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Jaunpur News: दुष्कर्म का आरोपी बरी, 10 माह रहा जेल में
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉस्को द्वितीय रूपाली सक्सेना की अदालत ने मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में आरोपी विजय कुमार चौहान को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अधिवक्ता के मुताबिक विजय का कहना है कि उसे दस माह तक जेल में रहना पड़ा। इसे लेकर वह वादी पक्ष पर विधिक कार्रवाई करेगा। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पीड़िता ने अलग-अलग ढंग से बयान दिए। उसके माता-पिता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य भी संदिग्ध है। वादी पक्ष पक्ष घटना को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। कोर्ट ने आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने विवेचक डिप्टी एसपी पर कार्रवाई का दिया आदेश
कोर्ट ने मामले में आदेश दिया कि यदि पीड़िता को किसी भी योजना के तहत कोई प्रतिकार या सहायता धनराशि प्रदान की गई है तो उससे वसूली की जाए। साथ ही मुकदमे के विवेचक रहे डिप्टी एसपी हितेंद्र कृष्ण के विरुद्ध कार्रवाई कर एक माह के भीतर अवगत कराने का पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विवेचक द्वारा कोर्ट में पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान न कराना, घटनास्थल का नक्शा नजरी न बनाया जाना दायित्व का अनुपालन सही ढंग से न करना दर्शाता है। मुकदमे की विवेचना बहुत ही दोषपूर्ण तरीके से की गई है। जानबूझकर विवेचना में की गई अनियमितता व त्रुटियों के संबंध में पुलिस अधीक्षक से फौजदारी नियमावली के नियम 53 के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा की गई।
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कोर्ट ने मामले में आदेश दिया कि यदि पीड़िता को किसी भी योजना के तहत कोई प्रतिकार या सहायता धनराशि प्रदान की गई है तो उससे वसूली की जाए। साथ ही मुकदमे के विवेचक रहे डिप्टी एसपी हितेंद्र कृष्ण के विरुद्ध कार्रवाई कर एक माह के भीतर अवगत कराने का पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विवेचक द्वारा कोर्ट में पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान न कराना, घटनास्थल का नक्शा नजरी न बनाया जाना दायित्व का अनुपालन सही ढंग से न करना दर्शाता है। मुकदमे की विवेचना बहुत ही दोषपूर्ण तरीके से की गई है। जानबूझकर विवेचना में की गई अनियमितता व त्रुटियों के संबंध में पुलिस अधीक्षक से फौजदारी नियमावली के नियम 53 के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा की गई।
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