UP: स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से चल रहा था मां शांति अस्पताल, विभाग को नहीं मालूम संचालक का नाम; फर्जीवाड़ा
Jaunpur News: जौनपुर का यह मामला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। कहा जा रहा है कि अगर सही चिकित्सक ने इलाज किया होता, तो शायद महिला जिंदा होती। महिला का इलाज जिसने किया उसके पास कोई डिग्री तक नहीं है।
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Jaunpur: स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे चल रहे अवैध अस्पतालों के काले कारोबार ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। शाहगंज क्षेत्र के मां शांति हॉस्पिटल में बिना मेडिकल डिग्री के किए गए बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान दिपाईपुर निवासी यशपाल की पत्नी रेखा की मौत हो गई। इस मामले ने विभाग और रसूखदारों के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के बोर्ड पर नामी सर्जनों और विशेषज्ञों की डिग्रियों का प्रदर्शन किया गया था लेकिन हकीकत में ऑपरेशन राम सुधार यादव नामक व्यक्ति ने किया, जिसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय चर्चाओं के अनुसार इस फर्जीवाड़े के पीछे स्वास्थ्य विभाग के ही एक सरकारी डॉक्टर का हाथ है, जिसकी ऊंची पकड़ के कारण आज तक यहां कभी जांच नहीं हुई।
एक नाम, दो ठिकाने और रहस्यमयी मालिक
बड़ा गांव और पक्खनपुरा में एक ही नाम से संचालित इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नंबर भी फर्जी पाया गया है। बड़ा सवाल यह है कि महीनों से संचालित इस अस्पताल के असली मालिक का पता न तो पुलिस लगा पा रही है ना ही स्वास्थ्य विभाग इसे सार्वजनिक कर रहा है। विभागीय चुप्पी इस मामले में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अभी तय नहीं है कि अस्पताल का मालिक कौन है। हालांकि एक सरकारी डॉक्टर सहित कुछ लोगों से इस मामले में पूछताछ की गई है। - केके सिंह, प्रभारी निरीक्षक
अस्पताल सील कर दिया है। जांच की जा रही है। अभी पता नहीं है कि अस्पताल का मालिक कौन है। - डॉ. प्रभात सिंह, प्रभारी सीएमओ
