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Kannauj News: सौरिख के खंड शिक्षा अधिकारी का निलंबन निरस्त
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फोटो :34: बीईओ विश्वनाथ पाठक। स्रोत : सोशल मीडिया
कन्नौज। भ्रष्टाचार व उत्पीड़न के आरोप में सौरिख ब्लॉक के बीईओ विश्वनाथ पाठक को अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल ने निलंबित करते हुए एडी बेसिक कानपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। छिबरामऊ एसडीएम और बीएसए ने बीईओ के पक्ष में पत्र लिखा था, जिस पर विचार करते हुए बीईओ के निलंबन को निरस्त कर दिया गया है।
सौरिख ब्लॉक के ग्राम पिपरिया स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक कल्पना पाल ने 24 अप्रैल 2026 को शपथ पत्र के साथ उच्चाधिकारियों से बीईओ विश्वनाथ पाठक की लिखित शिकायत की थी। आरोप था कि दिसंबर 2025 में स्कूल की मरम्मत कार्य के लिए 4,62,796 रुपये का बजट आया था। इस धनराशि को जारी करने और पास कराने के एवज में बीईओ उन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 20 प्रतिशत कमीशन देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने रिश्वत देने से साफ मना कर दिया, तो बीईओ ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके अलावा चार बार सीसीएल निरस्त किए जाने का भी आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सात मई 2026 को बीईओ विश्वनाथ पाठक से स्पष्टीकरण मांगा था। 16 मई को बीईओ द्वारा दिया गया जवाब पूरी तरह असंतोषजनक और अस्वीकार्य पाया गया। इसके बाद तत्कालीन अपर शिक्षा निदेशक ने निलंबित कर दिया था।
अपर शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने पत्र जारी कर बताया कि एसडीएम छिबरामऊ और बीएसए ने बीईओ के पक्ष में निदेशक को पत्र लिखा था, जिस पर विचार करने के बाद बीईओ के निलंबन को निरस्त कर दिया। अनुशासनिक कार्रवाई के लिए आरोप पत्र निर्गत किया जाएगा।
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कन्नौज। भ्रष्टाचार व उत्पीड़न के आरोप में सौरिख ब्लॉक के बीईओ विश्वनाथ पाठक को अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल ने निलंबित करते हुए एडी बेसिक कानपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। छिबरामऊ एसडीएम और बीएसए ने बीईओ के पक्ष में पत्र लिखा था, जिस पर विचार करते हुए बीईओ के निलंबन को निरस्त कर दिया गया है।
सौरिख ब्लॉक के ग्राम पिपरिया स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक कल्पना पाल ने 24 अप्रैल 2026 को शपथ पत्र के साथ उच्चाधिकारियों से बीईओ विश्वनाथ पाठक की लिखित शिकायत की थी। आरोप था कि दिसंबर 2025 में स्कूल की मरम्मत कार्य के लिए 4,62,796 रुपये का बजट आया था। इस धनराशि को जारी करने और पास कराने के एवज में बीईओ उन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 20 प्रतिशत कमीशन देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने रिश्वत देने से साफ मना कर दिया, तो बीईओ ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके अलावा चार बार सीसीएल निरस्त किए जाने का भी आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सात मई 2026 को बीईओ विश्वनाथ पाठक से स्पष्टीकरण मांगा था। 16 मई को बीईओ द्वारा दिया गया जवाब पूरी तरह असंतोषजनक और अस्वीकार्य पाया गया। इसके बाद तत्कालीन अपर शिक्षा निदेशक ने निलंबित कर दिया था।
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अपर शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने पत्र जारी कर बताया कि एसडीएम छिबरामऊ और बीएसए ने बीईओ के पक्ष में निदेशक को पत्र लिखा था, जिस पर विचार करने के बाद बीईओ के निलंबन को निरस्त कर दिया। अनुशासनिक कार्रवाई के लिए आरोप पत्र निर्गत किया जाएगा।