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Jalaun News: पुस्तकालय भवन नहीं बल्कि ज्ञान की चिंगारी है - कैलाश सत्यार्थी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:06 AM IST
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A library is not a building but a spark of knowledge - Kailash Satyarthi
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उरई। उरई-कानपुर हाईवे किनारे स्थित ग्राम चमारी में रविवार को माता प्रसाद पुस्तकालय का लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि बुंदेलखंड की इस पावन धरती पर माता प्रसाद पुस्तकालय का लोकार्पण महिला शिक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे क्षेत्र की बहन-बेटियों को ज्ञान अर्जित करने और आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
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लोकार्पण के दौरान कैलाश सत्यार्थी कहा कि संकल्प तो जीवन में बहुत लोग लेते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने वाले बहुत कम लोग होते हैं। वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने कहा कि गांव में अपने पूर्वजों के नाम पर जो पुस्तकालय खोला गया है, वह ज्ञान का महायज्ञ है। इससे निश्चित रूप से बुंदेलखंड की नई पीढ़ी को लाभ मिलेगा।
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विशिष्ट अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि किताबों में सच्चे ज्ञान का भंडार छिपा होता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान सोने-चांदी से भी अधिक कीमती होता है। यदि किसी के पास ज्ञान है तो धन अपने आप उसके पास आ जाता है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक शशिकांत द्विवेदी, प्रोफेसर रविकांत द्विवेदी और वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी की सराहना करते हुए कहा कि इस पुस्तकालय की स्थापना से बुंदेलखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि इस पुस्तकालय में ज्ञान-विज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। यहां से पढ़ने वाली प्रतिभाएं नौकरी मांगने वाली नहीं बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाली बनेंगी। उन्होंने चारों वेद पुस्तकालय को समर्पित करने की घोषणा भी की।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि सौरभ द्विवेदी ने बुंदेलखंड में 100 पुस्तकालय स्थापित करने का संकल्प लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है। इससे क्षेत्र में शिक्षा व बौद्धिक विकास को नई दिशा मिलेगी। कहा कि मुझे यहां आकर थोड़ी आत्मग्लानि हुई। मैंने कवि सम्मेलनों व प्रोफेसर के रूप में संपत्ति अर्जित की व ख्याति प्राप्त की लेकिन कभी अपने गांव जाकर कुछ ऐसा करने का विचार नहीं आया, आज यहां आकर मुझे प्रेरणा मिली है। अब अपने गांव जाकर कुछ नए प्रयास करूंगा।



प्रसिद्ध शिक्षक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र होता है। यहां आने वाली बहन-बेटियों और युवाओं को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने कहा कि पुस्तकें इंसान की सच्ची साथी होती हैं और इनके माध्यम से व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सकता है।



गुंजन सौरभ द्विवेदी, रश्मि अमरीश, नीलिमा, अभय द्विवेदी, हेमंत मर्दानिली ने मंचासीन अतिथियों का शाल और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ख्याति प्राप्त कवि एवं रामकथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने की। समारोह में स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान सहित कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। देश और दुनिया के चर्चित कॉमेडियन जाकिर खान जब मंच पर बोलने के लिए आए तो उनका नाम सुनते ही सभागार में उपस्थित हजारों की संख्या में युवा जोर-जोर से तालियां व सीटियां बजाने लगे।
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