{"_id":"69dbe9d99e6a74db94024794","slug":"three-people-including-the-police-inspector-were-suspended-in-the-juvenile-murder-case-orai-news-c-224-1-ori1005-142867-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: किशोर हत्याकांड में कोतवाल समेत तीन निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: किशोर हत्याकांड में कोतवाल समेत तीन निलंबित
विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। माधौगढ़ क्षेत्र में किशोर के अपहरण के बाद हत्या कर शव दफनाने के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने पर कोतवाली प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शनिवार को परिजन ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एसपी विनय कुमार सिंह से मिलकर शिकायत की। इसके बाद कराई गई जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई। एसपी ने कोतवाल बिकेश बाबू, दरोगा रामऔतार और दीवान सुनील कुमार को निलंबित कर दिया।
गौरतलब है कि क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोर 25 मार्च को गांव के ही दो लोगों से मिलने की बात कहकर घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। उसी रात उसकी मां के मोबाइल पर 30 लाख रुपये की फिरौती का मैसेज आया। परिजन ने कोतवाली में अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
करीब 15 दिन बाद आठ अप्रैल को किशोर का शव गांव के ही रोहित के बाड़े में मिट्टी के नीचे बोरी में दबा मिला था। जांच में सिर पर कांच की बोतल से वार कर हत्या किए जाने की बात प्रकाश में आई। पुलिस ने आरोपी रोहित याज्ञिक और तेज प्रताप को हिरासत में लिया। आलाकत्ल बरामदगी के दौरान रोहित ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया था, जबकि तेज प्रताप ने आत्मसमर्पण कर दिया।
घटना के बाद से ही परिजन पुलिस पर लापरवाही और उत्पीड़न के आरोप लगा रहे थे। किशोर के पिता ने आरोप लगाया था कि दरोगा रामऔतार लगातार पैसों की मांग कर रहा था और कोतवाली जाने पर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। परिजन का कहना था कि यदि समय रहते पुलिस सक्रियता दिखाती तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। वहीं, कोतवाली की कमान कोंच बस स्टैंड चौकी प्रभारी अभिलाष मिश्रा को सौंपी गई है।
Trending Videos
गौरतलब है कि क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोर 25 मार्च को गांव के ही दो लोगों से मिलने की बात कहकर घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। उसी रात उसकी मां के मोबाइल पर 30 लाख रुपये की फिरौती का मैसेज आया। परिजन ने कोतवाली में अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब 15 दिन बाद आठ अप्रैल को किशोर का शव गांव के ही रोहित के बाड़े में मिट्टी के नीचे बोरी में दबा मिला था। जांच में सिर पर कांच की बोतल से वार कर हत्या किए जाने की बात प्रकाश में आई। पुलिस ने आरोपी रोहित याज्ञिक और तेज प्रताप को हिरासत में लिया। आलाकत्ल बरामदगी के दौरान रोहित ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया था, जबकि तेज प्रताप ने आत्मसमर्पण कर दिया।
घटना के बाद से ही परिजन पुलिस पर लापरवाही और उत्पीड़न के आरोप लगा रहे थे। किशोर के पिता ने आरोप लगाया था कि दरोगा रामऔतार लगातार पैसों की मांग कर रहा था और कोतवाली जाने पर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। परिजन का कहना था कि यदि समय रहते पुलिस सक्रियता दिखाती तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। वहीं, कोतवाली की कमान कोंच बस स्टैंड चौकी प्रभारी अभिलाष मिश्रा को सौंपी गई है।