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Hardoi News: प्रदेश के 69 जनपदों की 1,612 ग्राम पंचायतों ने गेटवे के बाहर से किया 32.97 करोड़ का भुगतान
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हरदोई। ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार कार्रवाई से भी सबक नहीं ले रहे हैं। अनिवार्यता के बाद भी गेटवे पोर्टल के बाहर से प्रदेश के 69 जनपदों की 1,612 ग्राम पंचायतों ने करीब 32.97 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। यह भुगतान नवंबर माह में किया गया है। पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने ऑनलाइन समीक्षा में भुगतान में गड़बड़ी पकड़ी है।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये मिलते हैं। ई-ग्राम स्वराज वेबसाइट पर ग्राम पंचायतों की तरफ से कार्ययोजना फीड कराई जाती हैं। कार्ययोजना में शामिल कामों को प्राथमिकता के अनुसार पर कराते हुए गेटवे पोर्टल से ही भुगतान की अनिवार्यता है। गेटवे पोर्टल के बाहर से किए जाने वाले भुगतान को पोर्टल पर नो मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किया जाता है।
निदेशक ने ई-ग्राम स्वराज वेबसाइट की कार्ययोजना, कराए गए काम और खरीदारी के साथ ही किए गए भुगतान की समीक्षा में 69 जनपदों में गड़बड़ी पकड़ी है। उन्होंने संबंधित जिलों के डीपीआरओ से कहा कि गड़बड़ी के लिए दोषी पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी पंचायत सहित संबंधित अन्य कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करें। इसकी जानकारी निदेशालय को भी प्राप्त कराई जाए।
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इन जनपदों में गेटवे के बाहर से किए गए भुगतान पर एक नजर
पंचायतीराज विभाग के निदेशक की तरफ से गेटवे के बाहर से नवंबर माह में किए गए भुगतान के लिए चिह्नित 1,612 ग्राम पंचायतों वाले 69 जनपदों की सूची जारी की गई है। इसमें बाराबंकी की 91 ग्राम पंचायतों ने 2,03,71,655 रुपये, कुशीनगर की 83 ने 1,99,15,341 रुपये, आजमगढ़ की 71 ने 1,32,19,632 रुपये, प्रयागराज की 67 ने 1,31,53,104 रुपये, अंबेडकर नगर की 59 ने 84,54,842 रुपये, पीलीभीत की 59 ने 1,05,62,065 रुपये, हरदोई की 54 ने 1,49,71,872 रुपये, बस्ती की 51 ने 86,38,628 रुपये, सहारनपुर की 51 ने 1,29,94,394 रुपये, रायबरेली की 50 ने 1,29,53,639 रुपये, कन्नौज की 43 ने 1,14,64,549 रुपये गेटवे पोर्टल से हटकर भुगतान किया।
इसके साथ ही फतेहपुर की 42 ने 85,69,786 रुपये, मथुरा की 41 ने 1,47,15,056 रुपये, गोरखपुर की 40 ने 68,70,119 रुपये, लखनऊ की 38 ने 39,62,831 रुपये, सिद्धार्थनगर की 38 ने 86,70,119 रुपये, सीतापुर की 38 ने 66,66,906 रुपये, अलीगढ़ की 35 ने 72,83,297 रुपये, जौनपुर की 35 ने 63,69801 रुपये, मऊ की 34 ने 49,77,143 रुपये, बराईच की 30 ने 57,60,127 रुपये, वाराणसी की 28 ने 33,09,170 रुपये, आगरा की 25 ने 1,16,59,105 रुपये, जालौन की 25 ने 39,49,690 रुपये, शामली की 25 ने 72,79,131 रुपये, कानपुर नगर की 24 ने 34,34,675 रुपये, सुल्तानपुर की 24 ने 43,60,673 रुपये, कासगंज की 23 ने 35,11,054 रुपये, प्रतापगढ़ की 23 ने 32,59,139 रुपये, मेरठ की 21 ने 66,35,578 रुपये, शाहजहांपुर की 21 ने 43,18,829 रुपये, कौशांबी की 19 ने 34,60,040 रुपये, बरेली की 17 ने 28,45,406 रुपये, उन्नाव की 17 ने 33,50,271 रुपये, फर्रुखाबाद की 16 ने 29,83,429 रुपये, फिरोजाबाद की 16 ने 53,37,859 रुपये, गोंडा की 16 ने 33,53,915 रुपये, सोनभद्र की 16 ने 19,80,699 रुपये गेटवे पोर्टल से हटकर भुगतान किया गया।
