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Hathras News: मक्का की फसल बनी वरदान, पैदावार अच्छी, दाम से खुश किसान
Sun, 19 Jul 2026 02:10 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:10 AM IST
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मक्का की नमी मापते किसान। संवाद
- फोटो : Samvad
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जिले में इस बार मक्का का रकबा बढ़कर करीब 17 हजार हेक्टेयर पहुंच गया है। अनुकूल मौसम और बेहतर कृषि प्रबंधन के कारण फसल की पैदावार भी शानदार रही है। औसतन एक बीघा में करीब 10 क्विंटल मक्का का उत्पादन होने से किसानों को अच्छी उपज मिली है। दाम भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर मिल रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि अभी मक्का की आवक पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। अनुमान है कि मंडी में करीब तीन लाख क्विंटल मक्का की आवक अभी और होनी बाकी है। इसके बावजूद मांग मजबूत होने से कीमतें किसानों के पक्ष में बनी हुई हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अब मक्का का उपयोग केवल खाद्य पदार्थों और पशु चारे तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के चलते एथेनॉल संयंत्रों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा बेकरी, बिस्कुट और पेय (बियर) उद्योग में भी भारतीय मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मिल रहा है।
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फैक्टरियों से लेकर बीयर प्लांट तक पहुंच
- सड़क मार्ग से चार राज्यों में सप्लाई (1 लाख क्विंटल) : महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों के व्यापारियों ने करीब एक लाख क्विंटल मक्का खरीदा है। इसका उपयोग एथेनॉल बनाने वाली ट्रेडिंग फैक्टरियों, दलिया (फूड प्रोसेसिंग), स्वीट कॉर्न और बिस्किट बनाने वाले बड़े ब्रांड्स में किया जा रहा है।
- रेलवे रैक के जरिये दक्षिण भारत तक पहुंच (3 लाख क्विंटल) : मक्का की भारी मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए सीधे रेलवे रैक बुक किए गए। करीब तीन लाख क्विंटल मक्का विशेष रूप से वहां की बियर फैक्ट्रियों में इस्तेमाल के लिए भेजा गया है।
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मक्का के वर्तमान भाव पर एक नजर
अव्वल (टॉप) क्वालिटी मक्का : 2,030 प्रति क्विंटल
नमी वाला मक्का : 1,600 से 1,800 प्रति क्विंटल
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किसानों के लिए मुनाफे का गणित
इस बार शुरुआत से ही कीमतें मजबूत हैं। अगर एक बीघा में 10 क्विंटल मक्का निकल रहा है और किसान को 2,030 का भाव मिल रहा है, तो प्रति बीघा 20,000 से अधिक की सकल कमाई हो रही है। नमी वाला मक्का भी 1,600 से 1,800 के बीच आसानी से बिक रहा है, जिससे किसानों को सुखाने की लागत और समय की बचत हो रही है।
इस बार मक्का की पैदावार बेहतरीन हुई है। दाम भी सही मिल रहे हैं। इस बार खेतों में मक्का की पैदावार करीब नौ क्विंटल प्रति बीघा तक हुई है।
-हरेंद्र कुमार निवासी बरहन
इस बार मक्का मालगाड़ी और निजी वाहनों से राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों में जा रहा है। मक्का का प्रयोग एथेनॉल और अन्य खाने में प्रयोग होने वाली वस्तुओं में हो रहा है।
-योगेश वार्ष्णेय, मंडी व्यापारी।
उन्नत बीजों की वजह से फसल की अच्छी पैदावार हुई है। मंडी में अब तक चार लाख क्विंटल मक्का आ चुका है। मंडी से मक्का की आवक अन्य प्रांतों में हो रही है।
अनिल कुमार, मंडी सचिव।
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व्यापारियों का कहना है कि अभी मक्का की आवक पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। अनुमान है कि मंडी में करीब तीन लाख क्विंटल मक्का की आवक अभी और होनी बाकी है। इसके बावजूद मांग मजबूत होने से कीमतें किसानों के पक्ष में बनी हुई हैं।
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अब मक्का का उपयोग केवल खाद्य पदार्थों और पशु चारे तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के चलते एथेनॉल संयंत्रों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा बेकरी, बिस्कुट और पेय (बियर) उद्योग में भी भारतीय मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मिल रहा है।
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फैक्टरियों से लेकर बीयर प्लांट तक पहुंच
- सड़क मार्ग से चार राज्यों में सप्लाई (1 लाख क्विंटल) : महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों के व्यापारियों ने करीब एक लाख क्विंटल मक्का खरीदा है। इसका उपयोग एथेनॉल बनाने वाली ट्रेडिंग फैक्टरियों, दलिया (फूड प्रोसेसिंग), स्वीट कॉर्न और बिस्किट बनाने वाले बड़े ब्रांड्स में किया जा रहा है।
- रेलवे रैक के जरिये दक्षिण भारत तक पहुंच (3 लाख क्विंटल) : मक्का की भारी मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए सीधे रेलवे रैक बुक किए गए। करीब तीन लाख क्विंटल मक्का विशेष रूप से वहां की बियर फैक्ट्रियों में इस्तेमाल के लिए भेजा गया है।
मक्का के वर्तमान भाव पर एक नजर
अव्वल (टॉप) क्वालिटी मक्का : 2,030 प्रति क्विंटल
नमी वाला मक्का : 1,600 से 1,800 प्रति क्विंटल
किसानों के लिए मुनाफे का गणित
इस बार शुरुआत से ही कीमतें मजबूत हैं। अगर एक बीघा में 10 क्विंटल मक्का निकल रहा है और किसान को 2,030 का भाव मिल रहा है, तो प्रति बीघा 20,000 से अधिक की सकल कमाई हो रही है। नमी वाला मक्का भी 1,600 से 1,800 के बीच आसानी से बिक रहा है, जिससे किसानों को सुखाने की लागत और समय की बचत हो रही है।
इस बार मक्का की पैदावार बेहतरीन हुई है। दाम भी सही मिल रहे हैं। इस बार खेतों में मक्का की पैदावार करीब नौ क्विंटल प्रति बीघा तक हुई है।
-हरेंद्र कुमार निवासी बरहन
इस बार मक्का मालगाड़ी और निजी वाहनों से राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों में जा रहा है। मक्का का प्रयोग एथेनॉल और अन्य खाने में प्रयोग होने वाली वस्तुओं में हो रहा है।
-योगेश वार्ष्णेय, मंडी व्यापारी।
उन्नत बीजों की वजह से फसल की अच्छी पैदावार हुई है। मंडी में अब तक चार लाख क्विंटल मक्का आ चुका है। मंडी से मक्का की आवक अन्य प्रांतों में हो रही है।
अनिल कुमार, मंडी सचिव।