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सीजीएसटी घूसकांड: आरोपी अफसरों के खिलाफ बंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपे सुबूत, 70 लाख के साथ सीबीआई ने दबोचा था

अमर उजाला नेटवर्क Published by: दीपक महाजन Updated Sat, 14 Mar 2026 06:00 PM IST
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सार

इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने 70 लाख रुपये के साथ सीजीएसटी अधीक्षक अजय शर्मा व अनिल तिवारी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी का नाम भी सामने आया था।

CGST bribery case: Evidence against accused officers submitted to court in a sealed cover
अनिल तिवारी, प्रभा भंडारी, अजय शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सीजीएसटी घूसकांड में सीबीआई के हाथों गिरफ्तार हुईं डिप्टी कमिश्नर प्रभा भडांरी, अधीक्षक अजय शर्मा एवं अनिल तिवारी की परेशानी बढ़ती जा रही है। सीबीआई ने आरोपी अफसरों के खिलाफ कोर्ट को बंद लिफाफे में अहम सुबूत सौंपे हैं, जिससे घूसकांड में तीनों की मिलीभगत साबित की जा सके। सीबीआई ने कोर्ट को घूस लेने के बाद डिप्टी कमिश्नर एवं अधीक्षक अजय शर्मा के बीच फोन पर हुई बातचीत का ट्रांसक्रिप्शन भी सौंपा है। इन वजह से आरोपी अफसरों को अब जमानत मिलने में भी परेशानी हो रही है।
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18 दिसंबर 2025 को झांसी सीजीएसटी में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की अगुवाई में जय अंबे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में अघोषित माल और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। सीबीआई का आरोप है कि छापे के बाद मामले को निपटाने के लिए कारोबारियों से 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल
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बिछाया और सीजीएसटी अधीक्षक अजय शर्मा एवं अनिल तिवारी को 70 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि यह रकम कारोबारी राजू मंगतानी से ली गई थी, जबकि नरेश कुमार गुप्ता इस लेन-देन में बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। जांच के दौरान पकड़े गए अधीक्षक ने बताया कि रकम में हिस्सा अन्य अधिकारियों के साथ प्रभा भंडारी का था। इसके बाद बातचीत भी रिकॉर्ड की गई, जिसमें रकम मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके सुबूत सीबीआई की ओर से बंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपे गए हैं। सीबीआई अफसरों का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर अपने आई फोन को खेलने क लिए आवश्यक बायोमैट्रिक नहीं दे रही हैं। सीबीआई का कहना है कि फोन भी अहम रिकॉर्ड हैं। सीबीआई की ओर से अभी तक प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों की वजह से ही तीनों अफसरों को जमानत मिलने में परेशानी हो रही है। डिप्टी कमिश्नर ने कोर्ट के सामने गुहार लगाते हुए कहा था कि उनके एक साल का बेटा है जबकि वह दस सप्ताह की गर्भवती हैं। सीबीआई कोर्ट ने उनकी दलील को खारिज करते हुए उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर चुका। उधर, सीबीआई अफसरों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।


सीबीआई की ओर से सौंपे गए बातचीत के अंश
70 लाख रुपये की घूस की रकम मिलने के बाद सीबीआई ने प्रभा भंडारी एवं अजय शर्मा के बीच हुई बातचीत भी रिकॉर्ड की है। इस बातचीत का विवरण अब सामने आया है। सीबीआई का दावा है कि यह बातचीत दोनों अफसरों के बीच घूस लेने के बाद हुई। बातचीत के ट्रांस किप्शस में प्रभा भंडारी को एम नाम दिया गया जबकि अजय शर्मा के लिए ए नाम का इस्तेमाल किया गया है।
एम- हैलो
ए- हैलो, नमस्ते मैम

एम- हां, अजय जी हां...
ए- नमस्ते मैम

ए- मैम, वो वहां से सत्तर ले लिए हैं
एम- हूं

ए- जगदंबा, जिसके प्लाईवुड वाले में
एम- हूं

ए- तो, आप गोल्ड की कह रही थीं, गोल्ड ले लूं
एम- ऊंथा बोला पहले मैंने जो..वो उसका क्या हुआ

ए- नहीं, वो सत्तर हैं न, तो सत्तर में आप जितने का आप कहेंगी, उतने का गोल्ड वे लेंगे
एम- सत्तर उनसे हैं तो अच्छा-अच्छा... तो आप ऐसे कह रहे हो कि आपने वो ठीक है, ले लो। फिर क्या करेंगे। ठीक है ले लो।

ए- जी मैम, ठीक है मैम, ठीक है
एम- आ गए वो

ए- जी मैम, आ गए हैं
एम- ठीक है, चलो ठीक है

ए- ठीक है मैम
एम- ओके
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