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Jhansi News: एक माह गांव में किसान बनकर रहे सिपाही और दरोगा ने की रेकी
Sun, 09 Aug 2026 02:40 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:40 AM IST
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झांसी। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और संचार साथी पोर्टल से जून माह में मिले डिजिटल इनपुट से झांसी पुलिस के भी कान खड़े हो गए। जून माह में एनसीआरपी पोर्टल पर मिलीं 80 शिकायतों की पड़ताल करने से मालूम चला कि इनमें इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर कटेरा के इन्हीं गांव में लगातार सक्रिय हैं। संदिग्ध बैंक खाते भी इन इलाकों में ही सक्रिय मिले। एसपी साइबर अरीबा नोमान के मुताबिक इसके बाद इन गांव को हॉट स्पॉट के तौर पर चिन्हित करते हुए निगहबानी शुरू कराई। स्थानीय स्तर पर खोजबीन करने पर पुलिस के पास प्रारंभिक सुराग आ गए थे लेकिन, गांव में घरों से चलने वाले ठगी के खेल का पता नहीं चल रहा था। इसका पता लगाने के लिए सिपाही एवं दरोगा को अलग-अलग भूमिकाओं के साथ इन गांवों में भेजा गया। यहां करीब एक महीने तक रहकर उन्होंने रोजाना की रिपोर्ट बनाई। इसी रिपोर्ट से मुख्य आरोपी लाल सिंह उर्फ लक्ष्मण, राजू, नीतीश, धीरेंद्र का पता चला। उनके पकड़े जाने से दूसरे आरोपियों के निकल भागने की आशंका के चलते इन पर लगातार निगरानी रखी जाती थी। जब यहां संगठित साइबर अपराध की बात साफ हो गई, तब जाकर शुक्रवार को यहां पुलिस फोर्स भेजी गई।
दो नाइट विजन ड्रोन करते रहे आसमानी निगहबानी
हर परिस्थिति से निपटने के लिए बरती गई सतर्क
इस कार्रवाई के लिए हर तरीके का होमपर्क कर रखा था। काडौर गांव से कुछ दूर पर नदी है। पुलिस के पहुंचने पर लोग नदी की ओर न भागे, इस वजह से भारी मात्रा में पीएसी बुलाई गई थी। पीएसी नदी की ओर तैनात किया गया था। महिला पुलिसकर्मियों की खास क्यूआरटी भी शामिल की थी। करीब 12 घंटे तक चली कार्रवाई में 250 से अधिक पुलिसकर्मियों को शामिल किए गए थे।
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हर परिस्थिति से निपटने के लिए बरती गई सतर्क
इस कार्रवाई के लिए हर तरीके का होमपर्क कर रखा था। काडौर गांव से कुछ दूर पर नदी है। पुलिस के पहुंचने पर लोग नदी की ओर न भागे, इस वजह से भारी मात्रा में पीएसी बुलाई गई थी। पीएसी नदी की ओर तैनात किया गया था। महिला पुलिसकर्मियों की खास क्यूआरटी भी शामिल की थी। करीब 12 घंटे तक चली कार्रवाई में 250 से अधिक पुलिसकर्मियों को शामिल किए गए थे।
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