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Kannauj News: बिना सुरक्षा मानकों के संचालित वाटर पार्क
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कन्नौज। उमस भरी गर्मी के साथ ही अवैध वाटर पार्कों का संचालन शुरू हो गया है। यह हर साल एक खतरनाक ट्रेंड बन गया है। पहले भी कई ऐसे वाटर पार्क पकड़े गए हैं जो बिना एनओसी, बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे थे। इसके बावजूद कई प्रशासनिक अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। हादसा जब हो जाता है, तभी छापा मारा जाता है। इसके बाद कवायद ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है।
मानकों के नाम पर वाटर पार्कों में कुछ भी नजर नहीं आता। स्लाइड टूटी हुई, पानी में क्लोरीन नहीं, लाइफगार्ड नहीं, फर्स्ट एड किट नहीं। नतीजा कई जगह बच्चों और युवाओं की डूबने से मौत हो चुकी है। वाटर पार्क तभी खुले तो उसके पास नगर पालिका, फायर विभाग और स्वास्थ्य विभाग का एनओसी हो। हर सीजन से पहले स्ट्रक्चर ऑडिट, स्लाइड की मजबूती, पानी की क्वालिटी टेस्ट होना भी जरूरी है। 25 लोगों पर कम से कम एक प्रशिक्षित लाइफगार्ड होना चाहिए। जिनके पास सीपीआर और रेस्क्यू रिंग, हुक, लाइफ जैकेट का पूरा सेट हो।
लाइफगार्ड की नजर हर पल पानी पर हो। पूल में हर तीन फीट पर गहराई लिखी हो। बच्चों के लिए अलग से उथला पूल हो। बिना क्लोरीन और फिल्टर का पानी बैक्टीरिया और आंख-कान के संक्रमण का कारण बन जाता है। वाटर पार्क में डॉक्टर या प्रशिक्षित स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, एईडी मशीन और एंबुलेंस का नंबर डिस्प्ले पर हो। बिजली का शॉक, फिसलना, डूबना जैसी स्थिति के लिए हर महीने ड्रिल होना भी जरूरी है।
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केस-1: 20 जून 2024
वाटर पार्क में मारपीट से युवक की हो गई थी मौत
कस्बे गुरसहायगंज के इंदुइयागंज स्थित वाटर पार्क में दो गुटों के बीच मारपीट में अरबाज नामक युवक की मौत हो गई थी। तब अधिकारियों ने इस वाटर पार्क को बंद करवा दिया था। हालांकि यह वाटर पार्क बंद करवा दिया गया था और अभी तक बंद है, लेकिन इसके बाद सुरक्षा व मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया।
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केस-2: 17 मई 2025
स्वीमिंग पूल में डूबकर हो गई थी 10 साल के बच्चे की मौत
कस्बा सौरिख स्थित पीडी गर्ल्स स्कूल के स्वीमिंग पूल में मोहल्ला इस्लाम नगर निवासी इस्तखार के 10 वर्षीय पुत्र इशान की छह फुट गहरे पूल में सीढ़ियों के सहारे उतरते समय गहराई में चले जाने से डूब कर मौत हो गई थी। मौके पर सुरक्षा व बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। हालांकि संचालक ने बच्चे को पानी से निकालकर सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद संचालक मौके से फरार हो गया था।
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जिले में अवैध स्वीमिंग पूल और वाटर पार्कों को बंद कराने के निर्देश सभी तहसीलों के एसडीएम को दिए गए हैं। यदि बिना मानक संचालित मिले तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-देवेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी
मानकों के नाम पर वाटर पार्कों में कुछ भी नजर नहीं आता। स्लाइड टूटी हुई, पानी में क्लोरीन नहीं, लाइफगार्ड नहीं, फर्स्ट एड किट नहीं। नतीजा कई जगह बच्चों और युवाओं की डूबने से मौत हो चुकी है। वाटर पार्क तभी खुले तो उसके पास नगर पालिका, फायर विभाग और स्वास्थ्य विभाग का एनओसी हो। हर सीजन से पहले स्ट्रक्चर ऑडिट, स्लाइड की मजबूती, पानी की क्वालिटी टेस्ट होना भी जरूरी है। 25 लोगों पर कम से कम एक प्रशिक्षित लाइफगार्ड होना चाहिए। जिनके पास सीपीआर और रेस्क्यू रिंग, हुक, लाइफ जैकेट का पूरा सेट हो।
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लाइफगार्ड की नजर हर पल पानी पर हो। पूल में हर तीन फीट पर गहराई लिखी हो। बच्चों के लिए अलग से उथला पूल हो। बिना क्लोरीन और फिल्टर का पानी बैक्टीरिया और आंख-कान के संक्रमण का कारण बन जाता है। वाटर पार्क में डॉक्टर या प्रशिक्षित स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, एईडी मशीन और एंबुलेंस का नंबर डिस्प्ले पर हो। बिजली का शॉक, फिसलना, डूबना जैसी स्थिति के लिए हर महीने ड्रिल होना भी जरूरी है।
केस-1: 20 जून 2024
वाटर पार्क में मारपीट से युवक की हो गई थी मौत
कस्बे गुरसहायगंज के इंदुइयागंज स्थित वाटर पार्क में दो गुटों के बीच मारपीट में अरबाज नामक युवक की मौत हो गई थी। तब अधिकारियों ने इस वाटर पार्क को बंद करवा दिया था। हालांकि यह वाटर पार्क बंद करवा दिया गया था और अभी तक बंद है, लेकिन इसके बाद सुरक्षा व मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया।
केस-2: 17 मई 2025
स्वीमिंग पूल में डूबकर हो गई थी 10 साल के बच्चे की मौत
कस्बा सौरिख स्थित पीडी गर्ल्स स्कूल के स्वीमिंग पूल में मोहल्ला इस्लाम नगर निवासी इस्तखार के 10 वर्षीय पुत्र इशान की छह फुट गहरे पूल में सीढ़ियों के सहारे उतरते समय गहराई में चले जाने से डूब कर मौत हो गई थी। मौके पर सुरक्षा व बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। हालांकि संचालक ने बच्चे को पानी से निकालकर सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद संचालक मौके से फरार हो गया था।
जिले में अवैध स्वीमिंग पूल और वाटर पार्कों को बंद कराने के निर्देश सभी तहसीलों के एसडीएम को दिए गए हैं। यदि बिना मानक संचालित मिले तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-देवेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी