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Jalaun News: गाजी मियां की मजार पर इस बार भी नहीं होगा जलसा
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अनुमति प्रक्रिया पूरी न होने पर प्रशासन ने लगाई रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
कालपी। कदौरा क्षेत्र के चतेला स्थित गाजी मियां की मजार पर इस वर्ष भी मेला और कव्वाली का आयोजन नहीं हो सकेगा। प्रशासन ने अनुमति प्रक्रिया पूरी न होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। पिछले वर्ष विरोध के चलते आयोजन निरस्त कर दिया गया था।
चतेला में स्थित इस मजार को सालार गाजी मसूद से जोड़ा जाता है, जहां हर वर्ष पारंपरिक रूप से मेला और कव्वाली का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार भी मजार कमेटी द्वारा कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं और आसपास के क्षेत्रों में इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा था। आयोजन 26 व 27 अप्रैल को प्रस्तावित था, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी।
इसी बीच, कुछ हिंदू संगठनों को कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद विरोध शुरू हो गया। उनका कहना है कि सालार गाजी मसूद एक विदेशी आक्रांता था, इसलिए उसके नाम पर किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं होना चाहिए। विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया। शनिवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मजार परिसर पहुंचा और वहां चल रही तैयारियों को रुकवा दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अनुमति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मेला और कव्वाली के आयोजन की इजाजत नहीं दी जा सकती। हिंदू संगठन से जुड़े नीलाभ शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी ऐसे आयोजनों का विरोध हुआ है और चतेला में भी इसे नहीं होने दिया जाएगा।
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कालपी। कदौरा क्षेत्र के चतेला स्थित गाजी मियां की मजार पर इस वर्ष भी मेला और कव्वाली का आयोजन नहीं हो सकेगा। प्रशासन ने अनुमति प्रक्रिया पूरी न होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। पिछले वर्ष विरोध के चलते आयोजन निरस्त कर दिया गया था।
चतेला में स्थित इस मजार को सालार गाजी मसूद से जोड़ा जाता है, जहां हर वर्ष पारंपरिक रूप से मेला और कव्वाली का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार भी मजार कमेटी द्वारा कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं और आसपास के क्षेत्रों में इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा था। आयोजन 26 व 27 अप्रैल को प्रस्तावित था, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी।
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इसी बीच, कुछ हिंदू संगठनों को कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद विरोध शुरू हो गया। उनका कहना है कि सालार गाजी मसूद एक विदेशी आक्रांता था, इसलिए उसके नाम पर किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं होना चाहिए। विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया। शनिवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मजार परिसर पहुंचा और वहां चल रही तैयारियों को रुकवा दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अनुमति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मेला और कव्वाली के आयोजन की इजाजत नहीं दी जा सकती। हिंदू संगठन से जुड़े नीलाभ शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी ऐसे आयोजनों का विरोध हुआ है और चतेला में भी इसे नहीं होने दिया जाएगा।

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