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Kannauj News: पांच ग्राम पंचायतों की सूची शासन को भेजी
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कन्नौज। ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में चयनित की जाने वाली ग्राम पंचायतों का सत्यापन किया गया। इसमें 114 के सापेक्ष मात्र पांच ग्राम पंचायतें पात्र मिली हैं। 20 दिन पहले पांच ग्राम पंचायतों की सूची शासन को भेजी गई है।
जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग द्वारा निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाली इन पंचायतों ने विकास के विभिन्न पैमानों जैसे ओडीएफ प्लस की स्थिति, कचरा प्रबंधन, बेहतर जलापूर्ति, डिजिटल गवर्नेंस, और पंचायत स्तर पर आय वृद्धि में शानदार प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री पंचायती प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत आनलाइन आवेदन में 100 सवालों के जवाब भी देने होते हैं। इसमें नौ थीम वाली ग्राम पंचायत का चयन किया जाता है। गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव, बाल मैत्री गांव, पर्याप्त जल युक्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव, आत्मनिर्भर बुजुर्गों वाले गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, सुशासन वाला गांव व महिला हितैषी गांव है।
विभाग के अनुसार चयनित ग्राम पंचायत को प्रथम पुरस्कार 35 लाख, द्वितीय पुरस्कार 30 लाख, तृतीय पुरस्कार 20 लाख, चतुर्थ पुरस्कार 15 लाख और पंचम पुरस्कार 10 लाख रुपये है। जिले के आठ ब्लाक से 114 ग्राम पंचायतों ने मुख्यमंत्री पंचायती प्रोत्साहन पोर्टल पर आवेदन किया था। इनमें से 45 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली पांच ग्राम पंचायतों को सत्यापन के लिए चुना गया था। इसके बाद जिलास्तर की परफार्मेंस असेसमेंट समिति द्वारा सत्यापन किया गया। समिति द्वारा चयनित पांच ग्राम पंचायतों की सूची डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के समक्ष रखी गई। वहां से स्वीकृति के बाद सूची शासन को भेजी गई। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि पांच ग्राम पंचायतों की सूची शासन को भेजी गई हैं। प्रदेश की टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद शासन स्तर ग्राम पंचायत का चयन किया जाएगा।
चयनित पंचायतों की विशेषताएं
चयनित पांचों ग्राम पंचायतों ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता पाई है। इन पंचायतों में न केवल सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों का रखरखाव बेहतर है, बल्कि वहां सौर ऊर्जा के प्रयोग और सार्वजनिक पार्कों के सुंदरीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया है। पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए इन पंचायतों ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और डिजिटल भुगतान प्रणाली को पूरी तरह अपनाया है।
पुरस्कार की राशि और उद्देश्य
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत चयनित पंचायतों को शासन की ओर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में अतिरिक्त विकास कार्यों, जैसे नई लाइब्रेरी बनवाने, स्ट्रीट लाइट लगवाने या स्कूलों के कायाकल्प में कर सकती हैं।
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विभाग के अनुसार चयनित ग्राम पंचायत को प्रथम पुरस्कार 35 लाख, द्वितीय पुरस्कार 30 लाख, तृतीय पुरस्कार 20 लाख, चतुर्थ पुरस्कार 15 लाख और पंचम पुरस्कार 10 लाख रुपये है। जिले के आठ ब्लाक से 114 ग्राम पंचायतों ने मुख्यमंत्री पंचायती प्रोत्साहन पोर्टल पर आवेदन किया था। इनमें से 45 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली पांच ग्राम पंचायतों को सत्यापन के लिए चुना गया था। इसके बाद जिलास्तर की परफार्मेंस असेसमेंट समिति द्वारा सत्यापन किया गया। समिति द्वारा चयनित पांच ग्राम पंचायतों की सूची डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के समक्ष रखी गई। वहां से स्वीकृति के बाद सूची शासन को भेजी गई। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि पांच ग्राम पंचायतों की सूची शासन को भेजी गई हैं। प्रदेश की टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद शासन स्तर ग्राम पंचायत का चयन किया जाएगा।
चयनित पंचायतों की विशेषताएं
चयनित पांचों ग्राम पंचायतों ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता पाई है। इन पंचायतों में न केवल सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों का रखरखाव बेहतर है, बल्कि वहां सौर ऊर्जा के प्रयोग और सार्वजनिक पार्कों के सुंदरीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया है। पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए इन पंचायतों ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और डिजिटल भुगतान प्रणाली को पूरी तरह अपनाया है।
पुरस्कार की राशि और उद्देश्य
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत चयनित पंचायतों को शासन की ओर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में अतिरिक्त विकास कार्यों, जैसे नई लाइब्रेरी बनवाने, स्ट्रीट लाइट लगवाने या स्कूलों के कायाकल्प में कर सकती हैं।
