UP: 100 से ज्यादा दुकानों वाली बिल्डिंग में आग...एक करोड़ का नुकसान, पहुंचा फायर ब्रिगेड; दो घंटे तक अफरातफरी
Varanasi News: पीसीएफ प्लाजा में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद आसपास माैजूद भीड़ को भी नियंत्रित किया गया।
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Varanasi News: कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थित पीसीएफ प्लाजा में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक दुकानें और कार्यालय जलकर खाक हो गए। व्यापारियों ने करीब एक करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार, सुबह अचानक लगी आग ने देखते ही देखते प्लाजा की फर्स्ट फ्लोर गैलरी में स्थित कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें कंप्यूटर, लैपटॉप, एसी, वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। सबसे पहले आग की चपेट में अमर यादव का कार्यालय आया, जो पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके बाद आग ने विकराल रूप धारण करते हुए प्रमोद कुमार सिंह की वाहन स्पेयर्स पार्ट्स से जुड़ी चार दुकानों को भी अपनी जद में ले लिया। इन दुकानों में कार्यालय और गोदाम शामिल था, जहां भारी मात्रा में सामान रखा हुआ था।
इलाके में सनसनी
आग का प्रभाव आसपास की अन्य दुकानों तक भी पहुंचा, जिससे पाल ट्रेवल्स और मोहित ट्रेवल्स के कार्यालय आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने के दौरान पूरी तीन मंजिला इमारत धुएं से भर गई, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे घबराकर बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नदेसर चौकी प्रभारी सुमित पांडेय भी टीम के साथ पहुंचे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि दोपहर तक कूलिंग का कार्य जारी रहा। फायर ब्रिगेड चेतगंज के प्रभारी दीपक सिंह के अनुसार, आग एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से लगी थी।
2023 में भी आग की घटना हो चुकी है
गौरतलब है कि इसी पीसीएफ प्लाजा में वर्ष 2023 में भी आग की घटना हो चुकी है, जिसमें अग्निशमन उपकरण निष्क्रिय पाए गए थे। वर्तमान में इस भवन में 100 से अधिक दुकानें और कार्यालय संचालित हैं, जिनमें कई सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जर्जर बिजली तारों की स्थिति ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।