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Kannauj News: 150 गांवों की बत्ती 15 घंटे से गुल
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कन्नौज। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विद्युत निगम की लापरवाही और बदइंतजामी ने ग्रामीणों का उत्साह फीका कर दिया। चार प्रमुख उपकेंद्रों में लाइनों के फाल्ट के कारण 150 गांवों की बत्ती 15 घंटे तक गुल रही। भीषण गर्मी, उमस और मच्छरों के हमले के बीच ग्रामीणों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी, वहीं सुबह होते ही पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया।
शहर से जुड़े बहादुरपुर उज्जैना उपकेंद्र की लाइन में फाल्ट से सरायमीरा समेत आसपास के गांव रंगियनपुरवा, जसौली, पदारथपुर, जलालपुर सरवन, बलही, रितुकला आदि गांवों की आपूर्ति घंटों बाधित रही। गुगरापुर उपकेंद्र क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भोर में चार बजे अचानक ठप हो गई। लाइन में आए फाल्ट की वजह से 80 गांवों में अंधेरा छा गया। सौरिख पावर हाउस से जुड़े खड़िनी फीडर में फाल्ट आने से 15 घंटे तक बत्ती गुल रही। इस कारण 20 गांवों के ग्रामीण परेशान रहे। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण यह फाल्ट नौ घंटे बाद दोपहर एक बजे दुरुस्त हो सका। इतने लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया।
गुरसहायगंज क्षेत्र के तालग्राम बिजली घर से जुड़े सराय प्रयाग (भूड़ा) के दो फीडरों की हालत और भी खराब रही। यहां गुरुवार रात नौ बजे गुल हुई बत्ती शुक्रवार दोपहर बाद ही लौट सकी। 15 घंटे बिजली न रहने से घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए। रात में ग्रामीण उमस और मच्छरों के डंक से जूझते रहे, तो सुबह नलों से पानी गायब मिलने पर हाहाकार मच गया। पानी की मोटर और सबमर्सिबल न चलने से दैनिक कार्य प्रभावित हुए और लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ा।
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ग्रामीणों में आक्रोश
बार-बार बिजली गुल होने और फाल्ट न सुधरने से आक्रोशित ग्रामीण विकास कटियार, रोहित कटियार, संजेश, आशीष श्रीवास्तव आदि ने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है, जिससे उन्हें गर्मी के साथ-साथ जल संकट भी झेलना पड़ता है। उन्होंने तत्काल फीडरों को दुरुस्त कर निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है।
बिजली गिरने से ठप हुई विद्युत आपूर्ति
समधन। हाईटेंशन लाइन के ऊपर बिजली गिरने से उपकेंद्र से 52 गांवों की सप्लाई देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। लाइनमैन मरम्मत कार्य में जुटे रहे। क्षेत्र के रामाश्रम विद्युत उपकेंद्र को सिकंदरपुर से आने वाली 33 हजार हाईटेंशन लाइन में तेज बारिश और आकाशीय बिजली तड़पने के लाइन में कई जगह फाल्ट आ गए। इससे लोगों को परेशानी हुई। उपकेंद्र के अवर अभियंता आनंद कुमार मतौलिया ने बताया कि लाइनमैनों की टीम मरम्मत कार्य में लगी है। जल्द ही फाल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की जाएगी।
वर्जन-- --
बारिश के कारण मुख्य लाइनों में तकनीकी फाल्ट आ गया था, जिसकी वजह से आपूर्ति बाधित हुई। विभागीय कर्मचारियों को लगाकर फाल्ट को दुरुस्त करा दिया गया है और अब क्षेत्र में आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
-अगत्स्य मौर्या, एसडीओ - तालग्राम
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बारिश में नमी के कारण इंसुलेटर पंक्चर हो जाते हैं, जिससे फाल्ट आ जाते हैं। अर्थिंग की वजह से लाइन ब्रेकडाउन हो जाती है। सभी उपकेंद्रों के जेई व लाइन स्टाफ को फाल्ट दुरुस्त कराकर स्वतंत्रता दिवस पर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रवीण कुमार, अधीक्षण अभियंता, कन्नौज
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खड़िनी फीडर का तार टूटा
चपुन्ना। सौरिख क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। आए दिन होने वाले फाल्ट और अंधाधुंध कटौती से बेहाल उपभोक्ताओं को दो घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। खड़िनी फीडर बंद होने से करीब 20 गांवों की आपूर्ति 16 घंटे बंद रही। सौरिख पावर हाउस से जुड़े खड़िनी फीडर पर बीती रात 11 बजे तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, सुबह 6.15 बजे छिबरामऊ से आने वाली 33केवी मुख्य लाइन में फाल्ट आने से संकट और गहरा गया। ओवरलोड के चलते कर्मचारियों को फाल्ट ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। समाचार लिखे जाने तक खड़िनी फीडर 16 घंटे और सौरिख पावर हाउस सात घंटे से पूरी तरह बंद था, इस फीडर से जुड़े करीब 20 गांवों में आपूर्ति बंद रही। निरीक्षण के दौरान एक्सईएन राधाकृष्णन राव, एसडीओ अनिल कुमार और जेई गुरुदास शरण मौजूद रहे।
