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Jalaun News: डॉक्टर गायब, अस्पताल चालू... जांच में खुली निजी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:32 PM IST
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Doctors missing, hospital operational... Probe exposes the reality of private healthcare services.
फोटो-25 अस्पताल का निरीक्षण करती टीम। स्रोत-वि
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उरई। कुठौंद क्षेत्र में 48 घंटे के भीतर महिला तथा जच्चा-बच्चा की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। डीएम के निर्देश पर गठित टीम निजी अस्पतालों की जांच कर रही है। जांच के दौरान कई अस्पतालों में गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कई निजी अस्पताल बिना चिकित्सकों की मौजूदगी के संचालित हो रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।

शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार व एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद भूषण के नेतृत्व में टीम ने शहर के दो निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। कालपी रोड स्थित गौरी हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। अस्पताल की संचालिका डॉ. सुधा गंगवार समेत स्टाफ मौजूद मिला और सभी निर्धारित ड्रेस कोड में कार्य करते पाए गए।
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इसके बाद टीम दोपहर करीब 12 बजे केयर हॉस्पिटल पहुंची। यहां निरीक्षण के दौरान कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक डॉ. उमेश मौजूद नहीं मिले। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया। निर्देश दिए गए कि दो दिन के भीतर संबंधित चिकित्सक को समस्त अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित कराया जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि अस्पताल में मरीज भर्ती हैं तो चिकित्सक की मौजूदगी अनिवार्य है। डॉक्टर के बिना अस्पताल का संचालन गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
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नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद भूषण ने चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण संचालित होने वाले अस्पतालों को सील किया जाएगा। साथ ही पंजीकृत अस्पतालों में भी यदि मानकों की अनदेखी और अव्यवस्थाएं पाई जाती हैं तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 53 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं, जबकि इनके मुकाबले दोगुने से अधिक गैर-पंजीकृत अस्पताल और क्लीनिक संचालित होने की चर्चा है। इनमें से कई स्थानों पर न तो योग्य चिकित्सक उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जाता है। ऐसे संस्थानों में मरीजों का उपचार गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।


वर्जन
निजी अस्पतालों के खिलाफ चलाया जा रहा निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन अस्पतालों में नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
डॉ. एचएन प्रसाद, सीएमओ
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