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Kannauj News: सवर्ण आर्मी का यूजीसी कानून के खिलाफ प्रदर्शन

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jan 2026 10:46 PM IST
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Upper caste army protests against UGC law
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कन्नौज। सवर्ण आर्मी ने मंगलवार को यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नवनीता राय को सौंपा। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और इस कानून को काला कानून बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी है कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
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सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष अमित दुबे के नेतृत्व में संगठन के सदस्य गैस एजेंसी के पास एकत्र हुए। वहां से एक जुलूस निकाला गया जो कलक्ट्रेट तक पहुंचा। कहा कि सरकार लगातार सवर्णों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी जैसे कानून लाकर सरकार ने उनके बच्चों और उनके भविष्य को कुचलने का प्रयास किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जिला संयोजक रमाकांत पांडेय ने कहा कि पहले आरक्षण लागू करके उनके समाज की प्रतिभाओं को कुचला गया और अब शिक्षण संस्थाओं में उनके बच्चों के साथ भेदभाव करने वाला कानून लाया गया है। उन्होंने कहा कि वे सभी इस कानून के खिलाफ हैं। रमाकांत पांडेय ने कहा कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो वे सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्य पवन पांडेय, सुमित मिश्रा, सचिन पांडेय, विशाल मिश्रा, शिवम मिश्रा, जय दुबे, राजेंद्र प्रसाद दीक्षित, गोपाल पांडेय, हर्षित दुबे, आलोक दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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छिबरामऊ में किया विरोध

फोटो:16: एसडीएम को ज्ञापन सौंपते सवर्ण समाज के लोग। संवाद

छिबरामऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए जा रहे नए कानून के विरोध में मंगलवार को युवाओं ने तहसील पहुंचकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी को सौंपा गया। सभासद पंकज दुबे के नेतृत्व में तहसील पहुंचे युवाओं ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में विस्तार से अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनका तर्क है कि यह नया कानून अनारक्षित वर्ग के छात्रों के बीच भय का माहौल पैदा कर रहा है। उनका मानना है कि इन संशोधनों से ही एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हो सकेगा, जहां सभी छात्र बिना किसी डर या भेदभाव के अपना विकास कर सकें। इस विरोध प्रदर्शन में अमित तिवारी, रवीश तिवारी, पुष्कर दुबे, अंकित दुबे, रूपेश दुबे, हैपी मिश्रा, अंकित तिवारी, शैलेंद्र सिंह गौर आदि मौजूद थे। (यूजीसी)
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