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Kannauj News: सोमू और सचिन की गिरफ्तारी पर रोक, प्रदीप को अंतरिम जमानत
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कन्नौज। बहुचर्चित भट्ठा लूट कांड में एक नया मोड़ आया है। कोर्ट ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के सहयोगी सोमू दुबे और सचिन यादव की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। वहीं, गिरफ्तार आरोपी प्रदीप यादव को अंतरिम जमानत मिल गई है।
पुलिस इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। शहर के विशाल यादव ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें गिरोह सरगना नवाब सिंह, उसके भाई नीलू यादव और अन्य आरोपी शामिल थे। विशाल ने वर्ष 2022 में देवधरापुर में एक ईंट भट्ठा शुरू किया था। 19 नवंबर 2023 को आरोपी असलहे लेकर भट्ठे पर पहुंचे थे। उन्होंने भट्ठा कारोबार के लिए रंगदारी मांगी थी। विरोध करने पर डेढ़ लाख रुपये लूट लिए और फायरिंग करते हुए भाग गए। थोड़ी देर बाद उन्होंने ईंट-भट्ठे पर कब्जा भी कर लिया था।
पीड़ित विशाल ने बताया कि नवाब और नीलू के वर्चस्व के कारण पुलिस ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। नवाब और नीलू ने 20 लाख रुपये की ईंटें और 15 लाख रुपये का सामान भी लूटा था। उन्होंने एक बाइक भी अपने कब्जे में ले ली थी। 11 अगस्त 2024 को नवाब को एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ही विशाल ने सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने आरोपी सुरजीत, विराट और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सोमू और सचिन पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े थे। इन दोनों ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है। याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है और जुलाई में फैसला आने की संभावना है।
पुलिस इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। शहर के विशाल यादव ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें गिरोह सरगना नवाब सिंह, उसके भाई नीलू यादव और अन्य आरोपी शामिल थे। विशाल ने वर्ष 2022 में देवधरापुर में एक ईंट भट्ठा शुरू किया था। 19 नवंबर 2023 को आरोपी असलहे लेकर भट्ठे पर पहुंचे थे। उन्होंने भट्ठा कारोबार के लिए रंगदारी मांगी थी। विरोध करने पर डेढ़ लाख रुपये लूट लिए और फायरिंग करते हुए भाग गए। थोड़ी देर बाद उन्होंने ईंट-भट्ठे पर कब्जा भी कर लिया था।
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पीड़ित विशाल ने बताया कि नवाब और नीलू के वर्चस्व के कारण पुलिस ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। नवाब और नीलू ने 20 लाख रुपये की ईंटें और 15 लाख रुपये का सामान भी लूटा था। उन्होंने एक बाइक भी अपने कब्जे में ले ली थी। 11 अगस्त 2024 को नवाब को एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ही विशाल ने सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने आरोपी सुरजीत, विराट और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सोमू और सचिन पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े थे। इन दोनों ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है। याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है और जुलाई में फैसला आने की संभावना है।