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Jalaun News: बाहर की दवाई, फार्मासिस्ट की सफाई चिकित्सक की राइटिंग समझ नहीं आई
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संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने शनिवार की सुबह 11.30 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर विधायक ने सीएमएस से फोन कर नाराजगी जताई। वहीं एक मरीज ने बताया कि सात में से चार दवाएं मिलीं हैं। फार्मासिस्ट ने बताया कि डॉक्टर की राइटिंग नहीं समझ में आई। जिस पर विधायक ने नाराजगी जताई।
इस दौरान कई चिकित्सक गैरहाजिर मिले, बताया गया कि कोई कोर्ट ड्यूटी पर है तो कोई अवकाश पर है। इस पर उन्होंने उनके अवकाश प्रार्थनापत्र देेखे। सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय की गैरमौजूदगी में प्रभारी सीएमएस डॉ. विनय अग्रवाल के साथ विधायक ने अस्पताल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.बीपी सिंह के न मिलने की शिकायत की तो बताया गया कि वह दो दिन से कोर्ट में साक्ष्य देने जा रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ के अवकाश पर होने के कारण उनकी जगह रामपुरा सीएचसी के अधीन तैनात डॉ. गौरव द्विवेदी की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन वह भी दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे।
विधायक ने उन्हें फोन भी किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसी दौरान मरीज ने शिकायत की कि यहां सिर्फ एक सर्जन है, वह भी आज अवकाश पर है, यहां सर्जरी नहीं हो रही है। उन्होंने एक मरीज का पर्चा देखा तो पाया कि डॉ. शिवेश वर्मा ने सात तरह की दवाइयां लिखी हैं लेकिन मरीज को सिर्फ चार दवाएं दवा काउंटर से दी गई है, तीन दवाएं बाहर से लाने को कह दिया गया। इस पर विधायक ने चिकित्सक डॉ. शिवेश व फार्मासिस्ट अवधेश को आमने सामने खड़ा किया और पूछा कि बताओं इसमें कौन से दवा नहीं है। चिकित्सक ने कहा कि उन्होंने दवा काउंटर की ही दवाएं लिखीं हैं। फार्मासिस्ट ने कहा कि डॉक्टर की लिखी भाषा समझ में नहीं आई। इस पर विधायक ने चिकित्सक को हिदायत दी कि साफ सुथरी राइटिंग में दवाएं लिखें।
प्रभारी सीएमएस को निर्देशित किया कि प्रत्येक चिकित्सक के पास ऐसी मोहर उपलब्ध कराए, जिसमें यह अंकित हो कि जो दवा काउंटर पर उपलब्ध न हो, उसे जन औषधि केंद्र से ले लिया जाए ताकि मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं न लेनी पड़े।
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उरई। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने शनिवार की सुबह 11.30 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर विधायक ने सीएमएस से फोन कर नाराजगी जताई। वहीं एक मरीज ने बताया कि सात में से चार दवाएं मिलीं हैं। फार्मासिस्ट ने बताया कि डॉक्टर की राइटिंग नहीं समझ में आई। जिस पर विधायक ने नाराजगी जताई।
इस दौरान कई चिकित्सक गैरहाजिर मिले, बताया गया कि कोई कोर्ट ड्यूटी पर है तो कोई अवकाश पर है। इस पर उन्होंने उनके अवकाश प्रार्थनापत्र देेखे। सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय की गैरमौजूदगी में प्रभारी सीएमएस डॉ. विनय अग्रवाल के साथ विधायक ने अस्पताल का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.बीपी सिंह के न मिलने की शिकायत की तो बताया गया कि वह दो दिन से कोर्ट में साक्ष्य देने जा रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ के अवकाश पर होने के कारण उनकी जगह रामपुरा सीएचसी के अधीन तैनात डॉ. गौरव द्विवेदी की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन वह भी दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे।
विधायक ने उन्हें फोन भी किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसी दौरान मरीज ने शिकायत की कि यहां सिर्फ एक सर्जन है, वह भी आज अवकाश पर है, यहां सर्जरी नहीं हो रही है। उन्होंने एक मरीज का पर्चा देखा तो पाया कि डॉ. शिवेश वर्मा ने सात तरह की दवाइयां लिखी हैं लेकिन मरीज को सिर्फ चार दवाएं दवा काउंटर से दी गई है, तीन दवाएं बाहर से लाने को कह दिया गया। इस पर विधायक ने चिकित्सक डॉ. शिवेश व फार्मासिस्ट अवधेश को आमने सामने खड़ा किया और पूछा कि बताओं इसमें कौन से दवा नहीं है। चिकित्सक ने कहा कि उन्होंने दवा काउंटर की ही दवाएं लिखीं हैं। फार्मासिस्ट ने कहा कि डॉक्टर की लिखी भाषा समझ में नहीं आई। इस पर विधायक ने चिकित्सक को हिदायत दी कि साफ सुथरी राइटिंग में दवाएं लिखें।
प्रभारी सीएमएस को निर्देशित किया कि प्रत्येक चिकित्सक के पास ऐसी मोहर उपलब्ध कराए, जिसमें यह अंकित हो कि जो दवा काउंटर पर उपलब्ध न हो, उसे जन औषधि केंद्र से ले लिया जाए ताकि मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं न लेनी पड़े।