साथ ही चित्रकूट की 15 ने 18,13,965 रुपये, संतकबीर नगर की 13 ने 19,50,822 रुपये, मिर्जापुर की 12 ने 26,61,216 रुपये, बुलंदशहर की 11 ने 21,86,728 रुपये, अयोध्या की 10 ने 21,73,762 रुपये, चंदौली की 10 ने 7,32,706 रुपये, गाजीपुर की 10 ने 23,55,441 रुपये, लखीमपुर खीरी की 10 ने 28,15, 331 रुपये, श्रावास्ती की 10 ने 22,91,618 रुपये, बलिया की नौ ग्राम पंचायत ने 9,75,765 रुपये, बदायूं की आठ ने 12,71,541 रुपये, एटा की आठ ने 25,81,025 रुपये, इटावा की आठ ने 4,33,759 रुपये, बागपत की सात ने 24,40,380 रुपये, ललितपुर की सात ने 16,55,371 रुपये, कानपुर देहात की छह ने 4,73,857 रुपये, संभल की छह ने 8,16,258 रुपये, अमेठी की पांच ने 4,83,949 रुपये और बांदा की पांच ग्राम ने 7,14,202 रुपये गेटवे पोर्टल से हटकर भुगतान किया गया है।
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54 ग्राम पंचायतों ने गेटवे के बाहर से किया 1.49 करोड़ रुपये का भुगतान
-632 ट्रांजेक्शन के माध्यम से फर्म और अन्य मद में दिए रुपये
ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को अब कार्रवाई का भी भय नहीं सता रहा है। गांवों में कराए जाने वाले काम और खरीदारी के लिए वह गेटवे पोर्टल की अनदेखी कर भुगतान कर रहे हैं। नवंबर माह में किए गए भुगतान में 632 भुगतान ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिन्हें पंचायत सचिवों ने गेटवे पोर्टल के बाहर से किया है। 54 ग्राम पंचायतों में गेटवे के बाहर से करीब 1,49,71,872 रुपये का भुगतान किया गया है।
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इन ग्राम पंचायतों ने गेटवे के बाहर से किया भुगतान :
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पहले से फीड कार्ययोजना पर कराए गए काम के सापेक्ष किए गए भुगतान में इन ग्राम पंचायतों ने गेटवे पोर्टल के बाहर से भुगतान किया है। इसमें विकास खंड अहिरोरी की गोपार, भरावन की छावन, कटका कटकी, कौड़िया, बम्हनौआ पेंग, इटौंजा शिवपुरी, सागरी गढ़ी, बिलग्राम की हैबतपुर, मितमितपुर, हरपालपुर की धमरपुर, चाऊंपुर, बड़ागांव, सरेसर, कछौना की गौरी खासला, महरी, पतसेनी देहात, बिलौनी शाहदीन, समसपुर, सुठेना, गौहानी, निर्मलपुर, दीननगर, बाण, कामीपुर, भानपुर, कमालपुर, कोथावा की रायपुर, चपरतला, महुआकोला, जरौआ, सांडी की उमरौली हैदर, नयागांव, सुरसा की पेंग, पहुंतेरा, टड़ियावां पाटकुआं, कुआमऊ सिमरौली, सिकंदरपुर, निंबुआई, जपरा, काकूमऊ, कोटरा, जयराजपुर, टड़ियावां, सिकरोहरी, बड़ागांव, भरिगवां अहिरापुर, भौता कमालपुर, दानियालगंज, लिलवल, खेरवा दलौली, हरिहरपुर, टोडरपुर की करावां शामिल हैं।
