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Jhansi: जिगरी दोस्तों के एक साथ पहुंचे शव, छलक उठे आंसू, दो माह बाद होनी थी दोनों की शादी

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sun, 01 Feb 2026 08:25 AM IST
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सार

दोनों परिवार के विलाप को देख वहां मौजूद हर आदमी की आंखों से आंसू छलक उठे। शनिवार को दोनों का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

Jhansi: Bodies of close friends arrived together, tears flowed.
दुर्घटना।
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विस्तार
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समथर रोड स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के पास शुक्रवार देर-रात हादसे में जान गंवाने वाले रमाकांत (21) एवं संदीप (21) जिगरी दोस्त थे। शनिवार को एक साथ उनके शव पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। मां एवं बहनें शव को देखते ही उससे लिपटकर बिलख उठीं। रमाकांत परिवार का इकलौता बेटा था। पिता की मौत के बाद मां ने अकेले उसे बड़ा किया था। मां ने कई सपने संजो रखे थे। आंखों के सामने शव आने पर मां बदहवास हो गई। दोनों परिवार के विलाप को देख वहां मौजूद हर आदमी की आंखों से आंसू छलक उठे। शनिवार को दोनों का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
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बाइक नंबर से घर पहुंचाई गई सूचना
थाना समथर के बड़ा बेलमा निवासी रमाकांत राजपूत एवं संदीप राजपूत खेती-किसानी करते थे। परिजनों ने बताया कि दोनों की कुछ महीने पहले सगाई हुई थी। अप्रैल में शादी होनी थी। परिवार में इसकी तैयारी हो रही थी। शुक्रवार को दोनों एक साथ मोंठ में चल रही रामकथा सुनने बाइक से निकले थे। रात करीब 11:15 बजे गांव लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों जैसे ही समथर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक भाग निकला। दोनों के सिर, हाथ एवं पांव में गहरी चोट आ जाने से उनकी मौके पर मौत हो गई थी। कुछ देर बाद बसोवई गांव के पूर्व प्रधान दिनेश राजपूत के गुजरने पर उन्होंने उनको सड़क पर लहूलुहान हाल में देखा। उन्होंने दोनों को एबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। यहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। बाइक नंबर के आधार पर उनके परिजनों को बताया गया।
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परिवार का इकलौता बेटा था रमाकांत
रमाकांत परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर आते ही मां शशि बेहोश हो गई। परिजनों ने बताया कि रमाकांत जब अपनी मां के गर्भ में था, तब उसके पिता जसवंत की मौत हो गई थी। इसके बाद शशि देवी ने ही किसी तरह उसका पालन-पोषण किया। वह उसकी इकलौती संतान थी। नवंबर में उसकी सगाई हो गई थी। अब घर में बहू लाने की तैयारी कर रही थी। अप्रैल में शादी होनी थी। बेटे रमाकांत की मौत की खबर सुनकर मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, संदीप के पिता अर्जुन की भी मौत हो चुकी है। वह दो भाइयों में छोटा था। उसकी भी सगाई हो चुकी थी। अप्रैल में उसकी भी शादी होनी थी
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