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Kannauj News: पंचायत सहायक भर्ती में चहेते का चयन, वीडीओ निलंबित
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कन्नौज। ब्लॉक हसेरन के अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्री में पंचायत सहायक की भर्ती में गड़बड़ी करने वाले ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सूरज कुमार पटेल को जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी ने गुरुवार को निलंबित कर दिया है। वीडीओ पर एक ही दिन में मनमाने तरीके से दो अलग-अलग बैठकें दिखाकर मेरिट से खिलवाड़ करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
ग्राम पंचायत कर्री में पंचायत सहायक की भर्ती को लेकर कुल छह आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन के लिए 10 अप्रैल को ग्राम पंचायत की बैठक थी। इस बैठक में सर्वाधिक अंक होने के कारण आवेदक आकृति का चयन किया गया। सूरज पटेल ने इसी दिन बड़ा झोल कर दिया। उन्होंने उसी समय एक और दूसरी बैठक दर्शाते हुए केवल पांच अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र दिखाए और नियमों को ताक पर रखकर प्रशांत कुमार को सर्वाधिक अंक का बताकर उसका चयन कर दिया। आकृति के आवेदन को आउट आफ डेट बताकर चयन प्रक्रिया से ही बाहर कर दिया और फाइल जिला स्तर पर भेज दी।
पीड़ित आकृति ने जब इस धांधली के खिलाफ 17 जून को शिकायत दर्ज कराई तो जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि आपत्ति के बाद सात मई को दोबारा बैठक कर आकृति का चयन तो किया गया लेकिन पत्रावली में भारी कमियां थीं। जिला स्तरीय कमेटी ने 23 मई को इस पत्रावली पर चार बिंदुओं पर आपत्ति लगाते हुए इसे प्रशासनिक समिति को वापस भेज दिया था।
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जांच में सूरज कुमार पटेल की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। ग्राम विकास अधिकारी सूरज पटेल पर कुल छह गंभीर आरोप तय किए गए हैं। सूरज कुमार पटेल को विकास खंड छिबरामऊ से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच खंड विकास अधिकारी छिबरामऊ को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन के भीतर आरोप पत्र तैयार कर और उसका अनुमोदन कराकर, साक्ष्यों के साथ जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपें।
ग्राम पंचायत कर्री में पंचायत सहायक की भर्ती को लेकर कुल छह आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन के लिए 10 अप्रैल को ग्राम पंचायत की बैठक थी। इस बैठक में सर्वाधिक अंक होने के कारण आवेदक आकृति का चयन किया गया। सूरज पटेल ने इसी दिन बड़ा झोल कर दिया। उन्होंने उसी समय एक और दूसरी बैठक दर्शाते हुए केवल पांच अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र दिखाए और नियमों को ताक पर रखकर प्रशांत कुमार को सर्वाधिक अंक का बताकर उसका चयन कर दिया। आकृति के आवेदन को आउट आफ डेट बताकर चयन प्रक्रिया से ही बाहर कर दिया और फाइल जिला स्तर पर भेज दी।
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पीड़ित आकृति ने जब इस धांधली के खिलाफ 17 जून को शिकायत दर्ज कराई तो जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि आपत्ति के बाद सात मई को दोबारा बैठक कर आकृति का चयन तो किया गया लेकिन पत्रावली में भारी कमियां थीं। जिला स्तरीय कमेटी ने 23 मई को इस पत्रावली पर चार बिंदुओं पर आपत्ति लगाते हुए इसे प्रशासनिक समिति को वापस भेज दिया था।
जांच में सूरज कुमार पटेल की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। ग्राम विकास अधिकारी सूरज पटेल पर कुल छह गंभीर आरोप तय किए गए हैं। सूरज कुमार पटेल को विकास खंड छिबरामऊ से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच खंड विकास अधिकारी छिबरामऊ को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन के भीतर आरोप पत्र तैयार कर और उसका अनुमोदन कराकर, साक्ष्यों के साथ जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपें।