UP SIR: मान न मान...मैं तेरा मेहमान, सईदा के घर राजेश का वोट; कच्ची मतदाता सूची में गड़बड़ियां, पढ़ें मामला
Banda News: बांदा में मतदाता पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट सूची भारी त्रुटियों से भरी है। कई मकानों में अनजान लोगों के नाम जोड़ दिए गए हैं और हिंदू-मुस्लिम मतदाताओं के पते आपस में बदल दिए गए हैं।
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बांदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी हुई मतदाता ड्राफ्ट सूची ने गृह स्वामियों की परेशानी बढ़ा दी है। कई मतदाताओं के घरों में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हो गए हैं, जिन्हें वे जानते तक नहीं, मानो 'मान न मान, मैं तेरा मेहमान' की तर्ज पर सूची तैयार की गई हो। इससे भी गंभीर बात यह है कि एक ही मकान में रहने वाले हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं के नाम आपस में बदल दिए गए हैं, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है। अब लोग इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए बूथों और बीएलओ के चक्कर लगा रहे हैं।
पड़ोसियों और अनजानों को बना दिया बाशिंदा
चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में सुधार का दावा किया था, लेकिन जारी हुई ड्राफ्ट सूची ने इन दावों की पोल खोल दी है। कई विधानसभा क्षेत्रों में पुरानी गड़बड़ियां जस की तस बनी हुई हैं, और पुनरीक्षण प्रक्रिया में भी नई गलतियां की गई हैं।
नूरजहां के घर में सुधा का वोट
बांदा शहर के भाग संख्या-105 में मुस्लिम महिला सईदा के मकान नंबर 234 में राजेश कुमार पुत्र भगवती का नाम दर्ज है। इसी प्रकार, मकान नंबर 271 में गृह स्वामी नूरजहां के घर सुधा पत्नी अमर नाथ का नाम जोड़ा गया है। भाग संख्या-105 में ही एक हिंदू मतदाता पूनम पत्नी जितेंद्र के मकान में मुस्लिम वोटर हुस्ने आलम पुत्र लियाकत का नाम भी पाया गया है।
गौसिया के घर में छह हिंदू और छह मुस्लिम मतदाता
भाग संख्या-124 में मकान नंबर 383 में कुल 12 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें छह हिंदू और छह मुस्लिम हैं। यहां गौसिया के नाम के बाद लगातार क्रम में उज्जैन सिंह, रमेश सिंह, उर्मिला, लज्जावती, रेखा और मनीष सिंह जैसे हिंदू नाम हैं, तो वहीं अयाजुद्दीन, आशिफ समी, सैय्यद आकिल समी, आदिल समी और नादिर जैसे मुस्लिम मतदाता भी उसी पते पर दर्ज हैं।
निजामुद्दीन को पता नहीं, उनके घर आठ अनजान मतदाता
मर्दन नाका (पूर्वी) भाग संख्या-124 में मकान नंबर 415 के मालिक निजामुद्दीन के घर आठ ऐसे अनजान नाम दर्ज हैं, जिनका निजामुद्दीन से कोई संबंध नहीं है। इन अजनबियों में नफीसा बेगम, सगीर, हसना, मो. हमीद, मुईद अहमद, हफीज, मो. शकील और मो. वकील शामिल हैं।
मतदाताओं की संख्या और सूची से हटाए गए नाम
एसआईआर अभियान के तहत जिले से 1.75 हजार मतदाताओं को सूची से हटा दिया गया है, क्योंकि उनके पास 2003 की सूची से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं थे। अनंतिम सूची के अनुसार, जनपद में अब 11,74,100 मतदाता बचे हैं, जिनमें 6,51,173 पुरुष और 5,22,891 महिला मतदाता हैं। पुनरीक्षण से पहले बबेरू में 3,47,882, नरैनी में 3,55,452, तिदवारी में 3,26,823 और सदर विधानसभा में 3,19,364 मतदाता थे, जो अब घटकर बबेरू में 3,02,938, नरैनी में 3,10,123, तिदवारी में 2,95,776 और सदर विधानसभा में 2,65,263 रह गए हैं।
जो भी त्रुटियां सामने आएंगी, उन्हें विशेष अभियान के तहत बूथों पर जाकर ठीक कराया जाएगा और इसके लिए बीएलओ फार्म भरवाएंगे। -कुमार धर्मेंद्र, उपनिर्वाचन अधिकारी