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Jhansi: मां के विश्वास और मेहनत से चमकीं झांसी की शैली, आर्थिक तंगी को मात देकर एथलेटिक्स की दुनिया में चमकी
Mon, 12 Oct 2026 12:19 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:19 PM IST
सार
स्कूल स्तर के खेलों में तेज दौड़ने वाली शैली के अंदर प्रतिभा कूट-कूटकर भरी थी, लेकिन संसाधनों का घोर अभाव था। मां ने खेल में बढ़ने के लिए प्रेरित किया, तो शैली ने मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी।
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शैली सिंह, एथलीट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लंबी कूद की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी झांसी की बेटी शैली सिंह आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रही हैं। बचपन से उनके हिस्से में तमाम बाधाएं आईं, लेकिन शैली की मां विनीता सिंह को अपनी बेटी पर अटूट विश्वास था। स्कूल स्तर के खेलों में तेज दौड़ने वाली शैली के अंदर प्रतिभा कूट-कूटकर भरी थी, लेकिन संसाधनों का घोर अभाव था। मां ने खेल में बढ़ने के लिए प्रेरित किया, तो शैली ने मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी।
मां ने सिलाई करके चलाया घर
शैली सिंह के परिवार की जिम्मेदारियां मां विनीता सिंह के कंधों पर थीं। उन्होंने सिलाई का काम करके तीन बच्चों की परवरिश की। सीमित आमदनी में घर चलाना आसान नहीं था, लेकिन विनीता को भरोसा था कि बेटी शैली उनके सभी कष्टों को हर लेगी। इसलिए उन्होंने अपना पेट काटकर बेटी को खेल में आगे बढ़ने के लिए हर कदम पर प्रेरित किया।
कोच जॉर्ज ने पहचानी प्रतिभा
वर्ष 2017 में जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान प्रशिक्षक रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज की नजर शैली की प्रतिभा पर पड़ी। इसके बाद उन्हें बंगलूरू स्थित अंजू बॉबी जॉर्ज स्पोर्ट्स फाउंडेशन में प्रशिक्षण का अवसर मिला। शुरुआत में शैली ने लंबी दूरी की दौड़ का अभ्यास किया, लेकिन बाद में लंबी कूद को अपना प्रमुख खेल चुना। इस स्पर्धा में सफलता के लिए गति, तकनीक और छलांग के समय शरीर के संतुलन का विशेष महत्व होता है। शैली ने प्रशिक्षण के दौरान इन पहलुओं पर मेहनत की और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार किया। यह बदलाव उनके लिए केवल खेल की विधा चुनने का फैसला नहीं था, बल्कि अपनी क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा देने का अवसर भी था।
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राष्ट्रीय रिकॉर्ड से विश्व चैंपियनशिप तक
शैली की मेहनत का असर वर्ष 2018 में दिखाई दिया, जब उन्होंने अंडर-16 राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 5.94 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2019 में अंडर-18 वर्ग में 6.15 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने अपना प्रदर्शन और भी बेहतर किया।
उनके कॅरिअर का महत्वपूर्ण पड़ाव वर्ष 2021 में आया। केन्या के नैरोबी में आयोजित अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शैली ने 6.59 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। विश्व स्तर पर मिली इस सफलता ने उन्हें भारतीय एथलेटिक्स की प्रमुख उभरती प्रतिभाओं में शामिल कर दिया।
वर्ष 2023 में उन्होंने 6.76 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, जो महिलाओं की लंबी कूद में भारतीय रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
ट्रिंपल जंप में जीता कांस्य
लंबी कूद के बाद शैली सिंह अब ट्रिंपल जंप में भी नया मुकाम हासिल करने के प्रयास में हैं। उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आठ से 11 अक्टूबर तक हुई 65 वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स प्रतियोगिता ट्रिपल जंप में हिस्सा लेकर 13.31 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता।
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मां ने सिलाई करके चलाया घर
शैली सिंह के परिवार की जिम्मेदारियां मां विनीता सिंह के कंधों पर थीं। उन्होंने सिलाई का काम करके तीन बच्चों की परवरिश की। सीमित आमदनी में घर चलाना आसान नहीं था, लेकिन विनीता को भरोसा था कि बेटी शैली उनके सभी कष्टों को हर लेगी। इसलिए उन्होंने अपना पेट काटकर बेटी को खेल में आगे बढ़ने के लिए हर कदम पर प्रेरित किया।
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कोच जॉर्ज ने पहचानी प्रतिभा
वर्ष 2017 में जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान प्रशिक्षक रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज की नजर शैली की प्रतिभा पर पड़ी। इसके बाद उन्हें बंगलूरू स्थित अंजू बॉबी जॉर्ज स्पोर्ट्स फाउंडेशन में प्रशिक्षण का अवसर मिला। शुरुआत में शैली ने लंबी दूरी की दौड़ का अभ्यास किया, लेकिन बाद में लंबी कूद को अपना प्रमुख खेल चुना। इस स्पर्धा में सफलता के लिए गति, तकनीक और छलांग के समय शरीर के संतुलन का विशेष महत्व होता है। शैली ने प्रशिक्षण के दौरान इन पहलुओं पर मेहनत की और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार किया। यह बदलाव उनके लिए केवल खेल की विधा चुनने का फैसला नहीं था, बल्कि अपनी क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा देने का अवसर भी था।
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राष्ट्रीय रिकॉर्ड से विश्व चैंपियनशिप तक
शैली की मेहनत का असर वर्ष 2018 में दिखाई दिया, जब उन्होंने अंडर-16 राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 5.94 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2019 में अंडर-18 वर्ग में 6.15 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने अपना प्रदर्शन और भी बेहतर किया।
उनके कॅरिअर का महत्वपूर्ण पड़ाव वर्ष 2021 में आया। केन्या के नैरोबी में आयोजित अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शैली ने 6.59 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। विश्व स्तर पर मिली इस सफलता ने उन्हें भारतीय एथलेटिक्स की प्रमुख उभरती प्रतिभाओं में शामिल कर दिया।
वर्ष 2023 में उन्होंने 6.76 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, जो महिलाओं की लंबी कूद में भारतीय रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
ट्रिंपल जंप में जीता कांस्य
लंबी कूद के बाद शैली सिंह अब ट्रिंपल जंप में भी नया मुकाम हासिल करने के प्रयास में हैं। उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आठ से 11 अक्टूबर तक हुई 65 वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स प्रतियोगिता ट्रिपल जंप में हिस्सा लेकर 13.31 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता।