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Jhansi News: चेन्नई जाने के लिए निकले युवक की गोली मारकर हत्या
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चेन्नई जाने के लिए निकले ललितपुर के तालबेहट निवासी जगभान कुशवाहा (42) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार सुबह करीब नौ बजे झांसी स्टेशन के बाहर हनुमान मंदिर के पास झाड़ियों में खून से सना उसका शव बरामद हुआ। गोली कनपटी से सटाकर मारी गई थी, जिससे वह सिर के आरपार निकल गई। मौके पर उसकी मौत हो गई। नवाबाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया। हत्या की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी। पुलिस रेलवे स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी है।
ललितपुर के तालबेहट थाना के तेरई फाटक निवासी जगभान पिछले 16 साल से रेलवे में वेंडर था। काफी समय से चेन्नई में रहता था। कंपनी के पुलिस वेरिफिकेशन मांगने पर 28 जनवरी को वह यहां आया था। दो दिन पहले थाने में जाकर उसने अपना पुलिस वेरिफिकेशन कराया। शनिवार को चेन्नई जाने के लिए झांसी से उसकी ट्रेन थी। शाम करीब चार बजे ललितपुर से वह पुलिया नंबर नौ पर अपने चाचा भग्गे के घर पहुंचा। रात करीब साढ़े दस बजे चचेरे भाई हेमंत ने उसे स्टेशन पर छोड़ दिया। वहां से हेमंत घर लौट गया। जगभान स्टेशन पर चला गया। रविवार सुबह नौ बजे स्टेशन के बाहर बने हनुमान मंदिर के पास की झाड़ियों में उसका शव पड़ा मिला। इससे वहां सनसनी फैल गई। पुलिस भी पहुंच गई। उसके पास आधार कार्ड समेत रोटी, पूड़ी, सब्जी एवं शराब का पाउच मिला। परिवार के लोग भी पहुंचे। परिजनों ने किसी तरह की दुश्मनी की बात से इन्कार किया है। उन्होंने नवाबाद थाने में तहरीर दी है। एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की जा रही है। परिजनों की ओर से अभी तक किसी तरह के आरोप नहीं लगाए गए।
इनसेट
गोली मारकर हत्या होने की बात समझने में पुलिस फिर खा गई चकमा
गोली मारकर हुई हत्या को समझने में पुलिस एक बार फिर चकमा खा गई। इसके पहले 5 जनवरी को ऑटो चालक अनीता की भी इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी लेकिन, पुलिस इस बात को समझ ही नहीं सकी। पुलिस कई घंटे तक इसे सड़क हादसा बताती रही। देर-शाम जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तब जाकर पुलिस को उसकी हत्या की बात माननी पड़ी। इसी तरह जगभान की कनपटी में सटाकर गोली मारी गई थी। इस वजह से गोली सिर के आरपार निकल गई। सामान्य तौर पर गोली लगने के बाद आसपास की चमड़ी भी जल जाती है। ऐसे में शव देखकर ही गोली मारे जाने की बात मालूम चल जाती है लेकिन, लगातार दो मामले ऐसे सामने आए जहां पुलिस को यह समझने में ही कई घंटे बीत गए। वहां फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया था, लेकिन वह भी गोली मारकर हत्या किए जाने की बात भांप नहीं सकी। दोपहर तक पुलिस उसकी मौत की वजह नहीं बता पा रही थी। देर-शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जगभान की गोली मारकर हत्या किए जाने की बात पुलिस को माननी पड़ी।
तीन महीने बाद आया था घर :
चेन्नई जाने के बाद जगभान का अपने गांव जाना बहुत कम हो गया था। वह सिर्फ त्योहार में ही गांव आता था जबकि उसकी पत्नी किरन समेत बेटा राज, अवियांश एवं बेटी शिवानी यहीं रहती थी। परिजनों का कहना है कि जगभान हर महीने खाते में पैसा भेज दिया करता था। इससे घर का खर्चा और बच्चों की फीस जमा हो जाती थी। कंपनी की ओर से सत्यापन को जरूरी बताने की वजह से ही उसे ललितपुर आना पड़ा। इसके पहले वह दीपावली में यहां आया था। परिवार के लोग भी उसकी हत्या की वजह नहीं समझ पा रहे हैं। उसकी मौत के बाद से परिवार में रोना-पिटना मचा है।
बरामद नहीं हुआ जगभान का मोबाइल : जगभान के पास से सिर्फ खाने-पीने की चीज बरामद हुई लेकिन, उसका मोबाइल उसके पास से नहीं मिला। सीडीआर निकालने पर रात करीब 10:30 बजे तक उसका मोबाइल ऑन था। उसकी लोकेशन लहर गिर्द में मिली। इसके बाद उसका मोबाइल ऑफ हो गया। ऐसे में पुलिस को यह समझ में नहीं आ रहा कि उसकी लोकेशन स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर लहर गिर्द में कैसे मिल रही थी। स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर वह स्टेशन के बाहर निकलता भी नहीं दिख रहा। ऐसे में आशंका जताई जा रही कि किसी जानने वाले के बुलाने पर वह स्टेशन के पीछे के रास्ते से बाहर निकला था।
