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Jaunpur News: चार साल से ओवरहेड टैंक अधूरा, पिलर देख बुझ रही 4 हजार ग्रामीणों की प्यास
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ग्राम पंचायत रखवा में जल जीवन मिशन की अधूरी पड़ी टंकी। संवाद
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मड़ियाहूं। सरकार की पेयजल योजना योजना मड़ियाहूं के रखवा ग्राम पंचायत में आकर खुद प्यासी हो गई है। यहां योजना के तहत बन रहा ओवरहेड टैंक पिछले चार वर्षों से फाइलों और अधूरे ढांचों के बीच दम तोड़ रहा है।
नतीजा यह है कि गांव के करीब चार हजार ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल की एक-एक बूंद के लिए जद्दोजहद करने को मजबूर हैं। योजना की शुरुआत तो बड़े स्तर पर हुई थी, लेकिन अब काम अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी हैं।
लाखों का बजट, पर ढांचा बनकर रह गई योजना :
तथ्यों पर गौर करें तो जनवरी 2023 में लगभग 229.35 लाख रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। योजना के तहत टैंक के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं।
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कागजी खानापूर्ति के लिए ऑपरेटर रूम, चारदीवारी और बोरिंग का कार्य तो करा दिया गया है, ताकि बजट खपाया जा सके, लेकिन इसके बाद निर्माण की गति ऐसी थमी कि आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
पाइप लाइन के नाम पर राहगीरों को दी ‘’सड़क खोदो’’ सौगात : विभाग ने ग्रामीणों को पानी तो नहीं दिया, लेकिन उनकी राहें जरूर मुश्किल कर दीं।
कई स्थानों पर सिर्फ पाइप लाइन और टोटियां लटकाकर छोड़ दी गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान कई सड़कों को खोद दिया गया, जिन्हें आज तक सही नहीं कराया गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। ये अधखुदी सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं।
नतीजा यह है कि गांव के करीब चार हजार ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल की एक-एक बूंद के लिए जद्दोजहद करने को मजबूर हैं। योजना की शुरुआत तो बड़े स्तर पर हुई थी, लेकिन अब काम अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी हैं।
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लाखों का बजट, पर ढांचा बनकर रह गई योजना :
तथ्यों पर गौर करें तो जनवरी 2023 में लगभग 229.35 लाख रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। योजना के तहत टैंक के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं।
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