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गेटवे के बाहर से भुगतान न किए जाने के लिए चिह्नित होने वाली पंचायतों के पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की जा रही है। नवंबर माह में भी गेटवे के बाहर से भुगतान किए जाने की जानकारी है। निदेशक ने पंचायत सचिवों और एडीओ पंचायत पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जल्द ही ग्राम पंचायतों की सूची का परीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट निदेशक को भी भेजी जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पंचायतीराज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये मिलते हैं। ई-ग्राम स्वराज वेबसाइट पर ग्राम पंचायतों की तरफ से कार्ययोजना फीड कराई जाती हैं। कार्ययोजना में शामिल कामों को प्राथमिकता के अनुसार पर कराते हुए गेटवे पोर्टल से ही भुगतान की अनिवार्यता है। गेटवे पोर्टल के बाहर से किए जाने वाले भुगतान को पोर्टल पर नो मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किया जाता है।
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निदेशक ने ई-ग्राम स्वराज वेबसाइट की कार्ययोजना, कराए गए काम और खरीदारी के साथ ही किए गए भुगतान की समीक्षा में 69 जनपदों में गड़बड़ी पकड़ी है। उन्होंने संबंधित जिलों के डीपीआरओ से कहा कि गड़बड़ी के लिए दोषी पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी पंचायत सहित संबंधित अन्य कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करें। इसकी जानकारी निदेशालय को भी प्राप्त कराई जाए।
इन जनपदों में गेटवे के बाहर से किए गए भुगतान पर एक नजर
पंचायतीराज विभाग के निदेशक की तरफ से गेटवे के बाहर से नवंबर माह में किए गए भुगतान के लिए चिह्नित 1,612 ग्राम पंचायतों वाले 69 जनपदों की सूची जारी की गई है। इसमें बाराबंकी की 91 ग्राम पंचायतों ने 2,03,71,655 रुपये, कुशीनगर की 83 ने 1,99,15,341 रुपये, आजमगढ़ की 71 ने 1,32,19,632 रुपये, प्रयागराज की 67 ने 1,31,53,104 रुपये, अंबेडकर नगर की 59 ने 84,54,842 रुपये, पीलीभीत की 59 ने 1,05,62,065 रुपये, हरदोई की 54 ने 1,49,71,872 रुपये, बस्ती की 51 ने 86,38,628 रुपये, सहारनपुर की 51 ने 1,29,94,394 रुपये, रायबरेली की 50 ने 1,29,53,639 रुपये, कन्नौज की 43 ने 1,14,64,549 रुपये गेटवे पोर्टल से हटकर भुगतान किया।
इसके साथ ही फतेहपुर की 42 ने 85,69,786 रुपये, मथुरा की 41 ने 1,47,15,056 रुपये, गोरखपुर की 40 ने 68,70,119 रुपये, लखनऊ की 38 ने 39,62,831 रुपये, सिद्धार्थनगर की 38 ने 86,70,119 रुपये, सीतापुर की 38 ने 66,66,906 रुपये, अलीगढ़ की 35 ने 72,83,297 रुपये, जौनपुर की 35 ने 63,69801 रुपये, मऊ की 34 ने 49,77,143 रुपये, बराईच की 30 ने 57,60,127 रुपये, वाराणसी की 28 ने 33,09,170 रुपये, आगरा की 25 ने 1,16,59,105 रुपये, जालौन की 25 ने 39,49,690 रुपये, शामली की 25 ने 72,79,131 रुपये, कानपुर नगर की 24 ने 34,34,675 रुपये, सुल्तानपुर की 24 ने 43,60,673 रुपये, कासगंज की 23 ने 35,11,054 रुपये, प्रतापगढ़ की 23 ने 32,59,139 रुपये, मेरठ की 21 ने 66,35,578 रुपये, शाहजहांपुर की 21 ने 43,18,829 रुपये, कौशांबी की 19 ने 34,60,040 रुपये, बरेली की 17 ने 28,45,406 रुपये, उन्नाव की 17 ने 33,50,271 रुपये, फर्रुखाबाद की 16 ने 29,83,429 रुपये, फिरोजाबाद की 16 ने 53,37,859 रुपये, गोंडा की 16 ने 33,53,915 रुपये, सोनभद्र की 16 ने 19,80,699 रुपये गेटवे पोर्टल से हटकर भुगतान किया गया।
