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Jaunpur News: बाईपास में उजड़ा आशियाना, नया घर बनाने में हाईटेंशन तार का खतरा
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खेतासराय, कांवरियां गांव में घर के ऊपर से गुज़र रहे हाईटेंशन तार हटाने की मांग कर रहे ग्रामीण।
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खेतासराय। क्षेत्र के सफीपुर रोड स्थित कनवरिया गांव में बाईपास निर्माण से विस्थापित 10 परिवारों के सामने अब नई समस्या खड़ी हो गई है। पुराने मकान बाईपास परियोजना की जद में आने के बाद परिवारों ने अपने ही चक में नया आशियाना बनाने की तैयारी शुरू की, लेकिन निर्माण स्थल के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई है। बिजली विभाग ने एनएचएआई पर जिम्मेदारी डाल दी है।
पीड़ित राम उजागिर ने बताया कि मकान निर्माण के लिए कई स्थानों पर नींव डाली जा चुकी है, लेकिन हाईटेंशन लाइन के कारण आगे का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आईजीआरएस पोर्टल पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
परिवारों का कहना है कि एक ओर बाईपास निर्माण एजेंसी पुराने मकान खाली कराने का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर नई जगह पर सुरक्षित आवास निर्माण की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसे में उनके सामने परिवार सहित रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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बरसात के मौसम में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। खुले आसमान के नीचे रहना संभव नहीं है, जबकि हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनाना जान जोखिम में डालने जैसा है। मजदूर भी लाइन के नीचे काम करने से बच रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि आबादी के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्युत विभाग से लाइन को शीघ्र सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की है।
पीड़ित रामसहाय, भोला, रमेश, राजेश, मिथिलेश कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, कमलेश, सुभाषचंद्र, उदयराज, भिरगू और शैलेश समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मौके का निरीक्षण कर हाईटेंशन लाइन हटाने की मांग की है।
सड़क के नीचे से बिजली लाइन की अंडरग्राउंड क्रॉसिंग का कार्य एनएचएआई को कराना है। इसके बाद बिजली विभाग पोल शिफ्टिंग का कार्य करेगा। एनएचएआई की ओर से आवश्यक धनराशि जमा न होने के कारण विभाग को अभी अनुमति नहीं मिल सकी है। प्रक्रिया पूरी कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संजय कुमार प्रजापति, अवर अभियंता
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पीड़ित राम उजागिर ने बताया कि मकान निर्माण के लिए कई स्थानों पर नींव डाली जा चुकी है, लेकिन हाईटेंशन लाइन के कारण आगे का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आईजीआरएस पोर्टल पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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परिवारों का कहना है कि एक ओर बाईपास निर्माण एजेंसी पुराने मकान खाली कराने का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर नई जगह पर सुरक्षित आवास निर्माण की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसे में उनके सामने परिवार सहित रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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बरसात के मौसम में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। खुले आसमान के नीचे रहना संभव नहीं है, जबकि हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनाना जान जोखिम में डालने जैसा है। मजदूर भी लाइन के नीचे काम करने से बच रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि आबादी के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्युत विभाग से लाइन को शीघ्र सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की है।
पीड़ित रामसहाय, भोला, रमेश, राजेश, मिथिलेश कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, कमलेश, सुभाषचंद्र, उदयराज, भिरगू और शैलेश समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मौके का निरीक्षण कर हाईटेंशन लाइन हटाने की मांग की है।
सड़क के नीचे से बिजली लाइन की अंडरग्राउंड क्रॉसिंग का कार्य एनएचएआई को कराना है। इसके बाद बिजली विभाग पोल शिफ्टिंग का कार्य करेगा। एनएचएआई की ओर से आवश्यक धनराशि जमा न होने के कारण विभाग को अभी अनुमति नहीं मिल सकी है। प्रक्रिया पूरी कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संजय कुमार प्रजापति, अवर अभियंता