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Jhansi: एक बार चार्जिंग में 70 की बजाय चला मात्र 40 किमी, लाैटानी होगी स्कूटर की धनराशि, आयोग ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:12 PM IST
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सार
एक बार चार्ज करने पर स्कूटर 70 किलोमीटर चलने की वारंटी दी गई थी, लेकिन जब उपभोक्ता ने इसका इस्तेमाल किया तो एक बार के चार्जिंग में केवल 30 से 40 किलोमीटर ही चला।
उपभोक्ता न्यायालय, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलेक्ट्रिक स्कूटर की एक बार चार्जिंग पर 70 किलोमीटर चलने की वारंटी देने के बाद भी स्कूटर केवल 40 किलोमीटर चला। उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इसे उत्पादकता व सेवा में खामी माना। निर्माण कंपनी और विक्रेता को मय ब्याज के स्कूटर की कुछ राशि काटकर लौटाने का आदेश दिया।
अधिवक्ता शहबाज खान ने 27 जुलाई 2023 को एक परिवाद प्रस्तुत किया था। उल्लेख किया था कि बबीना निवासी मेघ सिंह यादव ने बीकेडी चौराहे के पास स्थित पटेल ऑटोमोबाइल से करीब तीन साल पहले ई-स्कूटर खरीदा था। स्कूटर को ट्राइडेंट एंटरप्राइजेज नई दिल्ली द्वारा बनाया गया था। वारंटी दी थी कि एक बार चार्ज करने पर स्कूटर 70 किलोमीटर चलेगा, लेकिन जब उपभोक्ता ने इसका इस्तेमाल किया तो एक बार के चार्जिंग में केवल 30 से 40 किलोमीटर ही चला। यही नहीं कुछ ही महीने बाद स्कूटर के ब्रेक व कंट्रोलर खराब हो गया और फिर मोटर भी बेकार हो गई और चलना बंद कर दिया।
उपभोक्ता ने 15 हजार 360 रुपये में नई मोटर खरीदी, वह भी नहीं चला। जब उपभोक्ता दुकान पर स्कूटर बदलने के लिए पहुंचा तो न बदला गया न ही इसकी कीमत वापस की। उपभोक्ता ने आयोग से स्कूटर की कीमत, वाद व्यय के रूप में 5500, शारीरिक और मानसिक कष्ट के रूप में 20-20 हजार रुपये दिलाने की मांग की। आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह, सदस्यगण देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने इस मामले को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने परिवाद दायर करने की तिथि से स्कूटर की मूल कीमत 82 हजार 650 रुपये में से 20 फीसदी राशि काटकर 61,988 रुपये मय ब्याज के देने का आदेश दिया। आयोग ने मानसिक कष्ट के रूप में 5 हजार और वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये देने का भी आदेश दिया।
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अधिवक्ता शहबाज खान ने 27 जुलाई 2023 को एक परिवाद प्रस्तुत किया था। उल्लेख किया था कि बबीना निवासी मेघ सिंह यादव ने बीकेडी चौराहे के पास स्थित पटेल ऑटोमोबाइल से करीब तीन साल पहले ई-स्कूटर खरीदा था। स्कूटर को ट्राइडेंट एंटरप्राइजेज नई दिल्ली द्वारा बनाया गया था। वारंटी दी थी कि एक बार चार्ज करने पर स्कूटर 70 किलोमीटर चलेगा, लेकिन जब उपभोक्ता ने इसका इस्तेमाल किया तो एक बार के चार्जिंग में केवल 30 से 40 किलोमीटर ही चला। यही नहीं कुछ ही महीने बाद स्कूटर के ब्रेक व कंट्रोलर खराब हो गया और फिर मोटर भी बेकार हो गई और चलना बंद कर दिया।
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उपभोक्ता ने 15 हजार 360 रुपये में नई मोटर खरीदी, वह भी नहीं चला। जब उपभोक्ता दुकान पर स्कूटर बदलने के लिए पहुंचा तो न बदला गया न ही इसकी कीमत वापस की। उपभोक्ता ने आयोग से स्कूटर की कीमत, वाद व्यय के रूप में 5500, शारीरिक और मानसिक कष्ट के रूप में 20-20 हजार रुपये दिलाने की मांग की। आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह, सदस्यगण देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने इस मामले को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने परिवाद दायर करने की तिथि से स्कूटर की मूल कीमत 82 हजार 650 रुपये में से 20 फीसदी राशि काटकर 61,988 रुपये मय ब्याज के देने का आदेश दिया। आयोग ने मानसिक कष्ट के रूप में 5 हजार और वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये देने का भी आदेश दिया।