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Banda: पिता ने पुत्री पर किया जानलेवा हमला, अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया
Sat, 02 May 2026 07:46 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 02 May 2026 07:46 PM IST
सार
Banda News: पुत्री पर जानलेवा हमला करने वाले पिता को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई। पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बांदा जिले के सर्वोदय नगर में एक पिता ने अपनी ही 12 वर्षीय नाबालिग पुत्री पर चाकू से जानलेवा हमला किया। इस जघन्य अपराध के लिए अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने शनिवार को दोषी पिता सुनील धुरिया को 10 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है। अदालत ने उस पर पांच रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी अदायगी न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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यह मामला 1 सितंबर 2023 की भोर लगभग 4:30 बजे का है जब सुनील धुरिया ने अपनी 12 वर्षीय पुत्री प्रियांशी पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। 11 वर्षीय पुत्र प्रियांशू अपनी बहन को बचाने दौड़ा तो सुनील ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी थी। घबराए हुए प्रियांशू के चिल्लाने पर आस-पड़ोस के लोग और मकान मालिक जाग गए थे।
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उन्होंने दरवाजा खुलवाकर घायल प्रियांशी को सदर अस्पताल, बांदा में भर्ती कराया था। कोतवाली नगर में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक दानबहादुर पाल ने 2 सितंबर 2023 को इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सूचना मिलने पर उप निरीक्षक दानबहादुर पाल और आरक्षी अमित कुमार जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां उन्हें घटना की विस्तृत जानकारी मिली थी। विवेचना के बाद दो नवंबर 2023 को सुनील के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।
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अदालत ने चार मार्च 2024 को सुनील के विरुद्ध आरोप तय किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 23 पृष्ठों के फैसले में पिता सुनील धुरिया को अपनी पुत्री पर जानलेवा हमला करने का दोषी पाया। दोषी पिता सुनील धुरिया घटना के समय से ही मंडल कारागार में निरुद्ध है। फैसले के बाद उसका वारंट बनाकर उसे पुनः जेल भेज दिया गया।