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Jaunpur News: न यात्रियों को बैठने के लिए सीट और न ही प्लेटफाॅर्म का पता
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जरौना स्टेशन । संवाद
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-अंग्रेजों के जमाने का बना है जरौना रेलवे स्टेशन, नहीं बदली तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरगंज। जरौना रेलवे स्टेशन की हालत आज भी स्थिति जस की तस है। रेलवे स्टेशन और प्लेटफाॅर्म का पता नहीं है। यात्रियों को बैठने की व्यवस्था नहीं है। उम्र दराज लोगों को ट्रेन पर चढ़ने में समस्या होती है। अंग्रेजों के जमाने में बने जरौना रेलवे स्टेशन की तस्वीर आज भी नहीं बदली।
जंघई-जफराबाद रेल प्रखंड पर स्थित जरौना रेलवे स्टेशन से रोजाना एक हजार से ज्यादा लोग ट्रेन पकड़ने आते हैं। लेकिन आजादी के 78 साल बाद भी स्टेशन की सूरत नहीं बदली है। जरौना रेलवे स्टेशन पर आज तक प्लेटफाॅर्म नहीं बनाया गया है। इससे यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में काफी दिक्कत होती है। विशेष कर महिला और बुजुर्ग और बच्चों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। टिनशेड नहीं होने से गर्मी और बरसात के दिनों में लोगों को ट्रेन पकड़ने में काफी असुविधा होती है। पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां से 50 से ज्यादा गांव के लोग जौनपुर व प्रयागराज के लिए ट्रेन पकड़ने आते हैं। जरौना स्टेशन के बगल मीरगंज थाना और मीरगंज बडी बाजार है। जो एक व्यापारिक केंद्र है। यहां कई महाविद्यालय, कई इंटर व सीबीएसई के बोर्ड स्कूल हैं। करियांव निवासी शैलेंद्र यादव का कहना है की जरौना स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण यात्रियों को दिक्कत हो रही है। रोहित सोनी व राम सागर मौर्य का कहना है की प्लेटफाॅर्म नहीं होने से ट्रेन पर चढ़ने उतरने में काफी परेशानी होती है।
कोट
जरौना स्टेशन हाल्ट स्टेशन है। रेल दोहरीकरण के दौरान स्टेशन का विस्तार होगा। तब यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी।
कोमल सिंह, स्टेशन अधीक्षक जंघई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मीरगंज। जरौना रेलवे स्टेशन की हालत आज भी स्थिति जस की तस है। रेलवे स्टेशन और प्लेटफाॅर्म का पता नहीं है। यात्रियों को बैठने की व्यवस्था नहीं है। उम्र दराज लोगों को ट्रेन पर चढ़ने में समस्या होती है। अंग्रेजों के जमाने में बने जरौना रेलवे स्टेशन की तस्वीर आज भी नहीं बदली।
जंघई-जफराबाद रेल प्रखंड पर स्थित जरौना रेलवे स्टेशन से रोजाना एक हजार से ज्यादा लोग ट्रेन पकड़ने आते हैं। लेकिन आजादी के 78 साल बाद भी स्टेशन की सूरत नहीं बदली है। जरौना रेलवे स्टेशन पर आज तक प्लेटफाॅर्म नहीं बनाया गया है। इससे यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में काफी दिक्कत होती है। विशेष कर महिला और बुजुर्ग और बच्चों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। टिनशेड नहीं होने से गर्मी और बरसात के दिनों में लोगों को ट्रेन पकड़ने में काफी असुविधा होती है। पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां से 50 से ज्यादा गांव के लोग जौनपुर व प्रयागराज के लिए ट्रेन पकड़ने आते हैं। जरौना स्टेशन के बगल मीरगंज थाना और मीरगंज बडी बाजार है। जो एक व्यापारिक केंद्र है। यहां कई महाविद्यालय, कई इंटर व सीबीएसई के बोर्ड स्कूल हैं। करियांव निवासी शैलेंद्र यादव का कहना है की जरौना स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण यात्रियों को दिक्कत हो रही है। रोहित सोनी व राम सागर मौर्य का कहना है की प्लेटफाॅर्म नहीं होने से ट्रेन पर चढ़ने उतरने में काफी परेशानी होती है।
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कोट
जरौना स्टेशन हाल्ट स्टेशन है। रेल दोहरीकरण के दौरान स्टेशन का विस्तार होगा। तब यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी।
कोमल सिंह, स्टेशन अधीक्षक जंघई
