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उन्नाव: तीन दिन की बारिश में जनपद में गिरे 117 कच्चे घर, अधेड़ की मौत, 15 मवेशी मरे
Mon, 28 Sep 2026 01:24 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:24 PM IST
सार
Unnao News: जिला प्रशासन ने तहसील अधिकारियों से सर्वे कराया। मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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मोहल्ला लोकनगर में भरा बारिश का पानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जनपद में 66 घंटे में 215 मिलीमीटर (मिमी) बारिश से 117 कच्चे घर गिरे हैं। आसीवन में एक अधेड़ की गिरे कच्चे घर की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं 15 मवेशी भी मरे हैं। जिला प्रशासन ने तहसील अधिकारियों से सर्वे कराने के बाद मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार रात से शुरु हुई बारिश रविवार दोपहर दो बजे तक जारी रही थी। इस समयावधि में करीब 117 घरगिरी के मामले सामने आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा बीघापुर में 40, हसनगंज में 18, बांगरमऊ व सफीपुर में 16-16, पुरवा में 15 और सदर में 12 घर गिरे हैं। आसीवन थानाक्षेत्र के कस्बा रसूलाबाद के मोहल्ला फिरोजनगर निवासी रामचंद्र लोध (56) शनिवार रात घर के पीछे बनी कच्ची कोठरी में भैंस का दूध निकाल रहा था। तभी बारिश होने से कच्ची कोठरी की छत ढह गई थी और वह उसी में मलबे में दब गया था। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। वहीं अलग-अलग क्षेत्रों में 15 मवेशियों की भी मौत हुई है। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि तहसील अधिकारियों से सर्वे कराया गया है। संबंधित मामलों में मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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बृहस्पतिवार रात से शुरु हुई बारिश रविवार दोपहर दो बजे तक जारी रही थी। इस समयावधि में करीब 117 घरगिरी के मामले सामने आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा बीघापुर में 40, हसनगंज में 18, बांगरमऊ व सफीपुर में 16-16, पुरवा में 15 और सदर में 12 घर गिरे हैं। आसीवन थानाक्षेत्र के कस्बा रसूलाबाद के मोहल्ला फिरोजनगर निवासी रामचंद्र लोध (56) शनिवार रात घर के पीछे बनी कच्ची कोठरी में भैंस का दूध निकाल रहा था। तभी बारिश होने से कच्ची कोठरी की छत ढह गई थी और वह उसी में मलबे में दब गया था। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। वहीं अलग-अलग क्षेत्रों में 15 मवेशियों की भी मौत हुई है। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि तहसील अधिकारियों से सर्वे कराया गया है। संबंधित मामलों में मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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