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झांसी-गोविंदपुरी रेलखंड में आसान होगा सफर: अब 130 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, वंदे भारत के लिए ट्रैक तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:59 AM IST
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सार
गति बढ़ने से झांसी से कानपुर समेत इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को समय की बचत के साथ तेज और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा।
ट्रेन।
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विस्तार
रेल संचालन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए झांसी-गोविंदपुरी रेलखंड पर सेक्शनल गति 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। इसके साथ ही अब इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और वंदे भारत जैसी उच्च गति वाली ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में 211 किलोमीटर लंबे (करीब 422 ट्रैक किमी) इस रेलखंड पर सीमित समय में ट्रैक, सिग्नलिंग, ट्रैक्शन और अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों को पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की गई है। इसमें विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, लगातार मॉनिटरिंग और संबंधित प्राधिकरणों से प्रभावी फॉलोअप की अहम भूमिका रही।
गति बढ़ने से झांसी से कानपुर समेत इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को समय की बचत के साथ तेज और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा। साथ ही ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे लेटलतीफी में कमी आएगी।
रेल अधिकारियों के अनुसार, उच्च गति के अनुरूप अब मेंटेनेंस कार्यों की बेहतर योजना बन सकेगी। मेंटेनेंस ब्लॉक्स का प्रभावी उपयोग होगा और ट्रैक व अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इससे रेल संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता भी और मजबूत होगी।
झांसी रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंडल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी यात्रियों को तेज, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इसी तरह प्रयास जारी रहेंगे।
इससे पहले झांसी-दिल्ली रेलखंड पर भी ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा की जा चुकी है। अब झांसी-गोविंदपुरी रेलखंड पर भी गति बढ़ने से यह पूरा कॉरिडोर तेज रफ्तार नेटवर्क से जुड़ता जा रहा है, जिससे भविष्य में वंदे भारत जैसी उच्च गति वाली ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।
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मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में 211 किलोमीटर लंबे (करीब 422 ट्रैक किमी) इस रेलखंड पर सीमित समय में ट्रैक, सिग्नलिंग, ट्रैक्शन और अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों को पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की गई है। इसमें विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, लगातार मॉनिटरिंग और संबंधित प्राधिकरणों से प्रभावी फॉलोअप की अहम भूमिका रही।
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गति बढ़ने से झांसी से कानपुर समेत इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को समय की बचत के साथ तेज और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा। साथ ही ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे लेटलतीफी में कमी आएगी।
रेल अधिकारियों के अनुसार, उच्च गति के अनुरूप अब मेंटेनेंस कार्यों की बेहतर योजना बन सकेगी। मेंटेनेंस ब्लॉक्स का प्रभावी उपयोग होगा और ट्रैक व अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इससे रेल संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता भी और मजबूत होगी।
झांसी रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंडल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी यात्रियों को तेज, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इसी तरह प्रयास जारी रहेंगे।
इससे पहले झांसी-दिल्ली रेलखंड पर भी ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा की जा चुकी है। अब झांसी-गोविंदपुरी रेलखंड पर भी गति बढ़ने से यह पूरा कॉरिडोर तेज रफ्तार नेटवर्क से जुड़ता जा रहा है, जिससे भविष्य में वंदे भारत जैसी उच्च गति वाली ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।