्थाएं, शिक्षण संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। इस वर्ष जनवरी माह में हुई गणना के दौरान जिले में दो सारस पाए गए थे।
राजकीय पक्षी सारस की गणना हर साल दो बार की जाती है। ग्रीष्मकालीन गणना जून में होती है, जो इस बार 22 और 23 जून को होगी। इसके लिए सारस की उपलब्धता वाले स्थलों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है। सारस ज्यादातर नम भूमि वाले खेतों, तालाबों के अलावा वेटलैंड और झीलों के किनारे पाए जाते हैं।
इनका घोंसला छिछले पानी के पास झाड़ियों और घास में पाया जाता है। सारस आमतौर पर दो से पांच के समूह में रहते हैं। इनकी संख्या न बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खेतों में बड़ी मात्रा में कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल है। इसकी वजह से अनाज और पानी विषैला हो रहा है, जो सारसों की वृद्धि में बाधक है।
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डीएफओ गौतम सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में एक साथ सारस की गणना कराई जाएगी। गणना की रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव ) लखनऊ को भेजी जाएगी। उन्होंने प्रबुद्धजनों और आम लोगों से अपील की है कि कहीं भी उन्हें सारस दिखें तो वे वन विभाग को सूचित करें कि वहां कितने सारस मौजूद हैं। पुष्टि करने के बाद उन सारस को भी गणना में शामिल कर लिया जाएगा।
राजकीय पक्षी सारस की गणना हर साल दो बार की जाती है। ग्रीष्मकालीन गणना जून में होती है, जो इस बार 22 और 23 जून को होगी। इसके लिए सारस की उपलब्धता वाले स्थलों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है। सारस ज्यादातर नम भूमि वाले खेतों, तालाबों के अलावा वेटलैंड और झीलों के किनारे पाए जाते हैं।
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इनका घोंसला छिछले पानी के पास झाड़ियों और घास में पाया जाता है। सारस आमतौर पर दो से पांच के समूह में रहते हैं। इनकी संख्या न बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खेतों में बड़ी मात्रा में कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल है। इसकी वजह से अनाज और पानी विषैला हो रहा है, जो सारसों की वृद्धि में बाधक है।
डीएफओ गौतम सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में एक साथ सारस की गणना कराई जाएगी। गणना की रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव ) लखनऊ को भेजी जाएगी। उन्होंने प्रबुद्धजनों और आम लोगों से अपील की है कि कहीं भी उन्हें सारस दिखें तो वे वन विभाग को सूचित करें कि वहां कितने सारस मौजूद हैं। पुष्टि करने के बाद उन सारस को भी गणना में शामिल कर लिया जाएगा।