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शहर से जुड़े बहादुरपुर उज्जैना उपकेंद्र की लाइन में फाल्ट से सरायमीरा समेत आसपास के गांव रंगियनपुरवा, जसौली, पदारथपुर, जलालपुर सरवन, बलही, रितुकला आदि गांवों की आपूर्ति घंटों बाधित रही। गुगरापुर उपकेंद्र क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भोर में चार बजे अचानक ठप हो गई। लाइन में आए फाल्ट की वजह से 80 गांवों में अंधेरा छा गया। सौरिख पावर हाउस से जुड़े खड़िनी फीडर में फाल्ट आने से 15 घंटे तक बत्ती गुल रही। इस कारण 20 गांवों के ग्रामीण परेशान रहे। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण यह फाल्ट नौ घंटे बाद दोपहर एक बजे दुरुस्त हो सका। इतने लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया।
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गुरसहायगंज क्षेत्र के तालग्राम बिजली घर से जुड़े सराय प्रयाग (भूड़ा) के दो फीडरों की हालत और भी खराब रही। यहां गुरुवार रात नौ बजे गुल हुई बत्ती शुक्रवार दोपहर बाद ही लौट सकी। 15 घंटे बिजली न रहने से घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए। रात में ग्रामीण उमस और मच्छरों के डंक से जूझते रहे, तो सुबह नलों से पानी गायब मिलने पर हाहाकार मच गया। पानी की मोटर और सबमर्सिबल न चलने से दैनिक कार्य प्रभावित हुए और लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ा।
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ग्रामीणों में आक्रोश
बार-बार बिजली गुल होने और फाल्ट न सुधरने से आक्रोशित ग्रामीण विकास कटियार, रोहित कटियार, संजेश, आशीष श्रीवास्तव आदि ने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है, जिससे उन्हें गर्मी के साथ-साथ जल संकट भी झेलना पड़ता है। उन्होंने तत्काल फीडरों को दुरुस्त कर निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है।
बिजली गिरने से ठप हुई विद्युत आपूर्ति
समधन। हाईटेंशन लाइन के ऊपर बिजली गिरने से उपकेंद्र से 52 गांवों की सप्लाई देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। लाइनमैन मरम्मत कार्य में जुटे रहे। क्षेत्र के रामाश्रम विद्युत उपकेंद्र को सिकंदरपुर से आने वाली 33 हजार हाईटेंशन लाइन में तेज बारिश और आकाशीय बिजली तड़पने के लाइन में कई जगह फाल्ट आ गए। इससे लोगों को परेशानी हुई। उपकेंद्र के अवर अभियंता आनंद कुमार मतौलिया ने बताया कि लाइनमैनों की टीम मरम्मत कार्य में लगी है। जल्द ही फाल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की जाएगी।
वर्जन
बारिश के कारण मुख्य लाइनों में तकनीकी फाल्ट आ गया था, जिसकी वजह से आपूर्ति बाधित हुई। विभागीय कर्मचारियों को लगाकर फाल्ट को दुरुस्त करा दिया गया है और अब क्षेत्र में आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
-अगत्स्य मौर्या, एसडीओ - तालग्राम
बारिश में नमी के कारण इंसुलेटर पंक्चर हो जाते हैं, जिससे फाल्ट आ जाते हैं। अर्थिंग की वजह से लाइन ब्रेकडाउन हो जाती है। सभी उपकेंद्रों के जेई व लाइन स्टाफ को फाल्ट दुरुस्त कराकर स्वतंत्रता दिवस पर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रवीण कुमार, अधीक्षण अभियंता, कन्नौज
खड़िनी फीडर का तार टूटा
चपुन्ना। सौरिख क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। आए दिन होने वाले फाल्ट और अंधाधुंध कटौती से बेहाल उपभोक्ताओं को दो घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। खड़िनी फीडर बंद होने से करीब 20 गांवों की आपूर्ति 16 घंटे बंद रही। सौरिख पावर हाउस से जुड़े खड़िनी फीडर पर बीती रात 11 बजे तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, सुबह 6.15 बजे छिबरामऊ से आने वाली 33केवी मुख्य लाइन में फाल्ट आने से संकट और गहरा गया। ओवरलोड के चलते कर्मचारियों को फाल्ट ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। समाचार लिखे जाने तक खड़िनी फीडर 16 घंटे और सौरिख पावर हाउस सात घंटे से पूरी तरह बंद था, इस फीडर से जुड़े करीब 20 गांवों में आपूर्ति बंद रही। निरीक्षण के दौरान एक्सईएन राधाकृष्णन राव, एसडीओ अनिल कुमार और जेई गुरुदास शरण मौजूद रहे।