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Jhansi: लक्ष्मी तालाब में ऑक्सीजन की कमी से मरी सैकड़ों मछलियां, पानी से निकालकर दफनाया गया
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 03 May 2026 01:23 PM IST
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सार
तालाब से करीब पांच क्विंटल मछलियों को पानी से निकालकर दफनाया गया। मौके पर पहुंची मत्स्य विभाग की टीम ने जांच-पड़ताल की।
तालाब से मरी मछली निकालता मछुआरा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
लक्ष्मी तालाब में ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों मछलियां मर गईं। मत्स्य आखेट का ठेका लेने वाली फर्म जब यहां पर जलकुंभी निकाली रही थी तब इसकी जानकारी हुई। इसके बाद तालाब से करीब पांच क्विंटल मछलियों को पानी से निकालकर दफनाया गया।
हाल में नगर निगम ने लक्ष्मी तालाब की सफाई का ठेका मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड को दिया हुआ है। ताल में बड़े स्तर पर जलकुंभी जमा है। तीन दिन पहले समिति ने यहां पर सफाई का काम शुरू हुआ। जलकुंभी हटाने के दौरान काफी संख्या में मृत मछलियां पानी में उतराने लगीं। मौके पर पार्षद राहुल कुशवाहा भी पहुंच गए। पार्षद ने बताया कि मछलियां दो दिन से मर रही थीं। इसकी सूचना नगर निगम प्रशासन को भी दी गई। इसके बाद ताल से मृत मछलियों को नगर निगम के सहयोग से ट्रैक्टर से निकलवाया गया। फिर जेसीबी से गड्ढा खोदकर मृत मछलियों को दफनाया गया। मत्स्य विभाग की टीम ने भी जांच-पड़ताल की। मत्स्य विभाग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपमाला सिंह ने बताया कि तेज हवा चलने से पानी में मौजूद जलकुंभी एक जगह एकत्र हो गई। जहां-जहां ऐसी स्थिति बनी, वहां पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इस कारण मछलियां मृत हुईं।
15 फीसदी जलकुंभी निकाली गई
लक्ष्मी ताल मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड के सचिव किशोरी प्रसाद रायकवार ने बताया कि तीन दिन में लक्ष्मी तालाब से 15 फीसदी जलकुंभी निकाली गई है। जल्द ही पूरी जलकुंभी हटा दी जाएगी।
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हाल में नगर निगम ने लक्ष्मी तालाब की सफाई का ठेका मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड को दिया हुआ है। ताल में बड़े स्तर पर जलकुंभी जमा है। तीन दिन पहले समिति ने यहां पर सफाई का काम शुरू हुआ। जलकुंभी हटाने के दौरान काफी संख्या में मृत मछलियां पानी में उतराने लगीं। मौके पर पार्षद राहुल कुशवाहा भी पहुंच गए। पार्षद ने बताया कि मछलियां दो दिन से मर रही थीं। इसकी सूचना नगर निगम प्रशासन को भी दी गई। इसके बाद ताल से मृत मछलियों को नगर निगम के सहयोग से ट्रैक्टर से निकलवाया गया। फिर जेसीबी से गड्ढा खोदकर मृत मछलियों को दफनाया गया। मत्स्य विभाग की टीम ने भी जांच-पड़ताल की। मत्स्य विभाग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपमाला सिंह ने बताया कि तेज हवा चलने से पानी में मौजूद जलकुंभी एक जगह एकत्र हो गई। जहां-जहां ऐसी स्थिति बनी, वहां पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इस कारण मछलियां मृत हुईं।
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15 फीसदी जलकुंभी निकाली गई
लक्ष्मी ताल मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड के सचिव किशोरी प्रसाद रायकवार ने बताया कि तीन दिन में लक्ष्मी तालाब से 15 फीसदी जलकुंभी निकाली गई है। जल्द ही पूरी जलकुंभी हटा दी जाएगी।
