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Jhansi: चिरगांव बाईपास पर रात में रहता है अंधेरा, कस्बे में प्रवेश करने वाले रास्ते का नहीं चल पाता पता
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 21 Jun 2026 09:25 PM IST
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सार
हाईवे पर बाहर से आने वाले लोगों को अंधेरे के कारण यह पता नहीं चल पाता कि चिरगांव कस्बे में प्रवेश का रास्ता कहां से है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
चिरगांव बाईपास पर सड़क के दोनों ओर अंधेरा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पहाड़ी बाईपास व बरल बाईपास पर बिजली का कनेक्शन न होने से चिरगांव के अंदर आने वाले दोनों बाईपास पर रात में अंधेरा रहता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जनवरी में दोनों चौराहों पर बने डिवाइडर पर खंभे लगाकर उन पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गईं थीं, जिससे कस्बे में आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े क्योंकि रात के समय कई बार रोडवेज बस के चालक कस्बे के अंदर नहीं आते हैं। वह सवारियों को हाइवे पर ही उतार देते हैं। वहीं, बाहर से आने वाले कार सवारों को भी अंधेरे के कारण यह पता नहीं चल पाता कि चिरगांव कस्बे में प्रवेश का रास्ता कहां से है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि हाईवे पर रोशनी होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी और कस्बे में आने-जाने वालों को सुविधा मिलेगी। समाजसेवी पर्वत सिंह कुशवाहा ने जिला प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जनवरी में दोनों चौराहों पर बने डिवाइडर पर खंभे लगाकर उन पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गईं थीं, जिससे कस्बे में आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े क्योंकि रात के समय कई बार रोडवेज बस के चालक कस्बे के अंदर नहीं आते हैं। वह सवारियों को हाइवे पर ही उतार देते हैं। वहीं, बाहर से आने वाले कार सवारों को भी अंधेरे के कारण यह पता नहीं चल पाता कि चिरगांव कस्बे में प्रवेश का रास्ता कहां से है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि हाईवे पर रोशनी होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी और कस्बे में आने-जाने वालों को सुविधा मिलेगी। समाजसेवी पर्वत सिंह कुशवाहा ने जिला प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
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