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Jhansi News: तीनों गांवों में पसरा रहा सन्नाटा, दहशत में दिखे लोग
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पुलिस की छापेमारी का मामला, निशाने पर रहे युवा, महिलाओं को भी साथ ले गई पुलिस
- ग्रामीणों का आरोप- आधी रात को दरवाजे खुलवाकर घरों में दाखिल हो गई पुलिस
अमित गुप्ता
कटेरा (झांसी)। तीन गांवों में शनिवार तड़के अचानक पुलिस की चारों तरफ से घेराबंदी, गलियों में दौड़ते वाहन और ऊपर मंडराते ड्रोन... साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद सुबह कंडोर, मौरयाना और खैरयाना गांवों की तस्वीर बदली नजर आई। रात में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने और घरों से युवाओं व कुछ महिलाओं को पूछताछ के लिए ले जाने के बाद तीनों गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों के चेहरों पर दहशत दिखी और कई घरों में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले।
नगर पंचायत कटेरा से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित कंडोर गांव में शनिवार सुबह का नजारा रोजाना से बिल्कुल अलग था। जिन गलियों में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो जाती थी, वहां सन्नाटा पसरा था। इक्का-दुक्का बुजुर्ग और बच्चे ही नजर आ रहे थे। लोगों के चेहरों पर डर साफ दिखाई दे रहा था और ज्यादातर ग्रामीण किसी भी सवाल का जवाब देने से बचते रहे। गांव के कच्चे रास्तों पर पुलिस के वाहनों की आवाजाही के निशान भी दिखाई दे रहे थे। कई जगह रास्ते धंसे हुए थे।
साइबर अपराध में संलिप्तता के इनपुट के बाद कटेरा थाना क्षेत्र के कंडोर, मौरयाना और खैरयाना गांव में रात करीब तीन बजे पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तीनों गांवों में लगभग एक साथ पहुंचीं। पुलिस वाहनों की आवाज सुनकर अधिकांश ग्रामीणों की नींद खुल गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, पुलिस ने गांवों की घेराबंदी कर ली थी।
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सो रहे युवकों को साथ ले गई पुलिस
कंडोर निवासी वीरवती ने बताया कि रात में पुलिस ने दरवाजे खुलवाए और कई घरों में दाखिल हो गई। घर में मौजूद युवकों को पुलिस अपने साथ ले गई। कुछ महिलाओं को भी साथ ले जाया गया। परिजनों ने कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने साइबर अपराध के मामले में पूछताछ की बात कही। वीरवती ने बताया कि उसके बेटे बृजेंद्र और धीरज को भी पुलिस अपने साथ ले गई है। महिला का दावा है कि दोनों निर्दोष हैं और बिजली मरम्मत का काम करने के साथ खेतीबाड़ी कर परिवार चलाते हैं।
गांव के महेश ने बताया कि रात में पुलिस उनके घर पहुंची और सो रहे उनके दोनों बेटों को साथ ले गई। उनका कहना है कि पूछने पर भी पुलिस ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। महेश ने भी अपने बेटों को बेगुनाह बताया। इसी तरह रामपाल ने आरोप लगाया कि उसका बेटा खेत से लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रास्ते में पकड़ लिया और अपने साथ ले गई।
किसी के दरवाजे तोड़े, किसी के घर में ऐसे दाखिल होने का आरोप
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि संदिग्ध लोकेशन मिलने पर पुलिस ने कई घरों में दबिश दी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर पुलिस घरों में दाखिल हुई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्य घरों में सो रहे थे, तभी पुलिस पहुंची और कुछ युवकों व महिलाओं को अपने साथ ले गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस सुबह करीब छह बजे तक गांव में मौजूद रही। तीनों गांवों से बड़ी संख्या में लोगों को पूछताछ के लिए ले जाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस उन्हें वैन के साथ बसों में भी बैठाकर ले गई।
गांव के ऊपर मंडराते रहे ड्रोन
ग्रामीणों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान तीनों गांवों की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई थी। कुछ लोगों ने गांव से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे सफल नहीं हो सके। गांवों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी। छोटे रास्तों पर भी पुलिस की नजर थी। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 40 से 50 वाहनों से पुलिस बल गांवों में पहुंचा था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते तीनों गांव शनिवार सुबह तक छावनी में तब्दील नजर आए।
कई घरों में नहीं जले चूल्हे
आधी रात को हुई पुलिस कार्रवाई के बाद शनिवार को तीनों गांवों में डर का माहौल रहा। ग्रामीणों ने बताया कि जिन घरों के युवा रात में पुलिस के साथ चले गए, उनमें शनिवार को भी उनके लौटने का इंतजार होता रहा। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। महिलाओं का कहना था कि पुलिस की ओर से उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि उनके परिवार के लोगों को किस आधार पर और किस मामले में साथ ले जाया गया है। कई परिजन यह भी नहीं जान पा रहे थे कि उनके घर से ले जाए गए लोगों को कहां रखा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, दिन में कटेरा थाने पहुंचकर भी परिजनों ने जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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- ग्रामीणों का आरोप- आधी रात को दरवाजे खुलवाकर घरों में दाखिल हो गई पुलिस
