सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: AI physiotherapy restored 95% wrist strength

Jhansi: एआई फिजियोथेरेपी से 95% लौटी कलाई की ताकत, डेढ़ साल के शोध में 35 मरीजों को मिली राहत

अमर उजाला नेटवर्क Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 06 Mar 2026 12:36 PM IST
विज्ञापन
सार

मरीजों को एआई आधारित हैंड ग्रिपर के माध्यम से नियमित फिजियोथेरेपी दी गई। थेरेपी के दौरान यदि किसी को दर्द महसूस हुआ तो सॉफ्टवेयर वैकल्पिक तकनीक अपनाने का संकेत देता था।

Jhansi: AI physiotherapy restored 95% wrist strength
फिजियोथेरेपी। - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार

हादसे में या गंभीर रूप से झुलसने के कारण यदि किसी व्यक्ति के हाथ के पंजे की पकड़ (ग्रिप) या कलाई की कार्यक्षमता कम हो गई हो या खत्म हो गई हो तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। महारानी लक्ष्मीबाई गवर्नमेंट पैरामेडिकल ट्रेनिंग कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में ऐसे 35 लोगों पर 18 माह तक किए गए शोध में उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। सभी प्रतिभागियों में 95 प्रतिशत से अधिक ग्रिप और कलाई की कार्यक्षमता दोबारा प्राप्त हुई है। शोध को प्रकाशन के लिए ब्रिटिश जनरल्स ऑफ फिजियोथेरेपी में भेजा गया है।
Trending Videos


फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि यह शोध मई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच किया गया। इसमें उन 35 मरीजों को शामिल किया गया, जिनकी पंजे की पकड़ या कलाई की कार्यक्षमता प्रभावित थी। शोध के लिए एआई आधारित हैंड ग्रिपर सॉफ्टवेयर विकसित किया गया, जिसे फिजियोथेरेपी उपकरणों और कंप्यूटर सिस्टम से जोड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मरीजों को एआई आधारित हैंड ग्रिपर के माध्यम से नियमित फिजियोथेरेपी दी गई। थेरेपी के दौरान यदि किसी को दर्द महसूस हुआ तो सॉफ्टवेयर वैकल्पिक तकनीक अपनाने का संकेत देता था। प्रत्येक सत्र के बाद यह भी आकलन किया गया कि प्रभावित नस या मांसपेशियां कितनी सक्रिय हुई हैं। शुरुआत में प्रतिभागियों को कुछ दिक्कत हुई, लेकिन धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा। नियमित डेढ़ वर्ष की थेरेपी के बाद सभी मरीजों में 95 प्रतिशत से अधिक ग्रिप और कलाई की कार्यक्षमता लौट आई। इस शोध में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित तकनीशियन डॉ. धीरेंद्र त्रिपाठी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. अनुपम व्यास, नम्रता सिंह और राहुल कुमार का भी सहयोग रहा।

अब ऑर्थराइटिस के 100 मरीजों पर होगा शोध
डॉ. सक्सेना ने बताया कि शोध का अगला चरण हाथ के दर्द और ऑर्थराइटिस से पीड़ित 100 मरीजों पर केंद्रित होगा। आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्वीकृति मिलते ही शोध शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed