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Kannauj News: दोस्तों ने एक करोड़ के लालच में किया था शिक्षक को अगवा
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फोटो :24: शिक्षक राहुल राजपूत। स्रोत : सोशल मीडिया
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तालग्राम (कन्नौज)। कहते हैं कि सच्ची दोस्ती में लोग जान दे देते हैं, लेकिन जिले में इसके उलट दोस्ती को शर्मसार करने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहां एक करोड़ की भारी-भरकम फिरौती के लालच में चार दोस्तों ने ही अपने ही शिक्षक दोस्त का अपहरण कर लिया। उसे कमरे में भूखा-प्यासा रखकर बर्बरता से पीटा गया। हालांकि, शिक्षक चकमा देकर चंगुल से भाग निकला और गाजियाबाद पहुंच कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने शिक्षक के पिता की तहरीर पर चारों नामजद दोस्तों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
तिर्वा के कालिकानगर (मूल निवासी गांव कटरा बहसार) के रहने वाले देशराज सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका 31 वर्षीय पुत्र राहुल राजपूत टिकुरियनपुरवा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक है। 14 जुलाई को वह स्कूल से दोपहर करीब 1:30 बजे बाइक से घर लौट रहा था। तभी सुजानसराय से तिर्वा मार्ग पर घात लगाए बैठे उसके चार दोस्तों कटरा बहसार निवासी अविनाश राजपूत, लोहामढ़ निवासी सर्वेंद्र कुमार कुशवाहा, कस्बा तिर्वा निवासी केशव पंडित और सागर ने उसे रोक लिया। इससे पहले कि राहुल कुछ समझ पाता, चारों ने उसके मुंह पर काला कपड़ा डाला और हाथ-पैर बांधकर जबरन कार की सीटों के बीच में ठूंस दिया।
कमरे में रखा भूखा, एक करोड़ रुपये वसूलने की थी तैयारी
अपहरणकर्ता राहुल को करीब छह-सात घंटे तक कार में घुमाते रहे और फिर एक अनजान कमरे में बंधक बना दिया। राहुल के मुताबिक, कमरे पर अविनाश और सर्वेंद्र पहरा दे रहे थे। वे उसे खाना तक नहीं देते थे और मारपीट करते थे। आरोपियों ने राहुल से कहा, तेरे बाप से एक करोड़ रुपये वसूलने हैं। पहले 10 लाख रुपये मंगवाएंगे, फिर धीरे-धीरे कर पूरी रकम ऐंठेंगे। बता दें कि राहुल के 14 जुलाई को लापता होने पर पिता ने तालग्राम थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।
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ऐसे छूटा मौत के चंगुल से शिक्षक
बंधक बने शिक्षक राहुल ने हिम्मत नहीं हारी। एक दिन शाम को जैसे ही दोनों आरोपी दोस्तों की नजर चूकी, राहुल मौका पाकर कमरे से भाग निकला। उसने सड़क पर आकर आम जनता से मदद मांगी और किसी तरह गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कन्नौज पुलिस को मामले की जानकारी हुई। पुलिस टीम गाजियाबाद जाकर राहुल को सकुशल वापस लेकर आई, जिसका फिलहाल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
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तिर्वा के कालिकानगर (मूल निवासी गांव कटरा बहसार) के रहने वाले देशराज सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका 31 वर्षीय पुत्र राहुल राजपूत टिकुरियनपुरवा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक है। 14 जुलाई को वह स्कूल से दोपहर करीब 1:30 बजे बाइक से घर लौट रहा था। तभी सुजानसराय से तिर्वा मार्ग पर घात लगाए बैठे उसके चार दोस्तों कटरा बहसार निवासी अविनाश राजपूत, लोहामढ़ निवासी सर्वेंद्र कुमार कुशवाहा, कस्बा तिर्वा निवासी केशव पंडित और सागर ने उसे रोक लिया। इससे पहले कि राहुल कुछ समझ पाता, चारों ने उसके मुंह पर काला कपड़ा डाला और हाथ-पैर बांधकर जबरन कार की सीटों के बीच में ठूंस दिया।
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कमरे में रखा भूखा, एक करोड़ रुपये वसूलने की थी तैयारी
अपहरणकर्ता राहुल को करीब छह-सात घंटे तक कार में घुमाते रहे और फिर एक अनजान कमरे में बंधक बना दिया। राहुल के मुताबिक, कमरे पर अविनाश और सर्वेंद्र पहरा दे रहे थे। वे उसे खाना तक नहीं देते थे और मारपीट करते थे। आरोपियों ने राहुल से कहा, तेरे बाप से एक करोड़ रुपये वसूलने हैं। पहले 10 लाख रुपये मंगवाएंगे, फिर धीरे-धीरे कर पूरी रकम ऐंठेंगे। बता दें कि राहुल के 14 जुलाई को लापता होने पर पिता ने तालग्राम थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।
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ऐसे छूटा मौत के चंगुल से शिक्षक
बंधक बने शिक्षक राहुल ने हिम्मत नहीं हारी। एक दिन शाम को जैसे ही दोनों आरोपी दोस्तों की नजर चूकी, राहुल मौका पाकर कमरे से भाग निकला। उसने सड़क पर आकर आम जनता से मदद मांगी और किसी तरह गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कन्नौज पुलिस को मामले की जानकारी हुई। पुलिस टीम गाजियाबाद जाकर राहुल को सकुशल वापस लेकर आई, जिसका फिलहाल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।