अमित गुप्ता
कटेरा (झांसी)। तीन गांवों में शनिवार तड़के अचानक पुलिस की चारों तरफ से घेराबंदी, गलियों में दौड़ते वाहन और ऊपर मंडराते ड्रोन... साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद सुबह कंडोर, मौरयाना और खैरयाना गांवों की तस्वीर बदली नजर आई। रात में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने और घरों से युवाओं व कुछ महिलाओं को पूछताछ के लिए ले जाने के बाद तीनों गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों के चेहरों पर दहशत दिखी और कई घरों में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले।
नगर पंचायत कटेरा से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित कंडोर गांव में शनिवार सुबह का नजारा रोजाना से बिल्कुल अलग था। जिन गलियों में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो जाती थी, वहां सन्नाटा पसरा था। इक्का-दुक्का बुजुर्ग और बच्चे ही नजर आ रहे थे। लोगों के चेहरों पर डर साफ दिखाई दे रहा था और ज्यादातर ग्रामीण किसी भी सवाल का जवाब देने से बचते रहे। गांव के कच्चे रास्तों पर पुलिस के वाहनों की आवाजाही के निशान भी दिखाई दे रहे थे। कई जगह रास्ते धंसे हुए थे।
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साइबर अपराध में संलिप्तता के इनपुट के बाद कटेरा थाना क्षेत्र के कंडोर, मौरयाना और खैरयाना गांव में रात करीब तीन बजे पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तीनों गांवों में लगभग एक साथ पहुंचीं। पुलिस वाहनों की आवाज सुनकर अधिकांश ग्रामीणों की नींद खुल गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, पुलिस ने गांवों की घेराबंदी कर ली थी।
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सो रहे युवकों को साथ ले गई पुलिस
कंडोर निवासी वीरवती ने बताया कि रात में पुलिस ने दरवाजे खुलवाए और कई घरों में दाखिल हो गई। घर में मौजूद युवकों को पुलिस अपने साथ ले गई। कुछ महिलाओं को भी साथ ले जाया गया। परिजनों ने कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने साइबर अपराध के मामले में पूछताछ की बात कही। वीरवती ने बताया कि उसके बेटे बृजेंद्र और धीरज को भी पुलिस अपने साथ ले गई है। महिला का दावा है कि दोनों निर्दोष हैं और बिजली मरम्मत का काम करने के साथ खेतीबाड़ी कर परिवार चलाते हैं।
गांव के महेश ने बताया कि रात में पुलिस उनके घर पहुंची और सो रहे उनके दोनों बेटों को साथ ले गई। उनका कहना है कि पूछने पर भी पुलिस ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। महेश ने भी अपने बेटों को बेगुनाह बताया। इसी तरह रामपाल ने आरोप लगाया कि उसका बेटा खेत से लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रास्ते में पकड़ लिया और अपने साथ ले गई।
किसी के दरवाजे तोड़े, किसी के घर में ऐसे दाखिल होने का आरोप
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि संदिग्ध लोकेशन मिलने पर पुलिस ने कई घरों में दबिश दी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर पुलिस घरों में दाखिल हुई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्य घरों में सो रहे थे, तभी पुलिस पहुंची और कुछ युवकों व महिलाओं को अपने साथ ले गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस सुबह करीब छह बजे तक गांव में मौजूद रही। तीनों गांवों से बड़ी संख्या में लोगों को पूछताछ के लिए ले जाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस उन्हें वैन के साथ बसों में भी बैठाकर ले गई।
गांव के ऊपर मंडराते रहे ड्रोन
ग्रामीणों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान तीनों गांवों की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई थी। कुछ लोगों ने गांव से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे सफल नहीं हो सके। गांवों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी। छोटे रास्तों पर भी पुलिस की नजर थी। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 40 से 50 वाहनों से पुलिस बल गांवों में पहुंचा था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते तीनों गांव शनिवार सुबह तक छावनी में तब्दील नजर आए।
कई घरों में नहीं जले चूल्हे
आधी रात को हुई पुलिस कार्रवाई के बाद शनिवार को तीनों गांवों में डर का माहौल रहा। ग्रामीणों ने बताया कि जिन घरों के युवा रात में पुलिस के साथ चले गए, उनमें शनिवार को भी उनके लौटने का इंतजार होता रहा। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। महिलाओं का कहना था कि पुलिस की ओर से उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि उनके परिवार के लोगों को किस आधार पर और किस मामले में साथ ले जाया गया है। कई परिजन यह भी नहीं जान पा रहे थे कि उनके घर से ले जाए गए लोगों को कहां रखा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, दिन में कटेरा थाने पहुंचकर भी परिजनों ने जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।