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Hardoi News: स्कूल की छत पर पाथे जा रहे उपले, गंदगी में खुलेंगे स्कूल
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फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद
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हरदोई। गर्मियों की छुट्टी में परिषदीय स्कूलों में गंदगी के ढेर लग गए। स्कूल की छतों को उपले पाथने के काम में लाया जा रहा है। स्कूलों में झाड़ियां और घास उग आई हैं। गेट पर अतिक्रमण और झाड़ियों से होकर शिक्षक और विद्यार्थी स्कूल तक पहुंच सकेंगे।
परिषदीय स्कूलों को कॉन्वेंट की भांति बनाए जाने के प्रयास पर कुछ विद्यालयों की दशा और दिशा दाग लगा रही है। गर्मियों के अवकाश के बाद शिक्षकों के लिए आज मंगलवार से स्कूल खुल जाएंगे। हालांकि विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया गया है। इस सब के बावजूद आज से खुलने वाले स्कूलों में एक दिन पहले सोमवार को नाममात्र के लिए ही तैयारी, व्यवस्थाओं को जुटा गया। स्कूल खुलने से पहले स्कूलों की दशा-दिशा की पड़ताल में परिषदीय स्कूलों की साफ-सफाई, व्यवस्था और लोगों की तरफ से किए जाने वाले स्कूलों के उपयोग का सच सामने आया है।
विकास खंड सांडी के बेहथर प्राथमिक स्कूल के गेट पर ताला लगा है लेकिन इसकी छत पर उपले पाथे जा रहे हैं। छत पर उपलों का ढेर भी लगा है। गोबर से बनाए जाने वाले उपलों के कारण विद्यालय परिसर में गंदगी फैली है। गेट पर ताला लगा होने से स्पष्ट हो गया है कि अभी कोई तैयारी नहीं की गई है। पिहानी क्षेत्र के मानिकपुर प्राथमिक विद्यालय में झाड़ियां उग आई हैं। परिसर में गंदगी भी है।
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टड़ियावां क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में ताले लटके मिले। इससे स्पष्ट है कि स्कूल खुलने से पहले न तो साफ-सफाई कराई गई न ही कोई व्यवस्था जुटाई गई। स्कूलों में ताले न खुलने से सफाईकर्मियों को भी काम न करने का मौका मिल गया। ऐसे ही बावन के जोगीपुर में सफाईकर्मियों के न आने पर प्रधानाध्यापक ने रसोइयों के माध्यम से परिसर की घास और झाड़ियों को साफ कराया। अलीनगर स्कूल में ताला लटकता मिला, रैंप क्षतिग्रस्त है और परिसर में घास उगी है।
इस सत्र में भी जर्जर और हाइटेंशन लाइन के नीचे होगी पढ़ाई
परिषदीय स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों-शिक्षकों की सुरक्षा और हादसों से बचाव के उद्देश्य से स्कूल भवनों को तकनीकी समिति से जांच कराकर जर्जर श्रेणी में चिह्नित किया गया है। वैसे तो कई विद्यालय जर्जर श्रेणी में चिह्नित किए गए थे इसमें कई स्कूल भवनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने पर ढहवा दिए गए। कुछ एक स्कूल भवनों की नीलामी न होने से भवन खड़े हुए हैं।
विकास खंड संडीला की ग्राम पंचायत गोसवा-डोंगा में पीएम श्री कंपोजिट स्कूल बाहर से रंग-रोगन होने से बहुत अच्छा दिख रहा है। समिति ने इस विद्यालय के भी चार कक्षों को जर्जर श्रेणी में चिह्नित किया है। बताया कि कक्षा कक्षों की नीलामी न होने से इस सत्र में भी इन कक्षों में कक्षा संचालित कराई जा सकती है। ऐसे ही विकास खंड सांडी के प्राथमिक विद्यालय करनपुर के परिसर से हाइटेंशन लाइन गुजरी है। यहां नवीन भवन बनाया जा रहा है। यह भवन छत स्तर तक बनकर तैयार है लेकिन हाइटेंशन लाइन के तार न हटवाए जाने से छत नहीं पड़ सकी है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को इस सत्र में भी विद्यालय के अंदर हाइटेंशन लाइन का खतरा बना रहेगा।
स्कूल तो दूर बीईओ कार्यालय पर लटका मिला ताला
स्कूलों में तो गर्मियों की छुट्टी हैं लेकिन खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में भी अवकाश मनाया जा रहा है। टड़ियावां स्थित बीईओ कार्यालय पर सोमवार सुबह 10.10 बजे तक ताला लटका मिला। कार्यालय में झाड़ियों और गंदगी ने डेरा जमा रखा है। कार्यालय को हाईटेक और सुंदर बनाए जाने के प्रयास तक नहीं दिखाई दिए।
गांवों में तैनात सफाईकर्मियों को सार्वजनिक उपयोग के भवनों की नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गई है। सरकारी स्कूल भवनों की सुबह ही सफाई करने के आदेश दिए गए जबकि गांव में रोस्टर के हिसाब से सफाई की जानी है। स्कूल खुलने की जानकारी वाली ग्राम पंचायतों में सफाईकर्मियों ने स्कूल में सफाई कराई है जबकि ताला बंद वाले स्कूलों में काम नहीं हो सका है। सभी एडीओ से कहा गया है कि प्राथमिकता पर स्कूलों की साफ-सफाई कराएं। -श्रेया उपाध्याय, डीपीआरओ
परिषदीय स्कूलों को कॉन्वेंट की भांति बनाए जाने के प्रयास पर कुछ विद्यालयों की दशा और दिशा दाग लगा रही है। गर्मियों के अवकाश के बाद शिक्षकों के लिए आज मंगलवार से स्कूल खुल जाएंगे। हालांकि विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया गया है। इस सब के बावजूद आज से खुलने वाले स्कूलों में एक दिन पहले सोमवार को नाममात्र के लिए ही तैयारी, व्यवस्थाओं को जुटा गया। स्कूल खुलने से पहले स्कूलों की दशा-दिशा की पड़ताल में परिषदीय स्कूलों की साफ-सफाई, व्यवस्था और लोगों की तरफ से किए जाने वाले स्कूलों के उपयोग का सच सामने आया है।
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विकास खंड सांडी के बेहथर प्राथमिक स्कूल के गेट पर ताला लगा है लेकिन इसकी छत पर उपले पाथे जा रहे हैं। छत पर उपलों का ढेर भी लगा है। गोबर से बनाए जाने वाले उपलों के कारण विद्यालय परिसर में गंदगी फैली है। गेट पर ताला लगा होने से स्पष्ट हो गया है कि अभी कोई तैयारी नहीं की गई है। पिहानी क्षेत्र के मानिकपुर प्राथमिक विद्यालय में झाड़ियां उग आई हैं। परिसर में गंदगी भी है।
टड़ियावां क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में ताले लटके मिले। इससे स्पष्ट है कि स्कूल खुलने से पहले न तो साफ-सफाई कराई गई न ही कोई व्यवस्था जुटाई गई। स्कूलों में ताले न खुलने से सफाईकर्मियों को भी काम न करने का मौका मिल गया। ऐसे ही बावन के जोगीपुर में सफाईकर्मियों के न आने पर प्रधानाध्यापक ने रसोइयों के माध्यम से परिसर की घास और झाड़ियों को साफ कराया। अलीनगर स्कूल में ताला लटकता मिला, रैंप क्षतिग्रस्त है और परिसर में घास उगी है।
इस सत्र में भी जर्जर और हाइटेंशन लाइन के नीचे होगी पढ़ाई
परिषदीय स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों-शिक्षकों की सुरक्षा और हादसों से बचाव के उद्देश्य से स्कूल भवनों को तकनीकी समिति से जांच कराकर जर्जर श्रेणी में चिह्नित किया गया है। वैसे तो कई विद्यालय जर्जर श्रेणी में चिह्नित किए गए थे इसमें कई स्कूल भवनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने पर ढहवा दिए गए। कुछ एक स्कूल भवनों की नीलामी न होने से भवन खड़े हुए हैं।
विकास खंड संडीला की ग्राम पंचायत गोसवा-डोंगा में पीएम श्री कंपोजिट स्कूल बाहर से रंग-रोगन होने से बहुत अच्छा दिख रहा है। समिति ने इस विद्यालय के भी चार कक्षों को जर्जर श्रेणी में चिह्नित किया है। बताया कि कक्षा कक्षों की नीलामी न होने से इस सत्र में भी इन कक्षों में कक्षा संचालित कराई जा सकती है। ऐसे ही विकास खंड सांडी के प्राथमिक विद्यालय करनपुर के परिसर से हाइटेंशन लाइन गुजरी है। यहां नवीन भवन बनाया जा रहा है। यह भवन छत स्तर तक बनकर तैयार है लेकिन हाइटेंशन लाइन के तार न हटवाए जाने से छत नहीं पड़ सकी है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को इस सत्र में भी विद्यालय के अंदर हाइटेंशन लाइन का खतरा बना रहेगा।
स्कूल तो दूर बीईओ कार्यालय पर लटका मिला ताला
स्कूलों में तो गर्मियों की छुट्टी हैं लेकिन खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में भी अवकाश मनाया जा रहा है। टड़ियावां स्थित बीईओ कार्यालय पर सोमवार सुबह 10.10 बजे तक ताला लटका मिला। कार्यालय में झाड़ियों और गंदगी ने डेरा जमा रखा है। कार्यालय को हाईटेक और सुंदर बनाए जाने के प्रयास तक नहीं दिखाई दिए।
गांवों में तैनात सफाईकर्मियों को सार्वजनिक उपयोग के भवनों की नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गई है। सरकारी स्कूल भवनों की सुबह ही सफाई करने के आदेश दिए गए जबकि गांव में रोस्टर के हिसाब से सफाई की जानी है। स्कूल खुलने की जानकारी वाली ग्राम पंचायतों में सफाईकर्मियों ने स्कूल में सफाई कराई है जबकि ताला बंद वाले स्कूलों में काम नहीं हो सका है। सभी एडीओ से कहा गया है कि प्राथमिकता पर स्कूलों की साफ-सफाई कराएं। -श्रेया उपाध्याय, डीपीआरओ

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद

फोटो 18: सांडी के बेहथर स्कूल की छत पाथे गए उपले और उपलों का लगा ढेर। संवाद