{"_id":"6976650c6f2fa3d7c7061097","slug":"heavy-iron-girders-fell-on-the-road-from-the-trolley-accident-averted-kannauj-news-c-214-1-knj1006-143792-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: ट्राला से सड़क पर गिरे लोहे के भारी गर्डर, टला हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: ट्राला से सड़क पर गिरे लोहे के भारी गर्डर, टला हादसा
विज्ञापन
फोटो :11: कानपुर-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर पड़े लोहे के गार्टर। स्रोत : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन
कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र में कानपुर-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर शनिवार रात गुरसहायगंज से कानपुर की ओर जा रहे अनियंत्रित ट्राला से लोहे के भारी गर्डर सड़क पर गिर गए। घटना के समय कोई वाहन या व्यक्ति गर्डर की चपेट में नहीं आया। ट्राले पर लोहे के भारी गर्डरों को जंजीरों से बांधा गया था लेकिन मंडी समिति चौकी के पास फ्लाईओवर पर जंजीर टूट गई और गर्डर नीचे गिर गए। घटना के बाद चालक ट्राले को छोड़कर भाग गया।
शनिवार शाम आठ बजे गुरसहायगंज की ओर से आ रहे ट्राले में लोहे के गर्डर लदे हुए थे। इन्हें जंजीरों से बंधा गया था। जैसे ही ट्राला मंडी समिति के पास फ्लाईओवर पर पहुंचा तभी अचानक से उसकी जंजीर टूट गई जिससे धमाकों के साथ गर्डर सड़क पर गिर गए। कुछ गर्डर फ्लाईओवर पर हाईवे की ग्रिल तोड़ते हुए नीचे रेलवे ट्रैक के पास जा गिरे जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहगीरों ने बताया कि बहादुरपुर उज्जैना गांव के सामने अंडरपास से चालक ने बचने के लिए ट्राले को दूसरी साइड में मोड़ दिया। फिर ट्राला अनियंत्रित होकर रेलवे लाइन की ओर घुस गया।
इस बीच चालक कूदकर भाग गया। लोहे के गर्डर लगे होने के कारण ट्राला रेलवे ट्रैक पर नहीं पहुंच सका। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि अगर उस समय कोई वाहन या राहगीर पास होता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर सड़क पर गिरे गर्डर को हटवाया। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ट्राला को मंडी समिति चौकी में खड़ा करा दिया है। घटना की जांच की जा रही है। माल की ओवरलोडिंग या उसे सही ढंग से सुरक्षित न बांधना दुर्घटना का कारण हो सकता है।
कुछ देर बाद गुजरी कालिंदी एक्सप्रेस
घटना के कुछ ही देर बाद वहां से कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन गुजर गई। माना जा रहा कि ट्राला यदि चार फीट और आगे होता तो ट्रेन उससे टकरा जाती और बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन गुजर जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि रविवार सुबह तक चालक का पता नहीं चला था।
Trending Videos
शनिवार शाम आठ बजे गुरसहायगंज की ओर से आ रहे ट्राले में लोहे के गर्डर लदे हुए थे। इन्हें जंजीरों से बंधा गया था। जैसे ही ट्राला मंडी समिति के पास फ्लाईओवर पर पहुंचा तभी अचानक से उसकी जंजीर टूट गई जिससे धमाकों के साथ गर्डर सड़क पर गिर गए। कुछ गर्डर फ्लाईओवर पर हाईवे की ग्रिल तोड़ते हुए नीचे रेलवे ट्रैक के पास जा गिरे जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहगीरों ने बताया कि बहादुरपुर उज्जैना गांव के सामने अंडरपास से चालक ने बचने के लिए ट्राले को दूसरी साइड में मोड़ दिया। फिर ट्राला अनियंत्रित होकर रेलवे लाइन की ओर घुस गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बीच चालक कूदकर भाग गया। लोहे के गर्डर लगे होने के कारण ट्राला रेलवे ट्रैक पर नहीं पहुंच सका। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि अगर उस समय कोई वाहन या राहगीर पास होता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर सड़क पर गिरे गर्डर को हटवाया। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ट्राला को मंडी समिति चौकी में खड़ा करा दिया है। घटना की जांच की जा रही है। माल की ओवरलोडिंग या उसे सही ढंग से सुरक्षित न बांधना दुर्घटना का कारण हो सकता है।
कुछ देर बाद गुजरी कालिंदी एक्सप्रेस
घटना के कुछ ही देर बाद वहां से कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन गुजर गई। माना जा रहा कि ट्राला यदि चार फीट और आगे होता तो ट्रेन उससे टकरा जाती और बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन गुजर जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि रविवार सुबह तक चालक का पता नहीं चला था।