साथ ही चित्रकूट की 15 ने 18,13,965 रुपये, संतकबीर नगर की 13 ने 19,50,822 रुपये, मिर्जापुर की 12 ने 26,61,216 रुपये, बुलंदशहर की 11 ने 21,86,728 रुपये, अयोध्या की 10 ने 21,73,762 रुपये, चंदौली की 10 ने 7,32,706 रुपये, गाजीपुर की 10 ने 23,55,441 रुपये, लखीमपुर खीरी की 10 ने 28,15, 331 रुपये, श्रावास्ती की 10 ने 22,91,618 रुपये, बलिया की नौ ग्राम पंचायत ने 9,75,765 रुपये, बदायूं की आठ ने 12,71,541 रुपये, एटा की आठ ने 25,81,025 रुपये, इटावा की आठ ने 4,33,759 रुपये, बागपत की सात ने 24,40,380 रुपये, ललितपुर की सात ने 16,55,371 रुपये, कानपुर देहात की छह ने 4,73,857 रुपये, संभल की छह ने 8,16,258 रुपये, अमेठी की पांच ने 4,83,949 रुपये और बांदा की पांच ग्राम ने 7,14,202 रुपये गेटवे पोर्टल से हटकर भुगतान किया गया है।
54 ग्राम पंचायतों ने गेटवे के बाहर से किया 1.49 करोड़ रुपये का भुगतान
-632 ट्रांजेक्शन के माध्यम से फर्म और अन्य मद में दिए रुपये
ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को अब कार्रवाई का भी भय नहीं सता रहा है। गांवों में कराए जाने वाले काम और खरीदारी के लिए वह गेटवे पोर्टल की अनदेखी कर भुगतान कर रहे हैं। नवंबर माह में किए गए भुगतान में 632 भुगतान ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिन्हें पंचायत सचिवों ने गेटवे पोर्टल के बाहर से किया है। 54 ग्राम पंचायतों में गेटवे के बाहर से करीब 1,49,71,872 रुपये का भुगतान किया गया है।
इन ग्राम पंचायतों ने गेटवे के बाहर से किया भुगतान :
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पहले से फीड कार्ययोजना पर कराए गए काम के सापेक्ष किए गए भुगतान में इन ग्राम पंचायतों ने गेटवे पोर्टल के बाहर से भुगतान किया है। इसमें विकास खंड अहिरोरी की गोपार, भरावन की छावन, कटका कटकी, कौड़िया, बम्हनौआ पेंग, इटौंजा शिवपुरी, सागरी गढ़ी, बिलग्राम की हैबतपुर, मितमितपुर, हरपालपुर की धमरपुर, चाऊंपुर, बड़ागांव, सरेसर, कछौना की गौरी खासला, महरी, पतसेनी देहात, बिलौनी शाहदीन, समसपुर, सुठेना, गौहानी, निर्मलपुर, दीननगर, बाण, कामीपुर, भानपुर, कमालपुर, कोथावा की रायपुर, चपरतला, महुआकोला, जरौआ, सांडी की उमरौली हैदर, नयागांव, सुरसा की पेंग, पहुंतेरा, टड़ियावां पाटकुआं, कुआमऊ सिमरौली, सिकंदरपुर, निंबुआई, जपरा, काकूमऊ, कोटरा, जयराजपुर, टड़ियावां, सिकरोहरी, बड़ागांव, भरिगवां अहिरापुर, भौता कमालपुर, दानियालगंज, लिलवल, खेरवा दलौली, हरिहरपुर, टोडरपुर की करावां शामिल हैं।
गेटवे के बाहर से भुगतान न किए जाने के लिए चिह्नित होने वाली पंचायतों के पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की जा रही है। नवंबर माह में भी गेटवे के बाहर से भुगतान किए जाने की जानकारी है। निदेशक ने पंचायत सचिवों और एडीओ पंचायत पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जल्द ही ग्राम पंचायतों की सूची का परीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट निदेशक को भी भेजी जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी