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Hardoi News: डग्गामारों के दबदबे से रोडवेज को नहीं मिल रही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बस
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फोटो-15- रोडवेज बस स्टेशन की इमारत। संवाद
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हरदोई। ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम यातायात का सपना फिलहाल डग्गामार वाहनों के शोर में दबा नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत रोडवेज की अनुबंधित बसें चलाने की योजना अभी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। परिवहन निगम की ओर से आवेदन मांगे जाने के बावजूद अब तक सिर्फ एक आवेदन प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर, डग्गामार वाहनों के दबदबे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री मनमाना किराया देने और जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण इलाकों में सरकारी बसों की भारी कमी है। इसका फायदा डग्गामार वाहन संचालक उठा रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी जाती हैं जिससे लोग छतों पर या पीछे लटककर सफर करने को विवश हैं। डग्गामार चालक न केवल सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को सहूलियत देने के लिए परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत की है।
इसके अंतर्गत 15 सौ रुपये के मासिक शुल्क पर बस ऑपरेटर अपना वाहन चला सकता है। आवेदन के दौरान बस ऑपरेटर को 2000 रुपये देने होंगे और 5000 रुपये प्रति वाहन सिक्योरिटी राशि जमा की जाएगी। बता दें कि निगम ने यह योजना तो शुरू कर दी है लेकिन जिले के मोटर एसोसिएशन ने इसमें खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। यही वजह है कि अभी तक सिर्फ एक आवेदन आया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि योजना के अंतर्गत 28 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे। एक बस ब्लॉक मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्र और वहां से तहसील स्तर तक जाएगी।
मुनाफे के गणित में उलझे मोटर एसोसिएशन
इस योजना के प्रति स्थानीय मोटर एसोसिएशन ने फिलहाल दूरी बना रखी है। एसोसिएशन का तर्क है कि वे पहले योजना के नियमों और शर्तों को बारीकी से समझना चाहते हैं। हरदोई मोटर एसोसिएशन अध्यक्ष समीर अग्रवाल ने कहा कि वह लोग पहले इस योजना के लाभ और संचालन की प्रक्रिया को सही ढंग से समझना चाहते हैं। हमारी कुछ बसें पहले से ही अनुबंध पर चल भी रही हैं। ऐसे में पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही इसमें निवेश का निर्णय लिया जाएगा।
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ग्रामीण इलाकों में सरकारी बसों की भारी कमी है। इसका फायदा डग्गामार वाहन संचालक उठा रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी जाती हैं जिससे लोग छतों पर या पीछे लटककर सफर करने को विवश हैं। डग्गामार चालक न केवल सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को सहूलियत देने के लिए परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत की है।
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इसके अंतर्गत 15 सौ रुपये के मासिक शुल्क पर बस ऑपरेटर अपना वाहन चला सकता है। आवेदन के दौरान बस ऑपरेटर को 2000 रुपये देने होंगे और 5000 रुपये प्रति वाहन सिक्योरिटी राशि जमा की जाएगी। बता दें कि निगम ने यह योजना तो शुरू कर दी है लेकिन जिले के मोटर एसोसिएशन ने इसमें खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। यही वजह है कि अभी तक सिर्फ एक आवेदन आया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि योजना के अंतर्गत 28 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे। एक बस ब्लॉक मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्र और वहां से तहसील स्तर तक जाएगी।
मुनाफे के गणित में उलझे मोटर एसोसिएशन
इस योजना के प्रति स्थानीय मोटर एसोसिएशन ने फिलहाल दूरी बना रखी है। एसोसिएशन का तर्क है कि वे पहले योजना के नियमों और शर्तों को बारीकी से समझना चाहते हैं। हरदोई मोटर एसोसिएशन अध्यक्ष समीर अग्रवाल ने कहा कि वह लोग पहले इस योजना के लाभ और संचालन की प्रक्रिया को सही ढंग से समझना चाहते हैं। हमारी कुछ बसें पहले से ही अनुबंध पर चल भी रही हैं। ऐसे में पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही इसमें निवेश का निर्णय लिया जाएगा।