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Kannauj News: मंत्री के सामने खुली विद्युत निगम की पोल, भ्रष्टाचार पर चेतावनी
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कन्नौज। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार शाम जीटी रोड स्थित मुक्ता काशी मंच रोमा स्मारक में विद्युत निगम की बैठक हुई। इसमें समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के सामने उपभोक्ताओं ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवालों की झड़ी लगा दी। बढ़े हुए बिजली बिल, लोकल फॉल्ट और कथित अवैध वसूली जैसे मुद्दों ने बैठक का माहौल गर्म कर दिया।
बैठक शुरू होते ही शिकायतों का सिलसिला चल पड़ा। ग्रामीण इलाकों में खूब कटौती और फॉल्ट समय पर न सुधरने की शिकायतें आईं। कई उपभोक्ताओं ने बिलों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कामों के लिए नियमों से इतर रकम मांगी जाती है। जैसे-जैसे शिकायतें बढ़ती गईं, माहौल भी तल्ख होता गया। अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार पर सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। वह मंत्री के सामने निगम का बचाव करते रहे लेकिन शिकायतों की संख्या कम नहीं हुई। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि बिजली निगम में भ्रष्टाचार की शिकायतें बेहद गंभीर हैं।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता को परेशान करने वालों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की बात कही। बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं का मुद्दा भी उठा, जिस पर मंत्री ने समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। बैठक में डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास एएसपी अजय कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, शैलेंद्र द्विवेदी, आरएस कठेरिया, कन्हैया दीक्षित, विवेक पाठक आदि मौजूद रहे।
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समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को सौंपा ज्ञापन
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बैठक शुरू होते ही शिकायतों का सिलसिला चल पड़ा। ग्रामीण इलाकों में खूब कटौती और फॉल्ट समय पर न सुधरने की शिकायतें आईं। कई उपभोक्ताओं ने बिलों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कामों के लिए नियमों से इतर रकम मांगी जाती है। जैसे-जैसे शिकायतें बढ़ती गईं, माहौल भी तल्ख होता गया। अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार पर सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। वह मंत्री के सामने निगम का बचाव करते रहे लेकिन शिकायतों की संख्या कम नहीं हुई। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि बिजली निगम में भ्रष्टाचार की शिकायतें बेहद गंभीर हैं।
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मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता को परेशान करने वालों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की बात कही। बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं का मुद्दा भी उठा, जिस पर मंत्री ने समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। बैठक में डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास एएसपी अजय कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, शैलेंद्र द्विवेदी, आरएस कठेरिया, कन्हैया दीक्षित, विवेक पाठक आदि मौजूद रहे।
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समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को सौंपा ज्ञापन