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झांसी। चेन्नई जाने के लिए निकले ललितपुर के तालबेहट निवासी जगभान कुशवाहा (42) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार सुबह करीब नौ बजे झांसी स्टेशन के बाहर हनुमान मंदिर के पास झाड़ियों में खून से सना उसका शव बरामद हुआ। गोली कनपटी से सटाकर मारी गई थी, जिससे वह सिर के आरपार निकल गई। मौके पर उसकी मौत हो गई। नवाबाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया। हत्या की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी। पुलिस रेलवे स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी है।
ललितपुर के तालबेहट थाना के तेरई फाटक निवासी जगभान पिछले 16 साल से रेलवे में वेंडर था। काफी समय से चेन्नई में रहता था। कंपनी के पुलिस वेरिफिकेशन मांगने पर 28 जनवरी को वह यहां आया था। दो दिन पहले थाने में जाकर उसने अपना पुलिस वेरिफिकेशन कराया। शनिवार को चेन्नई जाने के लिए झांसी से उसकी ट्रेन थी। शाम करीब चार बजे ललितपुर से वह पुलिया नंबर नौ पर अपने चाचा भग्गे के घर पहुंचा। रात करीब साढ़े दस बजे चचेरे भाई हेमंत ने उसे स्टेशन पर छोड़ दिया। वहां से हेमंत घर लौट गया। जगभान स्टेशन पर चला गया। रविवार सुबह नौ बजे स्टेशन के बाहर बने हनुमान मंदिर के पास की झाड़ियों में उसका शव पड़ा मिला। इससे वहां सनसनी फैल गई। पुलिस भी पहुंच गई। उसके पास आधार कार्ड समेत रोटी, पूड़ी, सब्जी एवं शराब का पाउच मिला। परिवार के लोग भी पहुंचे। परिजनों ने किसी तरह की दुश्मनी की बात से इन्कार किया है। उन्होंने नवाबाद थाने में तहरीर दी है। एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की जा रही है। परिजनों की ओर से अभी तक किसी तरह के आरोप नहीं लगाए गए।
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गोली मारकर हत्या होने की बात समझने में पुलिस फिर खा गई चकमा
गोली मारकर हुई हत्या को समझने में पुलिस एक बार फिर चकमा खा गई। इसके पहले 5 जनवरी को ऑटो चालक अनीता की भी इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी लेकिन, पुलिस इस बात को समझ ही नहीं सकी। पुलिस कई घंटे तक इसे सड़क हादसा बताती रही। देर-शाम जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तब जाकर पुलिस को उसकी हत्या की बात माननी पड़ी। इसी तरह जगभान की कनपटी में सटाकर गोली मारी गई थी। इस वजह से गोली सिर के आरपार निकल गई। सामान्य तौर पर गोली लगने के बाद आसपास की चमड़ी भी जल जाती है। ऐसे में शव देखकर ही गोली मारे जाने की बात मालूम चल जाती है लेकिन, लगातार दो मामले ऐसे सामने आए जहां पुलिस को यह समझने में ही कई घंटे बीत गए। वहां फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया था, लेकिन वह भी गोली मारकर हत्या किए जाने की बात भांप नहीं सकी। दोपहर तक पुलिस उसकी मौत की वजह नहीं बता पा रही थी। देर-शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जगभान की गोली मारकर हत्या किए जाने की बात पुलिस को माननी पड़ी।
तीन महीने बाद आया था घर :
चेन्नई जाने के बाद जगभान का अपने गांव जाना बहुत कम हो गया था। वह सिर्फ त्योहार में ही गांव आता था जबकि उसकी पत्नी किरन समेत बेटा राज, अवियांश एवं बेटी शिवानी यहीं रहती थी। परिजनों का कहना है कि जगभान हर महीने खाते में पैसा भेज दिया करता था। इससे घर का खर्चा और बच्चों की फीस जमा हो जाती थी। कंपनी की ओर से सत्यापन को जरूरी बताने की वजह से ही उसे ललितपुर आना पड़ा। इसके पहले वह दीपावली में यहां आया था। परिवार के लोग भी उसकी हत्या की वजह नहीं समझ पा रहे हैं। उसकी मौत के बाद से परिवार में रोना-पिटना मचा है।
बरामद नहीं हुआ जगभान का मोबाइल : जगभान के पास से सिर्फ खाने-पीने की चीज बरामद हुई लेकिन, उसका मोबाइल उसके पास से नहीं मिला। सीडीआर निकालने पर रात करीब 10:30 बजे तक उसका मोबाइल ऑन था। उसकी लोकेशन लहर गिर्द में मिली। इसके बाद उसका मोबाइल ऑफ हो गया। ऐसे में पुलिस को यह समझ में नहीं आ रहा कि उसकी लोकेशन स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर लहर गिर्द में कैसे मिल रही थी। स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर वह स्टेशन के बाहर निकलता भी नहीं दिख रहा। ऐसे में आशंका जताई जा रही कि किसी जानने वाले के बुलाने पर वह स्टेशन के पीछे के रास्ते से बाहर निकला था।
