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Jhansi: तबादले के ढाई साल बाद भी आवास नहीं किया खाली, मेडिकल कॉलेज में नोटिस की भी नफरमानी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:00 AM IST
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सार
ऐसे चिकित्सकों जिनका तबादला हो चुका है उनको प्रधानाचार्य ने नोटिस जारी कर सात दिन में मकान खाली करने के लिए कहा था। लेकिन स्थिति जस की तस है।
मेडिकल कॉलेज, झांसी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तबादले के ढाई साल बीतने के बाद भी कई डॉक्टरों ने आवास खाली नहीं किया है। इसी महीने प्रधानाचार्य ने ऐसे चिकित्सकों को नोटिस जारी करके सात दिन में मकान खाली करने के लिए कहा था। वह समय सीमा गुजरने के बावजूद स्थिति जस की तस है। नोटिस का कोई असर नहीं हुआ है।
एनेस्थीसिया विभाग के सह आचार्य डॉ. महेश वर्मा का जुलाई 2023 में राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन स्थानांतरण हो गया था। उसी साल सात जुलाई को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। अब तक दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आवास खाली नहीं किया है। प्रधानाचार्य ने उन्हें पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज कैंपस के आवास को एक हफ्ते के अंदर खाली करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भवन का चार्ज भवन अनुभाग को सौंपने के लिए कहा। ऐसा न करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
इसी तरह टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. राजकमल सिंह का भी 2023 में राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा स्थानांतरण हो गया था। उन्होंने 15 जुलाई 2023 को पत्र लिखकर झांसी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से आवंटित आवास छोड़ने के लिए छह महीने का समय मांगा था। तत्कालीन प्रधानाचार्य ने उन्हें अनुमति प्रदान कर दी थी। प्रधानाचार्य ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर कहा है कि छह महीने की अवधि पूरी हुए दो साल हो चुके हैं लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया है। उन्हें भी एक हफ्ते में भवन खाली कर भवन का चार्ज भवन अनुभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा ईएनटी विभाग के डॉ. जितेंद्र सिंह यादव का भी शासन ने जुलाई 2023 में स्थानांतरण बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज किया था। उसी वर्ष 15 जुलाई को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्होंने भी अब तक आवास खाली नहीं किया है। एक हफ्ते की उन्हें भी मोहलत दी गई। तय समय में आवास खाली न करने पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
मासिक रिपोर्ट में जल न भवन किराया मिलने का उल्लेख
बताया गया कि भवन और जलकल प्रभारी अधिकारी की ओर से मेडिकल कॉलेज के आहरण एवं वितरण अधिकारी और सीएमएस को जनवरी में रिपोर्ट भेजी गई। इसमें कैंपस के पीआर और टाइप-4 आवासों के भवन, जलकल और विद्युत किराया मिलने का उल्लेख किया गया है। ये कॉलम खाली पड़ा है।
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एनेस्थीसिया विभाग के सह आचार्य डॉ. महेश वर्मा का जुलाई 2023 में राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन स्थानांतरण हो गया था। उसी साल सात जुलाई को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। अब तक दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आवास खाली नहीं किया है। प्रधानाचार्य ने उन्हें पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज कैंपस के आवास को एक हफ्ते के अंदर खाली करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भवन का चार्ज भवन अनुभाग को सौंपने के लिए कहा। ऐसा न करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
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इसी तरह टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. राजकमल सिंह का भी 2023 में राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा स्थानांतरण हो गया था। उन्होंने 15 जुलाई 2023 को पत्र लिखकर झांसी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से आवंटित आवास छोड़ने के लिए छह महीने का समय मांगा था। तत्कालीन प्रधानाचार्य ने उन्हें अनुमति प्रदान कर दी थी। प्रधानाचार्य ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर कहा है कि छह महीने की अवधि पूरी हुए दो साल हो चुके हैं लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया है। उन्हें भी एक हफ्ते में भवन खाली कर भवन का चार्ज भवन अनुभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा ईएनटी विभाग के डॉ. जितेंद्र सिंह यादव का भी शासन ने जुलाई 2023 में स्थानांतरण बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज किया था। उसी वर्ष 15 जुलाई को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्होंने भी अब तक आवास खाली नहीं किया है। एक हफ्ते की उन्हें भी मोहलत दी गई। तय समय में आवास खाली न करने पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
मासिक रिपोर्ट में जल न भवन किराया मिलने का उल्लेख
बताया गया कि भवन और जलकल प्रभारी अधिकारी की ओर से मेडिकल कॉलेज के आहरण एवं वितरण अधिकारी और सीएमएस को जनवरी में रिपोर्ट भेजी गई। इसमें कैंपस के पीआर और टाइप-4 आवासों के भवन, जलकल और विद्युत किराया मिलने का उल्लेख किया गया है। ये कॉलम खाली पड़ा है।