सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: A lot of money was spent on water ATMs, but they haven't produced any water for months

Jhansi: वाटर एटीएम पर खूब पैसा बहाया, महीनों से इनसे पानी ही नहीं आया, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार

अमर उजाला नेटवर्क Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 18 Mar 2026 11:22 AM IST
विज्ञापन
सार

लक्ष्मी तालाब पर नौ वाटर एटीएम लगाए गए थे जो खराब पड़े हैं। क्षेत्रीय पार्षद का भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी इन्हें सुधारा नहीं गया है।

Jhansi: A lot of money was spent on water ATMs, but they haven't produced any water for months
लक्ष्मी तालाब के पास लगा वाटर एटीएम। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

लक्ष्मी तालाब में वाटर एटीएम लगाने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। शुरुआत में तो सब ठीक रहा, लेकिन अब सभी वाटर एटीएम खराब पड़े हैं। यहां सुबह-शाम घूमने आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्रीय पार्षद का भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी इन्हें सुधारा नहीं जा रहा है।
Trending Videos


स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जून 2021 में लक्ष्मी ताल के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हुआ था। इसके सौंदर्यीकरण पर 39.49 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसी के तहत यहां नौ वाटर एटीएम भी लगवाए गए। ताकि सैर करने आने वाले लोगों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े। बताया गया कि अब पिछले करीब छह महीने से यहां लगे सभी नौ वाटर एटीएम खराब पड़े हुए हैं। जबकि अब तेज गर्मी पड़ने लगी है और दिन का तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसे में यहां घूमने आने वाले लोगों को बार-बार प्यास लगती है तो उन्हें पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है। इस मामले में अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव का कहना है कि अब तक महानगर में लगे किसी भी वाटर एटीएम के खराब होने की शिकायत नहीं मिली है। लक्ष्मी ताल में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। यदि वहां वाटर एटीएम खराब मिला तो तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्षद बोले-18 लाख हुए खर्च, पांच में दो बोरिंग भी दे गई जवाब
क्षेत्रीय पार्षद राहुल कुशवाहा ने बताया कि लक्ष्मी ताल में लगा प्रत्येक वाटर एटीएम की क्षमता 40 लीटर है। एक वाटर एटीएम की लागत करीब दो लाख रुपये आई। ऐसे में नौ वाटर एटीएम लगाने पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के 18 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना है कि यहां पांच बोरिंग कराई गई थी, जिनमें दो जवाब दे गई हैं। आरोप लगाया कि बोरिंग तो सौ फीट तक की गई लेकिन पाइप 30 फीट ही डाला गया। ये भी कहा कि यहां बने चार में से तीन शौचालयों में पानी की आपूर्ति भी नहीं है क्योंकि पाइप की फिटिंग पूरी नहीं की गई।


यह बोले लोग
रोज लक्ष्मी ताल घूमने के लिए आता हूं। यहां लगे वाटर एटीएम शुरुआत में तो चले लेकिन फिर खराब हो गए। अब पीने के पानी के लिए दिक्कत होती है। - अंकित पाल।

लगभग छह महीने से यहां लगे सभी नौ वाटर एटीएम खराब पड़े हैं। ऐसे में लक्ष्मी ताल में पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बाहर जाना पड़ता है। - दिलीप कुमार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed