सादाबाद: छुट्टा सांड़ के हमले से नौ घायल, भैंस की मौत, दीवार से टकराकर सांड़ भी मरा
ग्रामीणों ने आखिरकार साहस जुटाकर सांड़ को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। इस दौरान भागते समय सांड़ एक दीवार से जा टकराया और बेहोश होकर गिर गया।
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सादाबाद के गांव मढ़नई और आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से आतंक का पर्याय बने एक छुट्टा सांड़ ने सोमवार की सुबह जमकर उत्पात मचाया। सांड़ के हमले में पूर्व प्रधान सहित नौ लोग घायल हो गए, जबकि एक भैंस की मौत हो गई और चार अन्य पशु घायल हो गए। दीवार से टकराकर बेहोश हुए सांड़ ने भी दम तोड़ दिया।
सांड़ के आक्रामक तेवर देखकर गांव में इस कदर दहशत फैल गई कि लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। मौके पर पहुंची पुलिस को भी सांड़ के हमले से बचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार को गांव मढ़नई में अचानक पहुंचे छुट्टा सांड़ ने लोगों और पशुओं पर हमला करना शुरू कर दिया। जो भी सामने आया, वह सांड़ का निशाना बन गया। हमले में गांव नगला हरनाम निवासी कारे सिंह, मढ़नई के पूर्व प्रधान रामभरोसी, अतर सिंह, विजेंद्र सिंह, बंटी, अनम, पुजारी पूरन पुरी, ऋषि और कंचना घायल हो गए। अचानक हुए हमले से गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
गांव के पूर्व प्रधान रामभरोसी मंदिर में पूजा करने गए थे। इस दौरान आक्रामक सांड़ ने उन पर हमला बोल दिया। सांड़ इस कदर हमलावर हो गया कि पूर्व प्रधान को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वह खुद को बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन सांड़ उन पर पूरी तरह हावी हो गया। शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए किसी तरह उन्हें सांड़ से बचाया।
ग्रामीणों ने आखिरकार साहस जुटाकर सांड़ को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। इस दौरान भागते समय सांड़ एक दीवार से जा टकराया और बेहोश होकर गिर गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसके दोबारा उठकर हमला करने की आशंका को देखते हुए उसके पैर रस्सियों से बांध दिए। हालांकि कुछ समय बाद सांड़ की मौत हो गई। गोसेवक राहुल कश्यप व अन्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर सांड़ के शव का अंतिम संस्कार कराया
दुधारू पशुओं को भी बनाया निशाना
बेकाबू सांड़ ने ग्रामीणों के पालतू पशुओं पर भी जमकर हमला किया। इस दौरान तीन भैंस और एक घोड़ी घायल हो गई। गांव के चोब सिंह, हेमंत, सत्यभान और ज्ञानदेव आदि ने हिम्मत दिखाते हुए अपने पशुओं को सांड़ के हमले से बचाया।
रविवार रात एदलपुर बरी चौराहे पर भी मचाया था उत्पात
ग्रामीणों के अनुसार इसी सांड़ ने रविवार रात एदलपुर बरी चौराहे पर भी जमकर उत्पात मचाया था। वहां सांड़ ने होमगार्ड कारे सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। चौराहे पर काफी देर तक जाम लगा रहा। इसके अलावा एदलपुर निवासी पंकज की एक भैंस को भी सांड़ ने हमला कर मार डाला था। लगातार दो दिनों तक सांड़ के हमलों से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना रहा।
घर बंद कर अंदर दुबके ग्रामीण
सांड़ के हमले से डरे लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। गांव की गलियों में आवागमन ठप हो गया। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस से मदद मांगी। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन आक्रामक सांड़ पुलिसकर्मियों पर भी हमलावर हो गया। ऐसे में उसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने क्षेत्र में छुट्टा पशुओं से लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहे आक्रामक और निराश्रित पशुओं को समय रहते पकड़कर सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।