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Jhansi: अचानक हुई बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता, गेहूं-चना फसलों पर संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 21 Mar 2026 08:50 AM IST
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सार
शुक्रवार को शाम के समय बिजली गरजने के साथ हुई बारिश ने फसलों पर असर डाला। तेज हवा के चलते कई खेतों में गेहूं की खड़ी फसल बिछ गई, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
खेत में बिछी फसल।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर गेहूं और चना की खेती करने वाले किसान संभावित नुकसान को लेकर परेशान हैं।
शुक्रवार को शाम के समय बिजली गरजने के साथ हुई बारिश ने फसलों पर असर डाला। तेज हवा के चलते कई खेतों में गेहूं की खड़ी फसल बिछ गई, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जिन किसानों ने बारिश से पहले सिंचाई की थी, उनकी फसल को अधिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि गिरी हुई फसल के दोबारा खड़े होने की संभावना कम रहती है। वहीं, चना की कटाई कर खेतों में सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल भी बारिश से प्रभावित हो सकती है। भीगने पर चना की गुणवत्ता खराब होने और नुकसान बढ़ने की आशंका है।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि फिलहाल किसी भी ब्लॉक से नुकसान की आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। सूचना मिलने पर नुकसान का आकलन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में गेहूं का रकबा 1,93,650 हेक्टेयर और चना का रकबा 1,36,450 हेक्टेयर है।
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शुक्रवार को शाम के समय बिजली गरजने के साथ हुई बारिश ने फसलों पर असर डाला। तेज हवा के चलते कई खेतों में गेहूं की खड़ी फसल बिछ गई, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जिन किसानों ने बारिश से पहले सिंचाई की थी, उनकी फसल को अधिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि गिरी हुई फसल के दोबारा खड़े होने की संभावना कम रहती है। वहीं, चना की कटाई कर खेतों में सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल भी बारिश से प्रभावित हो सकती है। भीगने पर चना की गुणवत्ता खराब होने और नुकसान बढ़ने की आशंका है।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि फिलहाल किसी भी ब्लॉक से नुकसान की आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। सूचना मिलने पर नुकसान का आकलन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में गेहूं का रकबा 1,93,650 हेक्टेयर और चना का रकबा 1,36,450 हेक्टेयर है।
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