{"_id":"6a1335cf17182761a906e128","slug":"incomplete-lines-and-lack-of-space-have-caused-power-crisis-in-the-city-leaving-consumers-upset-hardoi-news-c-213-1-hra1021-150309-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: अधूरी लाइन और जगह की कमी से शहर में बिजली संकट, उपभोक्ता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: अधूरी लाइन और जगह की कमी से शहर में बिजली संकट, उपभोक्ता परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हरदोई। शहर में बिजली निगम और सरकारी विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। मन्नापुरवा से विद्युत उपकेंद्र सांडी रोड तक आने वाली मुख्य बिजली लाइन का काम महीनों से अधर में लटका हुआ है। इस लाइन के बीच में एनएचआई की कार्यदायी संस्था रुकावट बन गई है। वहीं रद्धेपुरवा मार्ग की लाइन बदली नहीं गई। इससे विद्युत उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट व लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
शहर के 76 हजार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई लाइन बनाई जानी थी, ताकि अन्य लाइनों पर लोड कम हो सके और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से बिजली मिल सके। बिजली निगम की ओर से लोड कम करने के लिए 33 केवी सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र तक नई लाइन बनाई जानी थी। बिजली लाइन बनाने का कार्य विद्युत निगम की कार्यदायी संस्था ने कार्य शुरू किया था। बिलग्राम मार्ग पर ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। उसकी कार्यदायी संस्था ने स्टोर बना रखा है। उसके परिसर से बिजली लाइन निकलनी थी, मगर कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने विद्युत पोल लगने नहीं दिए।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बिजली निगम की कार्यदायी संस्था ने पोल लगा दिए। जो बाद में चोरी हो गए। विद्युत विभाग अब बिजली लाइन को स्टोर से लाइन के बाहर से लाइन बना रहा है। विवाद के कारण छह माह से बिजली लाइन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। वहीं रद्धेपुरवा मार्ग के चौड़ीकरण के बाद लोक निर्माण विभाग को नई बिजली लाइन बनानी थी। लोक निर्माण विभाग ने सड़क के चौड़ीकरण का कार्य तो पूरा कर दिया, मगर बिजली पोल को न तो शिफ्ट किया और न ही नई लाइन बनाई। इससे जर्जर लाइन से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट से परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ट्रांसफार्मर के लिए नहीं मिल रही जमीन
समस्या सिर्फ लाइनों तक सीमित नहीं है। रद्धेपुरवा व आजाद नगर क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए नए ट्रांसफार्मर की मंजूरी तो मिल चुकी है, लेकिन इन्हें स्थापित करने के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इससे ट्रांसफार्मर नहीं लग पा रहा है।
लगातार हो रहा पत्राचार
रद्धेपुरवा मार्ग की बिजली लाइन बनाने के लिए विद्युत वितरण निगम के उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता की ओर से लोक निर्माण विभाग को कई पत्र लिखे जा चुके हैं, मगर तीन साल बाद भी बिजली लाइन नहीं बनाई गई हैं।
लोकल फॉल्ट और लो-वोल्टेज की मार
विद्युत लाइनों के अधूरे पड़े होने और ट्रांसफार्मर न लगने के कारण उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में आए दिन लोकल फॉल्ट होना आम बात हो गई है। इसके साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों के बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र तक बनने वाली बिजली लाइन का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं रद्धेपुरवा मार्ग की लाइन के लिए लोक निर्माण विभाग से संपर्क किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता
शहर के 76 हजार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई लाइन बनाई जानी थी, ताकि अन्य लाइनों पर लोड कम हो सके और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से बिजली मिल सके। बिजली निगम की ओर से लोड कम करने के लिए 33 केवी सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र तक नई लाइन बनाई जानी थी। बिजली लाइन बनाने का कार्य विद्युत निगम की कार्यदायी संस्था ने कार्य शुरू किया था। बिलग्राम मार्ग पर ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। उसकी कार्यदायी संस्था ने स्टोर बना रखा है। उसके परिसर से बिजली लाइन निकलनी थी, मगर कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने विद्युत पोल लगने नहीं दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बिजली निगम की कार्यदायी संस्था ने पोल लगा दिए। जो बाद में चोरी हो गए। विद्युत विभाग अब बिजली लाइन को स्टोर से लाइन के बाहर से लाइन बना रहा है। विवाद के कारण छह माह से बिजली लाइन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। वहीं रद्धेपुरवा मार्ग के चौड़ीकरण के बाद लोक निर्माण विभाग को नई बिजली लाइन बनानी थी। लोक निर्माण विभाग ने सड़क के चौड़ीकरण का कार्य तो पूरा कर दिया, मगर बिजली पोल को न तो शिफ्ट किया और न ही नई लाइन बनाई। इससे जर्जर लाइन से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट से परेशान होना पड़ रहा है।
Trending Videos
ट्रांसफार्मर के लिए नहीं मिल रही जमीन
समस्या सिर्फ लाइनों तक सीमित नहीं है। रद्धेपुरवा व आजाद नगर क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए नए ट्रांसफार्मर की मंजूरी तो मिल चुकी है, लेकिन इन्हें स्थापित करने के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इससे ट्रांसफार्मर नहीं लग पा रहा है।
लगातार हो रहा पत्राचार
रद्धेपुरवा मार्ग की बिजली लाइन बनाने के लिए विद्युत वितरण निगम के उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता की ओर से लोक निर्माण विभाग को कई पत्र लिखे जा चुके हैं, मगर तीन साल बाद भी बिजली लाइन नहीं बनाई गई हैं।
लोकल फॉल्ट और लो-वोल्टेज की मार
विद्युत लाइनों के अधूरे पड़े होने और ट्रांसफार्मर न लगने के कारण उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में आए दिन लोकल फॉल्ट होना आम बात हो गई है। इसके साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों के बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र तक बनने वाली बिजली लाइन का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं रद्धेपुरवा मार्ग की लाइन के लिए लोक निर्माण विभाग से संपर्क किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता