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Hathras News: सर्दी से फूली सांसें, इमरजेंसी पहुंचे 14 लोग
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पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और गिरते पारे ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर हो रहा है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह के बीच जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सांस फूलने से परेशान 14 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। जिन्हें सांस लेने में बहुत तकलीफ थी। इनमें अधिकांश बुजुर्ग और वे लोग शामिल हैं, जो पहले से ही अस्थमा या सीओपीडी जैसी बीमारियों से ग्रसित हैं।
सांस लेने में तकलीफ होने के कारण पंजाबी क्वार्टर की रहने वालीं नीलम (60) को देर रात 12:30 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाना पड़ा। इसी तकलीफ से परेशान नगला अलगर्जी निवासी विसाराम (65) को उनके परिजन सुबह 4:30 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। कंचन नगर की रहने वाली शिवानी (20) को सुबह सांस लेने में तकलीफ हुई। पांच बजे उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। इसी तरह ढकपुरा के गीतम सिंह (65) और भोपतपुर के पूरन सिंह (72) को सांस लेने में तकलीफ होने पर इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
सांस नली में संक्रमण और ऑक्सीजन की कमी
फिजिशियन डाॅ. वरुण चौधरी ने बताया कि ठंड के कारण मरीजों में दो बड़ी समस्याएं एक साथ देखी जा रहीं हैं। सांस नली में संक्रमण और हाइपोक्सिया। हाइपोक्सिया में संक्रमण के चलते मरीजों के खून में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है, जिससे अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इससे सांस लेने में तकलीफ, भ्रम व तेज हृदय गति की समस्याएं होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
-शरीर की गर्मी सबसे ज्यादा सिर से निकलती है, इसलिए सिर ढक कर रखें।
-गले और श्वांस नली में नमी बनाए रखने के लिए गुनगुना पानी पीएं और भाप लें।
-धूप न खिले तो घर से बाहर न निकलें। ठंडी और प्रदूषित हवा फेफड़ों को सिकोड़ती है।
-सीने में भारीपन, खांसी या बोलने में सांस फूल रही हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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सांस लेने में तकलीफ होने के कारण पंजाबी क्वार्टर की रहने वालीं नीलम (60) को देर रात 12:30 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाना पड़ा। इसी तकलीफ से परेशान नगला अलगर्जी निवासी विसाराम (65) को उनके परिजन सुबह 4:30 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। कंचन नगर की रहने वाली शिवानी (20) को सुबह सांस लेने में तकलीफ हुई। पांच बजे उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। इसी तरह ढकपुरा के गीतम सिंह (65) और भोपतपुर के पूरन सिंह (72) को सांस लेने में तकलीफ होने पर इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
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सांस नली में संक्रमण और ऑक्सीजन की कमी
फिजिशियन डाॅ. वरुण चौधरी ने बताया कि ठंड के कारण मरीजों में दो बड़ी समस्याएं एक साथ देखी जा रहीं हैं। सांस नली में संक्रमण और हाइपोक्सिया। हाइपोक्सिया में संक्रमण के चलते मरीजों के खून में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है, जिससे अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इससे सांस लेने में तकलीफ, भ्रम व तेज हृदय गति की समस्याएं होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
-शरीर की गर्मी सबसे ज्यादा सिर से निकलती है, इसलिए सिर ढक कर रखें।
-गले और श्वांस नली में नमी बनाए रखने के लिए गुनगुना पानी पीएं और भाप लें।
-धूप न खिले तो घर से बाहर न निकलें। ठंडी और प्रदूषित हवा फेफड़ों को सिकोड़ती है।
-सीने में भारीपन, खांसी या बोलने में सांस फूल रही हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।