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Jhansi: कस्टडी में सुरक्षा पर बेपरवाही, पहले भी हो चुकीं हैं कई मौतें, पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल

Tue, 11 Aug 2026 02:55 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Updated Tue, 11 Aug 2026 02:55 AM IST
सार

पुलिस हिरासत में बुजुर्ग पुजारी के जान देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी थाने और चौकियों में हिरासत में लाए लोग पुलिस की लापरवाही से मौत को गले लगा चुके हैं।

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Jhansi: Negligence regarding custody security; multiple deaths have occurred previously
गुरसराय थाना क्षेत्र के सिंघार गांव में तैनात पुलिस। - फोटो : संवाद

विस्तार

पुलिस कस्टडी में लिए गए लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की बेपरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है बल्कि इसके पहले भी थाने और चौकियों में हिरासत में लाए लोग पुलिस की लापरवाही से मौत को गले लगा चुके। इन घटनाओं के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।
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इलाइट पुलिस चौकी का मामला
25 सितंबर 2021 को नवाबाद थाना क्षेत्र की इलाइट पुलिस चौकी के टॉयलेट में बरुआसागर निवासी सराफा कारोबारी अजय सोनी ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। परिजनों का आरोप था कि अजय को थाने में बंद करके उसे बुरी तरह पीटा गया। पिटाई से डरकर अजय ने चौकी के बाथरूम में फंदा लगा लिया। घटना के बाद तत्कालीन एसएसपी ने नवाबाद थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
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समथर थाने का मामला
इसी तरह समथर में थाने में 25 मई 2024 को समथर पुलिस 65 वर्षीय किराना कारोबारी ओम प्रकाश अग्रवाल को दुकान का ताला खुलवाने और मैरिज होम से जुड़े विवाद के बाद थाने लेकर आई थी। थाने में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पुलिस के व्यवहार से गहरा सदमा लगा, जिससे उनकी जान चली गई।
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उल्दन थाने का मामला
इसी तरह 23 जनवरी 2023 को चोरी के शक में उल्दन पुलिस पुष्पेंद्र अहिरवार को पूछताछ के लिए थाने लाई। आई। यहां पुष्पेंद्र ने पूछताछ के दौरान ही तेज धारदार ब्लेड से अपना गला रेत दिया था। इन सब घटनाओं के अलावा पुलिस कस्टडी से कई आरोपियों के भागने की भी घटनाएं हो चुकी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कौशल किशोर का कहना है कि पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। ऐसे में थाने और चौकी के टॉयलेट, लॉकअप समेत अन्य स्थानों पर निगरानी व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं, एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि इस मामले में अभी जांच कराई जा रही है।
 

हाल ही में गुरसराय थाने का मामला
नौ साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिए गए बुजुर्ग पुजारी राजेंद्र प्रसाद (62) ने सोमवार सुबह गुरसराय थाने के बाथरूम में फंदा लगाकर जान दे दी। काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आने पर पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खोला तो वह फंदे से लटका मिला। पुलिसकर्मी उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति भी अस्पताल पहुंचे।

राजेंद्र की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस पर गुमराह करने और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत कराया। देर शाम राजेंद्र के बेटे विनय की तहरीर पर गुरसराय पुलिस ने पीड़िता के पिता समेत दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
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