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Jalaun News: दिन में तीन बार बूंदाबांदी, शाम को बढ़ी उमस
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फोटो - 20 नगर में होती बारिश। संवाद
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उरई। जिले में तीन दिनों से लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं। शुक्रवार दिन में तीन बार बूंदाबांदी हुई और शाम होते-होते उमस बढ़ गई। आसमान में बादल छाने और बीच-बीच में बूंदाबांदी होने के बावजूद मौसम में अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय भी पंखे और कूलर गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोगों की नींद प्रभावित हो रही है।
जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में करीब तीन बार हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हुआ, लेकिन बारिश थमते ही उमस ने फिर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। मौसम विशेषज्ञ कुलदीप गुप्ता का कहना है कि वर्तमान समय में वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक है। बादलों और बीच-बीच में हो रही हल्की बारिश के कारण तापमान तो अधिक नहीं बढ़ रहा, लेकिन हवा में मौजूद नमी के कारण उमस का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि जब तक जिले में लगातार और अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक लोगों को उमस से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है।
विशेषज्ञों के अनुसार आगामी तीन से पांच दिनों में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना है। जिले में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। इसके चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है और रात के तापमान में भी कमी दर्ज की जा सकती है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 जुलाई के बाद बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है और लगातार बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
किसानों को मिलेगा फायदा
मौसम विशेषज्ञ कुलदीप गुप्ता के अनुसार अच्छी बारिश होने से धान, उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार और बाजरा जैसी खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा। जिन किसानों ने हाल ही में बोआई की है, उनकी फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से अंकुरण बेहतर होगा और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। इसके अलावा खेतों में नमी बढ़ने से धान की रोपाई कार्य में तेजी आएगी और जिन क्षेत्रों में फसलें पानी की कमी से प्रभावित हो रही थीं, वहां भी स्थिति में सुधार होगा। हालांकि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था भी बनाए रखें, ताकि फसलों को नुकसान न हो।
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जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में करीब तीन बार हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हुआ, लेकिन बारिश थमते ही उमस ने फिर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। मौसम विशेषज्ञ कुलदीप गुप्ता का कहना है कि वर्तमान समय में वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक है। बादलों और बीच-बीच में हो रही हल्की बारिश के कारण तापमान तो अधिक नहीं बढ़ रहा, लेकिन हवा में मौजूद नमी के कारण उमस का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि जब तक जिले में लगातार और अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक लोगों को उमस से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है।
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विशेषज्ञों के अनुसार आगामी तीन से पांच दिनों में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना है। जिले में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। इसके चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है और रात के तापमान में भी कमी दर्ज की जा सकती है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 जुलाई के बाद बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है और लगातार बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
किसानों को मिलेगा फायदा
मौसम विशेषज्ञ कुलदीप गुप्ता के अनुसार अच्छी बारिश होने से धान, उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार और बाजरा जैसी खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा। जिन किसानों ने हाल ही में बोआई की है, उनकी फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से अंकुरण बेहतर होगा और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। इसके अलावा खेतों में नमी बढ़ने से धान की रोपाई कार्य में तेजी आएगी और जिन क्षेत्रों में फसलें पानी की कमी से प्रभावित हो रही थीं, वहां भी स्थिति में सुधार होगा। हालांकि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था भी बनाए रखें, ताकि फसलों को नुकसान न हो।