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Hardoi News: उन्होंने लड़कर दिला दी आजादी, हम प्रतिमा के लिए जमीन तक न दे पाए...
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फोटो-29-स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयदेव कपूर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते उनके पौत्र मयूर कपूर
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हरदोई। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों से दो-दो हाथ कर नई पीढ़ी के लिए देश आजाद करा दिया। उन्होंने तो आजादी दे दी, लेकिन आजाद भारत में उनकी प्रतिमा लगने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। यहां बात हो रही है शहीद भगत सिंह के साथ एसेंबली बम कांड में शामिल रहे क्रांतिकारी जयदेव कपूर की। अंडमान निकोबार में कालापानी की सजा काटने वाले जयदेव कपूर की प्रतिमा तैयार होने के बाद भी स्थापित नहीं हो पा रही है।
देश की आजादी में बड़ी संख्या में जाने और अनजाने चेहरों का बड़ा योगदान है। बात हरदोई की हो तो शहीद भगत सिंह के साथी रहे जयदेव कपूर और शिव वर्मा का जिक्र आता है। एसेंबली बम कांड में शहीद भगत सिंह के साथी रहे जयदेव कपूर और शिव वर्मा को कालापानी की सजा हुई थी। कई दशक तक दोनों अंडमान निकोबार की जेल में बंद रहे थे। शहर में शहीद उद्यान में भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
यहीं पर जयदेव कपूर और शिव वर्मा की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग जयदेव कपूर के परिजन लंबे समय से कर रहे हैं। शहीद समरसता मिशन की ओर से दोनों क्रांतिकारियों की प्रतिमाएं भी बनवाकर पांच साल पहले जयदेव कपूर के परिजनों को सौंपी जा चुकी हैं। यूं तो प्रतिमा स्थापित करने की मांग पिछले तीन दशक से जयदेव कपूर के परिजन कर रहे हैं, लेकिन प्रतिमाएं बनकर आ जाने के बाद भी स्थापित न होने से उनमें निराशा और आक्रोश दोनों ही हैं। (संवाद)
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इनसेट
पिछले पांच साल में लग चुकीं कई प्रतिमाएं, मगर इनके हिस्से में इंतजार
पिछले तकरीबन पांच साल में अलग-अलग चौराहों और चौक पर महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। महाराजा बिजली पासी से लेकर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तक की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। सेना के शहीदों की प्रतिमाएं भी स्थापित हुईं, लेकिन जयदेव कपूर और शिव वर्मा की प्रतिमाओं के हिस्से में फिलहाल इंतजार ही है।
इनसेट
प्रतिमाएं बदलने का प्रस्ताव हो चुका पास, मगर उनकी नहीं आस
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में शहीद उद्यान में स्थापित शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओं को बदलने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर भी इसकी पुष्टि करते हैं। बात जब जयदेव कपूर और शिव वर्मा की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए भूमि देने की आती है तो वह चुप्पी साधना बेहतर समझते हैं। बहुत कुरेदने पर इतना ही कहते हैं कि नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखेंगे। पास हो जाएगा तो प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए जगह दे देंगे।
प्रशासन और पालिका से भूमि आवंटित करने की करेंगे मांग
शहीद स्मारक समिति सेमरिया के अध्यक्ष अभय शंकर गौड़ बताते हैं कि जयदेव कपूर की प्रतिमा का निर्माण उन्होंने भी कराया है। प्रतिमा को स्थापित करने के लिए वह प्रशासन और नगर पालिका से भूमि आवंटित करने की मांग करेंगे। अभय शंकर गौड़ ने जो प्रतिमा बनवाई है फिलहाल उसे उन्होंने अपने घर में रखा है। कहते हैं कि पूरी उम्मीद है कि अनुमति मिल जाएगी और फिर विधिक प्रक्रिया पूरी कर प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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देश की आजादी में बड़ी संख्या में जाने और अनजाने चेहरों का बड़ा योगदान है। बात हरदोई की हो तो शहीद भगत सिंह के साथी रहे जयदेव कपूर और शिव वर्मा का जिक्र आता है। एसेंबली बम कांड में शहीद भगत सिंह के साथी रहे जयदेव कपूर और शिव वर्मा को कालापानी की सजा हुई थी। कई दशक तक दोनों अंडमान निकोबार की जेल में बंद रहे थे। शहर में शहीद उद्यान में भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
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यहीं पर जयदेव कपूर और शिव वर्मा की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग जयदेव कपूर के परिजन लंबे समय से कर रहे हैं। शहीद समरसता मिशन की ओर से दोनों क्रांतिकारियों की प्रतिमाएं भी बनवाकर पांच साल पहले जयदेव कपूर के परिजनों को सौंपी जा चुकी हैं। यूं तो प्रतिमा स्थापित करने की मांग पिछले तीन दशक से जयदेव कपूर के परिजन कर रहे हैं, लेकिन प्रतिमाएं बनकर आ जाने के बाद भी स्थापित न होने से उनमें निराशा और आक्रोश दोनों ही हैं। (संवाद)
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पिछले पांच साल में लग चुकीं कई प्रतिमाएं, मगर इनके हिस्से में इंतजार
पिछले तकरीबन पांच साल में अलग-अलग चौराहों और चौक पर महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। महाराजा बिजली पासी से लेकर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तक की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। सेना के शहीदों की प्रतिमाएं भी स्थापित हुईं, लेकिन जयदेव कपूर और शिव वर्मा की प्रतिमाओं के हिस्से में फिलहाल इंतजार ही है।
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प्रतिमाएं बदलने का प्रस्ताव हो चुका पास, मगर उनकी नहीं आस
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में शहीद उद्यान में स्थापित शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओं को बदलने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर भी इसकी पुष्टि करते हैं। बात जब जयदेव कपूर और शिव वर्मा की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए भूमि देने की आती है तो वह चुप्पी साधना बेहतर समझते हैं। बहुत कुरेदने पर इतना ही कहते हैं कि नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखेंगे। पास हो जाएगा तो प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए जगह दे देंगे।
प्रशासन और पालिका से भूमि आवंटित करने की करेंगे मांग
शहीद स्मारक समिति सेमरिया के अध्यक्ष अभय शंकर गौड़ बताते हैं कि जयदेव कपूर की प्रतिमा का निर्माण उन्होंने भी कराया है। प्रतिमा को स्थापित करने के लिए वह प्रशासन और नगर पालिका से भूमि आवंटित करने की मांग करेंगे। अभय शंकर गौड़ ने जो प्रतिमा बनवाई है फिलहाल उसे उन्होंने अपने घर में रखा है। कहते हैं कि पूरी उम्मीद है कि अनुमति मिल जाएगी और फिर विधिक प्रक्रिया पूरी कर प्रतिमा स्थापित की जाएगी।